वाराणसी में दूसरी बार लीक हुई क्लोरीन गैस, एसटीपी प्लांट में लीकेज के बाद खाली कराया गया इलाका

वाराणसी के दीनापुर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में शनिवार की रात क्लोरीन गैस लीक होने के बाद आसपास का इलाका लोगों से खाली करा लिया गया। रिसाव के चलते लोगों को सांस फूलने और तेज खांसी जैसी शिकायत महसूस हुई, जिसके बाद 50 से अधिक लोग इलाके के निजी अस्पताल पहुंचे और उपचार कराया।

वाराणसी. यूपी के वाराणसी में एक बार फिर क्लोरीन गैस के रिसाव की घटना सामने आयी है। वाराणसी के दीनापुर स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट परिसर में शनिवार की रात क्लोरीन गैस के रिसाव के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई। सुरक्षा की दृष्टि से इलाके के कुछ गांवों से परिवारों को वहां से हटा दिया गया। गैस रिसाव के चलते लोगों को खांसी और सांस लेने में तकलीफ जैसी दिक्कत होने लगी। करीब 50 से अधिक लोगों ने नजदीक के प्राइवेट अस्पताल पहुंचकर अपना इलाज कराया। बताया जा रहा है कि रिसाव का असर तीन किलोमीटर के क्षेत्र में रहने वालों तक हुआ। बताते चलें कि इसके पहले बीच शहर में कमच्छा स्थित जलकल संस्थान में भी क्लोरीन रिसाव की घटना सामने आयी थी, जिसके बाद आठ लोगों को अस्पताल ले जाना पड़ा था।

 

शनिवार की देर शाम दीनापुर एसटीपी के नजदीक रहने वालों को तकलीफ महसूस हुई। महिलाओं और बच्चों को खांसी आने लगी। लोगों का दम घुटने लगा। एक साथ सभी को दिक्कत के बाद लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए। इस दौरान बारिश ने उनकी मुसीबत और बढ़ा दी। लोग वहां से भागकर दूर हो गए। उधर जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंचे और लोगों को वहां से जाने को कहा गया। लोगों को एहतियातन पंचक्रोशी चौराहे तक हटा दिया गया। दीनापुर, रघुनाथपुर और सलारपुर के 40 परिवारों के करीब 200 लोगों को वहां से हटा दिया गया। फायर ब्रिगेड की टीम भी मौके पर पहुंची लेकिन ऑक्सीजन चेम्बर नहीं होने के चलते उन्होंने हाथ खड़े कर दिये। तत्काल पुलिस ने एनडीआरएफ को सूचित किया। इस बीचेतगंज से फायर ब्रिगेड की टीम ने ब्रीथिंग किट पहनकर रिसाव को बंद कर दिया था, जिससे स्थिति कुछ नियंत्रण में आ गई। एनडीआरएफ के 36 जवानों की टीम रात 9.45 बजे के आसपास पहुंची और वहां राहत कार्य शुरू किया गया।

 

एसटीपी के नजदीक रहने वालों की मानें तो सांस लेने में तकलीफ के चलते बच्चे छटपटाने लगे। बड़ों को भी खांसी और सांस लेने में दिक्कत होने लगी। लोग बच्चों को लेकर पानी में भीगते हुए वहां से भागे। ज्यादातर लोगों को सांस फूलने और खांसी की शिकायत रही। नजदीक के एक अस्पताल में जाकर लोगों ने इलाज कराया। लोगों को इनहेलर से भी आराम मिला। लोगों का कहना था कि अचानक तेज गंध आयी और कुछ सोचने का मौका भी नहीं मिला कि सांस फूलने लगी और तेज खांसी आने लगी।

रफतउद्दीन फरीद
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