मुलायम के आजमगढ़ में योगी ने चलाया ये अस्त्र,  इस डिप्टी सीएम को सौंपा विकास का कार्य

 मुलायम के आजमगढ़ में योगी ने चलाया ये अस्त्र,  इस डिप्टी सीएम को सौंपा विकास का कार्य

जानिए इनका राजनीतिक सफर

वाराणसी.  योगी आदित्यनाथ ने मंत्रिमंडल के सदस्यों को जिला योजना समिति के सदस्य के रूप में नामित करते हुए उन्हें जिलों का प्रभार सौंपा है। ये मंत्री जिला योजना समिति के अध्यक्ष का भी दायित्व संभालेंगे। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को भी यह जिम्मेदारी दी गई है। केशव को कानपुर नगर व आजमगढ़ का दायित्व दिया गया है। 




वर्तमान में केशव प्रसाद मौर्या यूपी के उप मुख्यमंत्री हैं। ये फूलपुर सीट से सांसद रह चुके हैं। केशव प्रसाद का जन्म सिराथू जिला कौशांबी के एक बेहद साधारण किसान परिवार में हुआ है।  खेती करते हुए उन्होने संघर्ष के दौर में पढ़ाई के लिए अखबार भी बेचे और चाय की दुकान भी चलाई है। गरीबी और संघर्ष के बीच केशव प्रसाद राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़े रहे और श्रीराम जन्म भूमि और गोरक्षा लिए अनेकों आंदोलन करते हुए जेल भी गए। चाय पर जोर देने का कारण साफ है कि कहीं न कहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी इससे जुड़ाव रहा है।




केशव प्रसाद मौर्या और उनकी पत्नी के पास है करोड़ों की सम्पत्ति
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या और उनकी पत्नी के पास करोड़ों की संपत्ति है। हलफनामे के अनुसार आज केशव दंपती पेट्रोल पंप, एग्रो ट्रेडिंग कंपनी, कामधेनु लाजिस्टिक आदि के मालिक हैं और साथ ही जीवन ज्योति अस्पताल में दोनों पार्टनर हैं। सामाजिक कार्यो के लिए कामधेनु चेरिटेबल सोसायटी भी बना रखी है।






विश्व हिंदू परिषद के प्रचारक रहे हैं मौर्य
2002 और 2007 में लगातार दो विधानसभा चुनाव हारने के बाद वह 2012 में कौशाम्बी जिले के सिराथू विधानसभा चुनाव से विधायक चुने गए। बाद में 2014 लोकसभा चुनाव में फूलपुर से जीत दर्ज की। मौर्य 18 साल तक गंगापार और यमुनापार में विश्व हिंदू परिषद के प्रचारक भी रहे हैं। इन्हें अध्यक्ष बनाने के पीछे राज्य में दलित वोट हासिल करना भी बड़ा कारण माना जा रहा है। केशव प्रसाद पिछड़ी जाति मौर्य से आते हैं जिसकी तादाद गैर यादव जातियों में सबसे अधिक है।


मोदी-शाह के करीबी हैं मौर्य
संघ के सबसे करीबी और विश्व हिन्दू परिषद् के तेज तर्रार नेताओं में शुमार केपी मौर्य ने पार्टी के लिए धुआंधार प्रचार किया। चुनाव में मौर्य अच्छे वक्ता साबित हुए और उन्हें पार्टी के लिए सबसे ज्यादा 155 चुनावी सभाएं की हैं। बीजेपी में पिछड़ी जाति का चेहरा कहे जाने वाले मौर्य को अमित शाह और पीएम नरेंद्र मोदी की खोज माना जाता है और ये दोनों ही बड़े नेताओं के करीबी माने जाते हैं। केशव प्रसाद पर दर्ज कई आपराधिक मामले भी दर्ज हैं।




Keshav Maurya

केशव प्रसाद मौर्या का क्राइम रिकार्ड
केशव मौर्य पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। लोकसभा चुनाव के समय चुनाव आयोग को दिए हलफनामे से साफ है कि उन पर दस गंभीर आरोपों में मामले दर्ज हैं। जिसमें 302 (हत्या), 153 (दंगा भड़काना) और 420 (धोखाधड़ी) जैसे आरोप भी शामिल हैं। मौर्या2011 में मोहम्मद गौस हत्याकाण्ड में भी आरोपी हैं और इसके लिए वे जेल भी जा चुके हैं। हालांकि‍ इस केस में वे बरी हो चुके हैं।




केशव मौर्या का राजनीतिक करियर
जहां तक राजनीतिक करियर का सवाल है तो विश्व हिंदू परिषद से जुड़े केशव 18 साल तक गंगापार और यमुनापार में प्रचारक रहे। 2002 में शहर पश्चिमी विधानसभा सीट से उन्होंने बीजेपी प्रत्याशी के रूप में राजनीतिक सफर शुरू किया। लेकिन बसपा प्रत्याशी राजू पाल के हाथों हार का सामना करना पड़ा। लेकिन मौर्य के लिए हार का सिलसिला यहीं खत्म नहीं हुआ, 2007 के चुनाव में भी उन्होंने इसी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा और एक बार फिर हार का मुंह देखना पड़ा। बीजेपी में केशव प्रसाद मौर्य का राजनीतिक जीवन 2012 में शुरू हुआ। 2012 में इलाहाबाद की सिराथू सीट से वह विधायक बने। 2012 के चुनाव में उन्हें सिराथू विधानसभा सीट से भारी जीत मिली। 2014 में वह फूलपुर सीट से सांसद बने और 2016 में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बन गए। बीजेपी में उनका राजनीतिक जीवन 4 साल का ही है लेकिन वीएचपी और बजरंग दल में वह 12 साल रहे हैं।

आगे की खबर पढ़ने के लिए यहां CLICK करें

खबरें और लेख पड़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते है । हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते है ।
OK
Ad Block is Banned