खुले में शौचमुक्त का दावा, डीएम ने खोली पोल

खुले में शौचमुक्त का दावा, डीएम ने खोली पोल
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ग्रामसभा का दावा निकला झूठा, निगरानी समिति भी सुस्त

वाराणसी. डीएम की आँखों पर पट्टी बाँधने की कोशिश बेकार चली गयी। औचक निरीक्षण में डीएम ने ग्रामसभा के दावे को ख़ारिज कर दिया। खुले में शौच से ग्रमीणों को रोकने के लिए बनी निगरानी समिति की सुस्ती भी डीएम ने ताड़ ली। 
हरहुआ विकास खण्ड के ग्राम पंचायत भैठौली में मंगलवार को पहुंचे डीएम ने गाँव को सौ फीसदी स्वच्छ होने तथा गाॉव को खूले में शौचमुक्त होने के ग्राम सभा के दावें को खारिज कर दिया। उन्होने मौके पर मौजूद ग्राम प्रधान, ग्रामवासियों एवं ग्राम पंचायत अधिकारी को झूठा दावा नही, बल्कि हकीकत में गॉव को पूर्ण रूप से खूले में शौचमुक्त कराये जाने की नसीहत दी। 
स्थलीय जॉच में गॉव के गली, सिवान और खूले मैदान के निरीक्षण के दौरान वे स्थानीय लोगो को स्वच्छता का पाठ एवं इससे होने लाभ की जानकारी दे रहे थे। जिलाधिकारी ने जोर देते हुए कहॉ कि गॉव को खूले में शौचमुक्त रखे जाने हेतु बनायी गयी निगरानी समिति पूरी तरह क्रियाशील नही है। उन्होने कहॉ कि निगरानी समिति का काम है कि प्रातः काल वह इस पर निगरानी करे। ताकि गॉव में कोई भी खूले में शौच न जा सके। इसके लिये उन्होने लोगो का व्यवहार परिवर्तन किये जाने पर भी जोर दिया। उन्होने कहॉ कि जब तक लोगो का व्यवहार परिवर्तन नही होगा, तब तक कोई भी गॉव सौ फीसदी खूले में शौचमुक्त नही हो सकता। गॉव में निरीक्षण के दौरान निगरानी समिति के लोग सीटीयां बजाते एवं नारा लगाते आगे-आगे चल रहे थे।

ग्राम पंचायत ने दिया था प्रस्ताव

विकास खण्ड हरहुआ ग्राम पंचायत भैठौली के निगरानी समिति एवं प्रधान तथा सचिव द्वारा ग्राम पंचायत को खुले में शौच मुक्त करने का प्रस्ताव दिया गया था। जिसके सत्यापन हेतु समस्त खण्ड विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी एवं जिलाधिकारी द्वारा स्वयं तथा समस्त खण्ड प्रेरक, कौशल विकास के 10 लाभार्थियों द्वारा सत्यापन कराया गया। ग्राम पंचायत भैठौली में कुल 4 बस्ती है-1. मुस्लिम बस्ती, 2. अनुसूचित बस्ती, 3. ब्राह्मण बस्ती, 4. ठकुरान बस्ती। मुस्लिम बस्ती, अनुसूचित बस्ती एवं ब्राह्मण बस्ती के सत्यापन में यह पाया गया कि सबके घरों में शौचालय है और सभी लोगो द्वारा शौचालय का प्रयोग किया जा रहा है। यही नही बल्कि गोद के छोटे बच्चे भी यदि शौच करते हैं तो उनकी माताओं द्वारा शौच को शौचालय में डाल दिया जाता है। ठकुरान बस्ती में यह पाया गया कि कोई भी व्यक्ति खुले में शौच नही जाता है लेकिन अभी 12 शौचालय निर्माणाधीन पाये गये, जिससे ग्राम पंचायत के प्रस्ताव को अस्वीकार करते हुए, एक सप्ताह की मोहलत दी तथा कहॉ कि पुनः सत्यापन के पश्चात् ग्राम पंचायत भैठौली को खुले में शौच मुक्त की घोषणा की जायेगी। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी पुलकित खरे एवं जिला पंचायत राज अधिकारी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

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