उत्तर प्रदेश के चुनावी दंगल में कूदे नीतीश-शरद की चाभी अखिलेश के पास 

उत्तर प्रदेश के चुनावी दंगल में कूदे नीतीश-शरद की चाभी अखिलेश के पास 
controvercial poster

पोस्टवार में नीतीश को अर्जुन व शरद यादव को कृष्ण बनाए जाने के मामले में वाराणसी के एसएसपी से शिकायत

वाराणसी. पोस्टर वार में राजनीतिक दल एक-दूसरे की खिल्ली उड़ाने के साथ ही धार्मिक भावनाओं को आहत करने से नहीं चूक रहे हैं। राजनीतिक दलों की यहीं गलती उन्हें कानूनी धाराओं में घेर रही है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केशव मौर्य के वाराणसी आगमन के दौरान से विभिन्न दलों में शुरू हुआ पोस्टरवार धीरे-धीरे अपने चरम पर पहुंच रहा है। पोस्टरवार में किसी दल का नेता खुद को अर्जुन, नरसिंह का अवतार बता रहा है तो कोई सिंघम बन गया है तो कोई मां काली का अवतार ले लिया है। 
उत्तर प्रदेश के चुनावी दंगल में किस्मत आजमाने उतर रहे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को यहां चल रहे पोस्टरवार की नकल करना भारी पड़ सकता है। कानून व्यवस्था के मोर्चें को लेकर विरोधियों के निशाने पर आए  बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार व जदयू के अध्यक्ष शरद कुमार को भगवान कृष्ण का रूप धरना  भारी पड़ सकता है। शिकायत पर एसएसपी वाराणसी ने पिंडरा क्षेत्र के सर्किल आफिसर को मामले की जांच सौंपी है। इसकी जानकारी मुख्यमंत्री अखिलेश यादव तक पहुंच चुकी है। पुलिस की जांच रिपोर्ट बहुत हद तक सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन पर निर्भर होगी।

गौरतलब है कि जदयू का बीते 12 मई को वाराणसी के पिंडरा इलाके में राजनैतिक कार्यकर्ता सम्मेलन था। सम्मेलन में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, पार्टी अध्यक्ष शरद कुमार, यूपी के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश निरंजन समेत बिहार के तमाम मंत्री-विधायक, पदाधिकारी मौजूद थे। नीतीश के स्वागत में जदयू की ओर से वाराणसी में जगह-जगह पोस्टर लगाए गए थे। एक पोस्टर महाभारत के युद्ध का था जिसमें कृष्ण-अर्जुन का रथ चला रहे हैं। पोस्टर में कलाकारी करके जदयू ने नीतीश को अर्जुन, शरद यादव को कृष्ण व जदयू यूपी के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश निरंजन को हनुमान के रूप में दर्शाया गया है। 
पोस्टर के माध्यम से नेताओं को भगवान के रूप में दर्शाने से लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। अधिवक्ता कमलेश चंद्र त्रिपाठी ने इसकी लिखित शिकायत एसएसपी वाराणसी आकाश कुलहरि से की। एसएसपी ने प्रार्थना पत्र में लगाए गए आरोपों को गंभीरता से देखते हुए क्षेत्राधिकारी पिंडरा को जांच सौंपी है।

Show More
खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned