scriptCorona increased fatigue and decreased work efficiency | कोरोना से हर्ट, नर्व सिस्टम और मसल्स प्रभावित, घट रही कार्य क्षमात, थकान में बढ़ोत्तरी | Patrika News

कोरोना से हर्ट, नर्व सिस्टम और मसल्स प्रभावित, घट रही कार्य क्षमात, थकान में बढ़ोत्तरी

कोरोना वायरस के संक्रमण से मुक्त होने के बाद भी लोग तरह-तरह की परेशानियों से जूझ रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी थकान को लेकर हो रही है जिससे लोगों की कार्य क्षमता ज्यादा प्रभावित हुई है। ऐसा इम्यूनिटी के कमजोर होने से हुआ है। ऐसा चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है।

वाराणसी

Published: May 12, 2022 09:23:32 am

वाराणसी. कोरोना संक्रमण ने वैसे तो अपने देश में ही लाखों लोगों की जान ली। लेकिन जो इस संक्रमण के बाद स्वस्थ हो गए उनकी परेशानियां भी कम नहीं। उनके नर्वस सिस्टम, मसल्स और हर्ट तक को प्रभावित किया है कोरोना वायरस को। इसका नतीजा है कि कोरोना से ठीक होने के बाद भी लोगो की कार्य क्षमता में गिरावट आई है। वहीं थकान में वृद्धि हुई है। ऐसा विशेषज्ञो का मानना है।
कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक फोटो)
कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक फोटो)
थकान और अन्य बीमारियों से ग्रसित मरीजों की संख्या में 10 गुना वृद्धि

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के सर सुंदरलाल चिकित्सालय के मेडिसिन विभाग के चिकित्सकों की स्टडी बताती है कि कोरोना वायरस से संक्रमित हो कर स्वस्थ होने वाले मरीजों में थकान ज्यादा प्रभावी है। ऐसे मरीजों की संख्या में 10 गुना तक वृद्धि हुई है। चिकित्सकों की मानें तो थकान महसूस करने वाले मरीज पहले भी आते रहे पर तब 10 में महज पांच ऐसे मरीज हुआ करते थे। लेकिन कोरोना के बाद 100 में से 50 मरीज ऐसे आ रहे हैं।
इम्यूनिटी कमजोर होने से हुआ ऐसा

मेडिसिन विभाग के चिकित्सकों का कहना है कि कोरोना वायरस से इम्यूनिटी कमजोर होने से हुआ है। इम्यूनिटी कमजोर होने से नर्वस सिस्टम, मसल्स और यहां तक कि हर्ट भी प्रभावित हुआ है। यही वजह है कि थकान के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है।
इन समस्याओं से जूझ रहे लोग

चिकित्सकों का कहना है कि कोरोना वायरस से संक्रमित होने वालों में नींद न आना, भूख न लगना और सीने में कसावट जैसी शिकायतें ज्यादा मिल रही हैं। ये सारे ऐसे कारक हैं जिनसे व्यक्ति में थकान बढी है और इसका असर कार्य क्षमता पर पड़ा है।
"शरीर में थकान, काम करने की इच्छा न करना जैसी समस्या वाले मरीज पहले भी आते रहे। पर कोरोना वायरस से संक्रमित हो कर स्वस्थ होने वाले मरीजों में ऐसी प्रवृत्ति में 10 गुना का इजाफा हुआ है। पहले जो 100 में 5 मरीज ऐसे आते रहे अब उनकी संख्या 100 में 50 हो गई है। ऐसा इम्यूनिटी कमजोर होने के चलते है। वैसे इससे पौष्टिक भोजन और नियमित व्यायाम से इन समस्याओं से काफी राहत मिल सकती है।"-डॉ धीरज किशोर, मेडिसिन विभाग, सर सुंदरलाल चिकित्सालय, बीएचयू

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

बड़ी खबरें

नाइजीरिया के चर्च में कार्यक्रम के दौरान मची भगदड़ से 31 की मौत, कई घायल, मृतकों में ज्यादातर बच्चे शामिल'पीएम मोदी ने बनाया भारत को मजबूत, जवाहरलाल नेहरू से उनकी नहीं की जा सकती तुलना'- कर्नाटक के सीएम बसवराज बोम्मईमहाराष्ट्र में Omicron के B.A.4 वेरिएंट के 5 और B.A.5 के 3 मामले आए सामने, अलर्ट जारीAsia Cup Hockey 2022: सुपर 4 राउंड के अपने पहले मैच में भारत ने जापान को 2-1 से हरायाRBI की रिपोर्ट का दावा - 'आपके पास मौजूद कैश हो सकता है नकली'कुत्ता घुमाने वाले IAS दम्पती के बचाव में उतरीं मेनका गांधी, ट्रांसफर पर नाराजगी जताईDGCA ने इंडिगो पर लगाया 5 लाख रुपए का जुर्माना, विकलांग बच्चे को प्लेन में चढ़ने से रोका थापंजाबः राज्यसभा चुनाव के लिए AAP के प्रत्याशियों की घोषणा, दोनों को मिल चुका पद्म श्री अवार्ड
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.