Varanasi stampede डीजीपी ने माना पर्याप्त नहीं थी पुलिस फोर्स

 Varanasi stampede डीजीपी ने माना पर्याप्त नहीं थी पुलिस फोर्स
dgp javeed ahmad

प्रमुख सचिव गृह संग दिल्ली से सीधे वाराणसी पहुंचे पुलिस महानिदेशक

वाराणसी. उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ने स्वीकार किया है कि वाराणसी में पुलिस निष्क्रिय थी और सूचना तंत्र भी कमजोर था। पुलिस अधिकारियों ने ठीक से आकलन नहीं किया जिसके चलते हादसा हुआ। डीजीपी जावीद अहमद ने यह स्वीकार किया कि भीड़ को देखते हुए यहां पर्याप्त पुलिस फोर्स उपलब्ध नहीं थी। 

वाराणसी में जय गुरुदेव के उत्तराधिकारी पंकज महराज के सत्संग समारोह में शामिल होने आए श्रद्धालुओं की भीड़ में शनिवार को राजघाट पुल पर भगदड़ मच गई। भगदड़ के चलते चौबीस लोगों के मरने की सूचना है। काशी में हादसे की खबर मिलते ही दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में शरीक होने गए डीजीपी जावीद अहमद और प्रमुख सचिव गृह पीएस पांडा सीधे वाराणसी पहुंचे। 

एडीजी लॉ एंड आर्डर पहले ही बनारस आ चुके थे। आला अधिकारी सीधे बीएचयू पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और वहां की स्थिति का जायजा लिया। डीजीपी और प्रमुख सचिव गृह ने बीएचयू ट्रामा सेंटर के चिकित्सकों से वार्ता भी की और वस्तुस्थिति को जाना। आला अधिकारियों से वार्ता के बाद मीडिया से बातचीत में डीजीपी ने कहा कि हादसे की उच्च स्तरीय जांच होगी। खुफिया तंत्र ने क्या सूचना दी थी और उसपर वाराणसी पुलिस ने कितना अमल किया था, यह सभी बातें जांच के दायरे में होंगी। 

डीजीपी ने कहा कि राजघाट पुल पर एक तरफ से भारी संख्या में लोग बाहर जा रहे थे तो उतनी ही संख्या में शहर की तरफ लोग आ रहे थे। ट्रैफिक पुलिस और सिविल पुलिस ने यदि राजघाट पुल के दोनों तरफ यातायात व्यवस्था की होती तो हादसा न होता। मामला गंभीर है और प्रकरण की जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई तय है। 

क्या कहा डीजीपी ने, देंखे वीडियो
https://youtu.be/w2qwHHY9Ots

https://www.youtube.com/watch?v=w2qwHHY9Ots&authuser=0

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