बच्चे होंगे स्मार्ट तो काशी बन जायेगी स्मार्ट सिटी  

बच्चे होंगे स्मार्ट तो काशी बन जायेगी स्मार्ट सिटी  
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सुझाव देने के लिए बच्चों ने चलाया हस्ताक्षर अभियानवाराणसी स्मार्ट तभी बनेगा जब काशीवासी स्मार्ट बनेंगे

वाराणसी. प्रगति पथ फ़ाउंडेशन और सामाजिक संस्था हमारा बचपन की ओर से रुप्पनपुर में मलिन बस्तियों के बच्चों ने स्मार्ट सिटी वाराणसी के लिए लोगों को जागरूक करने के लिए हस्ताक्षर अभियान चलाया और वाराणसी को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए सुझाव भी दिया। इस हस्ताक्षर अभियान में मुस्कान चाइल्ड क्लब के बच्चों ने भी बड़े ही उत्साह से अपनी सहभागिता निभाई और सुझाव दिया।
मुस्कान चाइल्ड क्लब की चाइल्ड लीडर जिज्ञासा ने बताया कि शहर के विकास के लिए जो भी योजनाएँ बनती है, उसमें बच्चों के हितों को ध्यान में नहीं रखा जाता है और न ही योजना बनाते समय बच्चों से सुझाव लिया जाता है। जबकि बाल हितैषी शहर के लिए हम बच्चों की भी सहभागिता आवश्यक है। आज वाराणसी को स्मार्ट सिटी बनाने की योजना बन रही है, हम बच्चों के लिए यह अच्छा अवसर है कि हम अपना भी सुझाव दें। 
संध्या, जो कि सरकारी प्राथमिक विद्यालय की छात्रा है, सुझाव दिया कि सरकारी स्कूल में एक ही कमरे में कई कक्षाएं चलती हैं और हमें जमीन पर बैठना होता है। वाराणसी स्मार्ट सिटी तभी बनेगा जब बच्चे स्मार्ट बनेंगे, इसके लिए हमारे स्कूल भी स्मार्ट होने चाहिए। सरकारी स्कूल में अलग अलग कक्षाओं के लिए अलग अलग कमरे होने चाहिए और भी बहुत कुछ।
किशन ने सुझाव दिया कि शहर में जो सामुदायिक शौचालय हैं, उनमें सभी सुविधाएं बड़ों के लिए है, जिससे बच्चों को शौचालय का इस्तेमाल करने में असुविधा होती है। इसलिए मेरा सुझाव है कि बच्चों के लिए सामुदायिक शौचालय में बच्चों के अनुसार सुविधाएं होनी चाहिए।
आँचल ने सुझाव दिया शहर की सड़कों पर कहीं भी जेब्रा क्रॉसिंग नहीं है, जिससे सड़क पार करने में हमें खतरा होता है। इसलिए सड़क पर जेब्रा क्रॉसिंग और सिग्नल होना चाहिए, जिससे हम सड़क पार सुरक्षित रह सकें।
राहुल ने सुझाव दिया कि बच्चों को खेलने के लिए पार्क और मैदान नहीं है। वाराणसी को स्मार्ट सिटि बनाने की योजना में बच्चों के लिए पार्क व खेल का मैदान अवश्य होना चाहिए।
लवली ने कहा कि हमारे मोहल्ले में कई दिन तक गलियों और सड़कों कूड़े नहीं उठते हैं जिससे हमें कई प्रकार की बीमारियाँ हो जाती हैं। स्मार्ट सिटि के लिए जरूरी है कि गलियों और सड़कों से नियमित कूड़े का उठान होना चाहिए।
नीलम पटेल ने हमारा बचपन कैम्पेन के बारे में बताते हुये कहा कि इस कैम्पेन का उद्देश्य शहर को बालहितैषी बनाना है, जिसमें बच्चे खुद अपने अधिकारों की पैरवी करें। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुये यह कार्यक्रम पूर्णतया बच्चों के द्वारा बच्चों के लिए सिद्धान्त पर आयोजित की गयी। इस तरह के आयोजन से बच्चों में नेतृत्व क्षमता का विकास हुआ।
कार्यक्रम में नीलम पटेल, नूतन त्रिपाठी, संगीता मिश्रा, अजित सिंह, अनु सेठ, दिनेश प्रताप और दीपक पुजारी के साथ साथ कोमल, काजल, पिंटू, मुस्कान, पूजा, राहुल, सुनील, प्रीति, रूमा, झिलमिल बच्चों, उनके  अभिभावक और बस्ती के लोगों ने अपने सुझाव दिया।
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