काशी में सैनिकों संग मनाई दिवाली, शहीदों की याद में जलाए दीप

काशी में सैनिकों संग मनाई दिवाली, शहीदों की याद में जलाए दीप
diwali

छावनी क्षेत्र में सैनिकों के साथ बांटी खुशियांगंगा किनारे घाटों पर दीप जगमग हो गए

वाराणसी. यह दीवाली उन शहीदों के नाम है जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहूति हंसते-हंसते दे दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सीमा पर देश की सुरक्षा कर रहे सैनिकों संग जब दीवाली की खुशियां मना रहे थे, उसी समय उनके संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भी काशीवासी सैनिकों संग दिवाली मना रहे थे। शाम को सैनिकों संग दीवाली मनाई तो अंधेरा होते ही शहीदों के नाम से गंगा किनारे घाटों पर दीप जगमग हो गए। 



 दीवाली की शाम सामाजिक संस्था वंदेमातरम संघर्ष समिति व प्रणाम के सदस्य छावनी क्षेत्र स्थित 39 जीटीसी के कैंप पहुंचे। शहीदों की याद में दीपदान के बाद कंपनी कमाडेंट जगदीश संधू समेत उपस्थित अन्य सैन्य अधिकारियों व जवानों को पुष्प गुच्छ, मिष्ठान व आतिश भेंट की। सेना का अभिनंदन के बाद शहीदों की तस्वीरों संग आतिशबाजी की और सेना की बहादुरी को सलाम किया। इस मौके पर अनूप जायसवाल, पद्माकर पांडेय, दादा तिवारी, ओमप्रकाश यादव, मंगलेश, मनीष समेत अन्य काशीवासी मौजूद रहे।

उधर गंगा सेवा निधि की तरफ से दीवाली की गंगा आरती देश के अमर सपूतों के नाम रही। गंगा आरती के दौरान दशाश्वमेध व आसपास के घाटों पर शहीदों के नाम से जले दीये जगमग हो उठे। अमर जवानों को समर्पित यह दिवाली गंगा आरती में शामिल होने देश-विदेश के विभिन्न कोने से आए सैलानियों के लिए एक यादगार लम्हा बन गया। गंगा सेवा समिति के अध्यक्ष सुशांत मिश्र, सचिव हनुमान यादव समेत उपस्थित गंगा सेवा निधि के अन्य सदस्यों ने काशीवासियों के साथ मिलकर गंगा घाट किनारे की छटा कुछ ऐसी बिखेरी की लोगों की आंखों में खुशी के आंसू छलक गए। 
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