अखिलेश यादव पहले ही आधा यूपी हार चुके है, मौका मिला तो लडूंगा चुनाव: दिनेश लाल यादव(निरहुआ)

मायावती को प्रधानमंत्री बनते नहीं देख सकता

By: Sunil Yadav

Published: 29 Mar 2019, 04:33 PM IST

वाराणसी. कभी समाजवादी पार्टी के करीबी रहे भोजपुरी सिने स्टार दिनेश लाल यादव के बीजेपी में जाने के बाद से ही आजमगढ़ लोकसभा सीट से सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ दिनेश लाल यादव के चुनाव लड़ने की अटकले लगाता तेज होती जा रही है। वही बीजेपी में शामिल होने और अखिलेश यादव के खिलाफ चुनाव लड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा " अखिलेश यादव से उनकी कोई पर्सनल दुश्मनी नहीं है। व्यक्तिगत तौर पर मैं(दिनेश लाल यादव) उनका बहुत सम्मान करता हूं। लेकिन, उनके विचारों से सहमत नहीं हूं।," नेताजी ने कहा था कि नरेंद्र मोदी एक बार फिर प्रधानमंत्री बनें। उन्होंने देश के बारे में कुछ सोच कर ही बोला होगा। लेकिन, अखिलेश पिता की बात नहीं समझे। मायावती के साथ गठबंधन का फैसला कर वह आधी सीटें तो पहले ही हार गए। वह मायावती को प्रधानमंत्री के तौर पर देखना चाहते है, मैं नहीं। इसलिए मैं उनके साथ नहीं हूं।" वहीं उन्होंने आजमगढ़ से अखिलेश यादव के खिलाफ चुनाव लड़ने के सवाल पर कहा, " मौका मिला तो क्यों नहीं लडूंगा चुनाव।

 

नरेंद्र मोदी के एक बार फिर प्रधानमंत्री बनते देखना चाहतू हूं, पाकिस्तान और विपक्ष ऐसा नहीं चाहता

 

बीजेपी ज्वाइन करने के सवाल पर दिनेश लाल यादव ने कहा " वह नरेंद्रे मोदी को एक बार फिर प्रधानमंत्री के तौर पर देखना चाहते है। इससिए उन्होंने बीजेपी ज्वाइन की। आज पूरा देश चाहता है कि नरेंद्र मोदी एकबार फिर प्रधानमंत्री बने। लेकिन कुछ लोग निजी स्वार्थ वस यह नहीं चाहते है कि नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री न बने। यही पाकिस्तान भी चाहता है और विपक्ष भी। इसीलिए विपक्ष उनके सुर में सुर मिला रहा है। उन्होंने कहा हमें समझना होगा कि भेड़ चाल से चलने से कुछ नहीं होगा। आज हमें सही गलत के बारे में समझना होगा। यदि लोगों को लगता है कि राहुल, नरेंद्र मोदी से अच्छे प्रधानमंत्री हो सकते है तो उन्हें चुने। लेकिन, आप को बाद में अपने फैसले पर पछताना न पड़े।

 

जीतने हारने के लिए चुनाव नहीं लड़ना चाहता हूं

 

दिनेश लाल यादव ने कहा मैं चुनाव जीतने हारने के लिए नहीं लड़ना चाहता। समाज के लोगों को बताना चाहता हूं कि भेड़ चाल चलना बंद कीजिए। हमें कोई जाति, धर्म पर बतायेगा कि कधर चलना है तो आंख बंद कर चलने से पहले सोचना होगा कि क्या सही है क्या गलत। देश को पता है क्या सही है क्या गलत। आजमगढ़ से चुनाव लड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यदि उन्हें पार्टी मौका देती है तो अच्छी बात है। वह क्यों नहीं चुनाव लड़ेगें ।

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