मुम्बई से बनारस पहुँची श्रमिक स्पेशल ट्रेन में फिर मिली लाश, रास्ते में हुई बुजुर्ग की मौत

महानगरों से श्रमिकों के लिए चलाई गई श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा।

By: Abhishek Gupta

Published: 31 May 2020, 08:30 PM IST

वाराणसी. महानगरों से श्रमिकों के लिए चलाई गई श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। रविवार को भी मुम्बई से वाराणसी के लिए आई ट्रेन में एक 85 वर्षीय बुजुर्ग ने दम तोड़ दिया। कैंट रेलवे स्टेशन पहुंची डाक्टरों की टीम ने जांच के बाद मौत की पुष्टि की। घाटकोपर (मुंबई) से रामचंद्र सोनी (85) ने अपनी पत्नी, बहू और बेटे के साथ 29 मई की रात तकरीबन 11 बजे छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनल से अपने गांव बसंतपुर पोस्ट पचपेड़वा (जिला बलरामपुर) लौटने के लिए ट्रेन पकड़ी। ये ट्रेन मुम्बई से बनारस के लिए थी। बनारस के बाद इन्हें बसों से प्रशासन बलरामपुर भेजता जहां से वह अपने घरों को जा सकते थे, लेकिन रास्ते में ही बुजुर्ग की मौत हो गई।

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रामचंद्र के बेटे जगदंबा सोनी ने बताया कि 30 मई की रात 8 बजे तक उनके पिता ठीक थे। रात में उन्हें खाना खिलाने के बाद सभी सो गए। रविवार की सुबह गाड़ी छिवकी रेलवे स्टेशन (मिर्जापुर) के पास पहुँची तो उन्हें उठाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं उठे।

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ट्रेन कैंट रेलवे स्टेशन पहुंची, जहां डॉक्टरों ने जांच की। रामचंद्र को मृत घोषित कर दिया। जीआरपी इंस्पेक्टर अशोक कुमार दुबे ने बताया कि परिजनों का कहना है कि बुजुर्ग की मौत स्वभाविक प्रतीत हो रही है। उधर, रेलवेकर्मियों ने लाश को बोगी संख्या-एस 8 से नीचे उतारा। फिर विभागीय कार्रवाई में लोग लगे रहे। इसके पहले बुधवार को भी मुम्बई से वाराणसी के मंडुआडीह पहुँची ट्रेन की एक बोगी में भी दो लोगों की मौत हो गई थी।

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Abhishek Gupta Desk/Reporting
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