मुलायम के आजमगढ़ में सीएम के लिए ये हैं सबसे बड़ी चुनौती, किया था ये वादा

मुलायम के आजमगढ़ में सीएम के लिए ये हैं सबसे बड़ी चुनौती, किया था ये वादा
Cm Yogi Adityanath

आजमगढ़वासियों में बिजली को लेकर नाराजगी बरकरार

वाराणसी. सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के संसदीय क्षेत्र आजमगढ़ में सीएम के रूप में पहली बार आ रहे योगी आदित्यनाथ के सामने बिजली आपूर्ति सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। विरोधी दल के अलावा आम जनता भी इसका जवाब जानना चाहती है। पूर्व सरकार में शहर में 24 घंटे बिजली मिलती थी, मगर भाजपा के सत्ता में आने पर शहर से लेकर गावों और तहसीलों में बिजली व्यवस्था बेपटरी हो गई है। गांवों में मात्र 10 से 12 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। वहीं शहरवासी भी अघोषित कटौती से जूझ रहे हैं। 





यूपी में योगी सरकार के अस्तित्वम में आये लगभग तीन महीने से होने वाले हैं लेकिन अब तक इस सरकार में मुलायम सिंह यादव के संसदीय क्षेत्र आजमगढ़ की अनदेखी ही हुई है। खासतौर पर विद्युत के मामले में। सपा सरकार में जिले को 24 घंटे बिजली मिलती थी लेकिन आज चौदह घंटे के लाले पड़े है। वैसे इसके लिए सरकार से ज्याादा विभाग जिम्मे दार है लेकिन आम आदमी खुद को ठगा महसूस कर रहा है और इसकी वजह जिले में बीजेपी की हार को मान रहा है।




पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने दिया था 24 घंटे बिजली का तोहफा
बीजेपी ने यूपी में भले ही बड़ी जीत हासिल की हो लेकिन उसे आजमगढ़ की दस सीटों में से मात्र एक सीट पर सफलता मिली। नौ सीटों पर सपा और बसपा का कब्जाि है। कहीं न कहीं भाजपाइयों को इसका मलाल है। हो भी क्योंम न करीब चार सीटों पर वे करीबी मुकाबले में हारे है। इस बार उनके पास मौका था कि मुलायम के गढ़ में खुद को साबित कर सके लेकिन वे ऐसा नहीं कर सके।





अब इसका असर साफ दिख रहा है। वर्ष 2014 में सपा मुखिया के यहां सांसद चुने जाने के बाद अखिलेश यादव की सरकार ने आजमगढ़ को चौबीस घंटे बिजली का तोहफा दिया था। जिले को 24 घंटे बिजली भले ही न मिली हो लेकिन 20 घंटे से कम कभी नहीं मिली लेकिन आज हालात बदले हुए है।




नई सरकार आने के बाद शहर हो या गांव यहां हालात बदले हुए है। बिजली की अंधा धुंध कटौती से किसान व्य वसायी दोनों परेशान है। स्थिति यह है कि शहर हो या गांव चौदह घंटे से अधिक बिजली नहीं मिल रही है। वह भी उस हाल में जब शहर में चौबीस घंटे और गांव में 18 घंटे बिजली आपूर्ति का आदेश है। ऐसा क्यों  है विभाग के लोग भी कुछ खुलकर बोलने के लिए तैयार नहीं है। अधिकारी बस इतना कहते है कि तेज हवा के कारण शहर में फाल्टह आ रहे है तो गांवों में फसलों के आग लगने का खतरा है जिसके कारण बिजली काटी जा रही है। लेकिन जर्जर तारों को बदलने की कार्रवाई आज तक शुरू नहीं हुई है। नगर के हाफिजपुर में 400 केवी और 220 केवी के उपकेंद्र से ही आजमगढ़ के साथ ही जौनपुर जिले में भी बिजली की आपूर्ति की जाती है। 400 केवी उपकेंद्र से 220 केवी को भी आपूर्ति की जाती है। 220 केवी उपकेंद्र से ही नगर के सिधारी के 123 केवी, बलरामपुर स्थित 33 केवी और भंवरनाथ/जाफरपुर 33 केवी के जरिए शहर में भी आपूर्ति की जाती है। 






बतादें कि पिछली सरकार में 400 केवी उपकेंद्र पर 315 एमवीए के दो ट्रांसफार्मर लगाए गए थे। इसमें से एक ट्रांसफार्मर की जगह पर पिछली सरकार ने वर्ष 2014 में 11 करोड़ का पांच सौ एमवीए का ट्रांसफार्मर लागने की मंजूरी दी थी। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होने पर नई सरकार के आते ही जिले में बिजली आपूर्ति में और सुधार लाने के लिए 18 मार्च से शहर के हाफिजपुर सबस्टेशन पर पांच सौ एमवीए का ट्रांसफार्मर लगाने की कवायद शुरू की गई। अधिकारियों ने कहा था 500 एमवीए का ट्रांसफार्मर लगाए जाने का कार्य शुरू किए जाने से 30 अप्रैल तक आजमगढ़ के साथ ही जौनपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति में चार ग्रुप में बांट कर कटौती होती रहेगी। ट्रांसफार्मर स्थापित होने के बाद भी नई सरकार के शहर में 24 घंटे, तहसीलों में 20 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे आपूर्ति का शिड्यूल पूरी तरह गड़बड़ा गया है। इस दौरान 27 अप्रैल को उत्तर प्रदेश विधानपरिषद की प्रदेशीय विद्युत व्यवस्था संबंधी जांच समिति के अध्यक्ष डा.विजय यादव भी जिले की विद्युत आपूर्ति की समीक्षा कर चुके हैं। समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने 500 एमवीए के ट्रांसफार्मर स्थापना की बात कह कर अपनी कमियों को छिपा गए। 




वहीं 11 मई को उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भी समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्धारित बिजली उपलब्ध कराने का निर्देश दे गए थे। इसके बाद भी ग्रामीण क्षेत्रों में रानी की सराय, मुबारकपुर, जहानागंज, अतरौलिया, अहरौला, मेहनगर, तरवा और सगड़ी क्षेत्र में 10 से 12 घंटे ही बिजली मिल रही है। इधर शहर में 24 घंटे आपूर्ति अघोषित कटौती की भेंट चढ़ गई है। फीडर की गड़बड़ी से गांवों में नहीं मिल पा रही होगी बिजली आजमगढ़। विद्युत पारेषण मंडल के अधीक्षण अभियंता एके श्रीवास्तव ने दावा किया कि ऊपर से शहर में 24 घंटे, तहसीलों में 20 और गांवों में 18 घंटे बिजली दी जा रही है। उनके स्तर से भी निर्धारित शिड्यूल पर आपूर्ति की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में फीडर की गड़बड़ी से गांवों में 18 घंटे बिजली नहीं मिल रही होगी। इसकी जांच कर पूरी बिजली आपूर्ति करने की व्यवस्था की जाएगी।


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