तीन दिन में गड्ढामुक्त हों सड़कें, सावन के मद्दनजर कमिश्नर का निर्देश

तीन दिन में गड्ढामुक्त हों सड़कें, सावन के मद्दनजर कमिश्नर का निर्देश
कमिश्नर की समीक्षा बैठक

Ajay Chaturvedi | Updated: 11 Jul 2019, 08:38:13 PM (IST) Varanasi, Varanasi, Uttar Pradesh, India

-पत्रिका ने लगातार चलाई हैं शिवालयों को जाने वाले जर्जर मार्गो की खबरें
-पेयजल पाइप लाइनों की होगी आकस्मिक सोशल ऑडिट
-पाइप लाइनों के लीकेज की शिकायत पर कमिश्नर खफा

वाराणसी. सावन का पवित्र महीना शुरू होने में अब महज छह दिन बचे हैं, लेकिन शिवालयों को जाने वाले मार्ग बदहाल हैं। कदम-कदम पर गड्ढे हैं। इस संबंध में पत्रिका ने अभियान के तौर पर खबरें चलाईं। इस पर गौर फरमाते हुए कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने लोकनिर्माण विभाग को ऐसी सभी सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए तीन दिन की मोहलत दी है।

मंडलीय समीक्षा बैठक में उन्होंने साफ किया कि श्रावण मास के दौरान कांवरियों व शिवभक्तों को ध्यान में रखते हुए शिवालयों की ओर जाने वाले मार्गों को दो से तीन दिन में गड्ढा मुक्त करा दिया जाए। साथ ही निर्माणाधीन पुलों के निर्माण कार्य में तेजी लायी जाए। पुलों के निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए।

ये भी पढें-PM Modi के क्षेत्र में सावन में कांवरियों की राह है कठिन, रास्ते में गड्ढे ही गड्ढे

 

ये भी पढें-मानसून सक्रिय होते ही PM नरेंद्र मोदी के क्षेत्र की दशा बदहाल, जहां तहां जमा पानी, हुआ दलदल

 

ये भी पढें- आबकी सावन में पंचक्रोशी परिक्रमा के पहले पड़ाव कर्दमेश्वर मंदिर पहुंचना जोखिम भरा

 

पेयजल पाइप लाइनों की होगी आकस्मिक सोशल ऑडिट

पेयजल पाइप लाइनों की अब आकस्मिक जांच ही नहीं बल्कि सोशल ऑडिट होगी और खामी पाए जाने पर कार्यदायी संस्था के साथ ही संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई होगी। पाइप लाइनों के लीकेज की मिल रही शिकायतों के मद्देनजर यह व्यवस्था की गई है। बता दें कि बनारस में ही घर-घर शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए ओवरहेड टंकियां तो बना दी गईं लेकिन वो महज शो पीस बन कर रह गई हैं और नागरिक पेयजल का संकट झेल रहे हैँ। ओवरहेड टैंकों से सप्लाई में बाधा की बड़ी वजह पाइप लाइनों का लीकेज है, जब भी टेस्टिंग कराई जाती है लीकेज सामने आ जाता है।

ऐसा नहीं कि यह हाल केवल बनारस में है। समूचे बनारस मंडल का यही हाल है। इसका खुलासा गुरुवार को कमिश्नर की मंडलीय समीक्षा में हुआ। इस पर कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने मंडल के सभी जिला विकास अधिकारियों को हिदायत दी कि कार्य के दौरान ही आकस्मिक ऑडिट कराया जाए। हैंडपंपों की बोरिंग में हीलाहवाली पर उन्होंने जलनिगम के अभियंता को जमकर फटकार लगाई। हैंडपंपों को लगाने के वक्त ही उसकी जांच का निर्देश दिया।

निर्धारित मानक के तहत हो विद्युत आपूर्ति
निर्धारित मानक के अनुरूप विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कराए जाने हेतु विद्युत विभाग के अभियंता को निर्देशित किया। बता दें कि बनारस की विद्वुत आपूर्ति व्यवस्था डेढ महीने से ध्वस्त है। इसे उन्होेंने गंभीरता से लिया और विभागीय अभियंताओं को समस्या का शीघ्र समाधान कराने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी जौनपुर एवं चंदौली में भी कमिश्नर से शिकायत करते हुए कहा कि दस-दस, पंद्रह-पंद्रह मिनट के अंतराल पर ट्रिपिंग हो जाती है। इस पर मंडल के सभी जिलों में बिजली आपूर्ति मानक के अनुरूप उपलब्ध कराने तथा खराब ट्रांसफार्मरों को प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समयसीमा में बदलने की हिदायत भी दी।

सड़क निर्माण को ली गई जमीनों के लिए किसानों को वितरित हो मुआवजा राशि
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा बनवाए जा रहे नेशनल हाईवे की सड़कों के कार्य में ढिलाई पर भी वह नाराज हुए। गाजीपुर में सड़क निर्माण के लिए किसानों से ली गई जमीनों के मुआवजे के वितरण में लापरवाही बरतने पर नाराजगी जताते हुए एनएच 29 के पैकेज-2 जिसकी 54 किलोमीटर लंबाई है के कार्य में 48.17 करोड़ रुपए का मुआवजा तत्काल संबंधित किसानों को देने को कहा। ऐसे ही जौनपुर में 82.09 करोड़ धनराशि का मुआवजा भुगतान करने की हिदायत दी। साथ ही कहा किनिर्माण कार्य किसी भी दशा में प्रभावित नहीं होना चाहिए। उन्होंने शौचालयों के निर्माण में ओवर रिपोर्टिंग पर फटकार भी लगाई।

गोवंश केंद्रों में मवेशियों के खाने का हो उचित प्रबंध
निराश्रित गोवंशो के लिए ग्रामीण क्षेत्र में बनाए जा रहे गोवंश केंद्र के निर्माण कार्य में तेजी लाने के साथ पूर्ण हो चुके केंद्र में गोवंश शिफ्ट करने का निर्देश दिया। साथ ही गोवंश केंद्रों में पशुओं के लिए भूसा, चारा एवं पानी के साथ-साथ अन्य व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित कराने को कहा।

आयुष्मान भारत योजना कार्डधारकों को हो त्वरित भुगतान
आयुष्मान भारत योजना अंतर्गत पंजीकृत निजी चिकित्सालयों में गोल्डन कार्ड से निशुल्क प्राप्त किए जाने वाले चिकित्सा सुविधा के संबंध में निजी चिकित्सालयों के माध्यम से सूचना साइनेज लगवाने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया। गोल्डन कार्ड से निशुल्क इलाज कराए जाने के पश्चात 16487 एथराइजेशन के सापेक्ष 11561 का ही भुगतान किए जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए त्वरित भुगतान किए जाने का निर्देश दिया, ताकि योजना अंतर्गत पंजीकृत निजी चिकित्सालयों द्वारा गोल्डन कार्ड धारकों को निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराएं जाने में किसी भी दशा में हिलाहवाली न किया जा सके।

 

Show More
खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned