कलेक्टर के आदेश की अनदेखी, रुक गया वेतन

कलेक्टर के आदेश की अनदेखी, रुक गया वेतन
dm vijay kiran anand

गोद लिए गांव पहुँचे डीएम का चढ़ा पारा, एक माह बाद भी नहीं हुआ आदेश का पालन

वाराणसी. तेजतर्रार डीएम विजय किरण आनंद की कार्यशैली को जानने के बाद भी जल निगम के अधिकारी का बेपरवाह अंदाज उनको ही महंगा पड़ गया। औचक निरीक्षण में पोल खुलने पर डीएम ने ग्रामीणों के सामने ही अधिकारी की ऐसी-तैसी कर दी। 
जिलाधिकारी विजय किरन आनंद ने सोमवार को राज्य पोषण मिशन के अन्तर्गत पिण्डरा विकास खण्ड के गोद लिये गये ग्राम सभा बैकुण्ठपुर तथा हरहुआ विकास खंड के आयर गाँव का औचक निरीक्षण किया। एक माह पूर्व 27 मई को गोद लिये दोनों गाँव के निरीक्षण के दौरान दिये गये निर्देश के बावजूद आयर में खराब हैण्डपम्प का मरम्मत एवं रिबोर न कराने व बंद नलकूप को चालू न कराये जाने तथा बैकुण्ठपुर में नया हैण्डपम्प नही लगाये जाने की जानकारी पर डीएम उखड़ गए। कड़ा रूख अख्तियार करते हुए अधीशासी अभियंता जलनिगम का अग्रिम आदेशों तक वेतन भुगतान पर रोक लगा दी। उधर आयर ग्राम सभा में निर्देश के बावजूद अब तक सम्पर्क मार्ग का न बनवाये जाने पर अधीशासी अभियंता लोनिवि को कड़ी चेतावनी दी।

रसोईघर देख भड़के, सीडीपीओ को चेतावनी

गॉव में संचालित आंगनवाड़ी केन्द्रो पर उपस्थित बच्चों को आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री द्वारा भावगीत, वर्णमाला का ज्ञान ठीक से नहीं दिये जाने, न ही उनको नियमित रूप से पोषाहार दिये जाने पर डीएम ने गहरी नाराजगी जतायी। बच्चों को खेलने हेतु समुचित मात्रा में खिलौने व अच्छी किताबें न होने पर सीडीपीओ को निर्देशित किया कि तत्काल केन्द्र की समस्याओं को दूर करायें।   जिलाधिकारी विजय किरन आनंद ने किचेन की दशा खराब होने नाराजगी जतायी। उन्होने बच्चों का शत-प्रतिशत वजन कराये जाने व वी0एच0एन0डी0 पर ए0एन0एम0, आशा व आंगनबाड़ी उपस्थित रहकर सामुदायिक सहभागिता से बच्चों का शत-प्रतिशत टीकाकरण सम्पन्न कराये जाने का निर्देश दिया। पोषाहार से बनाये गये लड्डू अनिवार्य रूप से बच्चों को खिलाये जाने तथा अतिकुपोषित और आंशिक कुपोषित बच्चों के अभिभावकों का मनरेगा जॉब कार्ड अनिवार्य रूप शीघ्र बनाये जाने हेतु खण्ड विकास अधिकारी को निर्देशित किया। उन्होने निर्देशित किया कि ऐसे लोगो के राशन कार्ड भी जॉच कर लिये जाय और जिन लोगो के राशन कार्ड अब तक न बने पाये हो, उनके राशन कार्ड दो दिनों के अन्दर अवश्य बनवा दिये जाय। जिलाधिकारी ने उपस्थित लोगो को कुपोषण के सम्बन्ध में जागरूक भी किया गया। ग्रामवासियों को स्वच्छता से रहने, शौचालय का प्रयोग करने तथा किसी भी दशा में खुले में शौच न करने तथा खुले में शौच करने से होने वाली बीमारियों एवं समस्याओं के बाबत विस्तार से अवगत कराते हुए, दोनो ग्राम सभाओं को हर हालत में खूले में शौचमुक्त किये जाने की अपील भी की। उन्होने गर्भवती तथा धात्री महिलाओं को पौष्टिक आहार दिये जाने तथा उनको नियमित रूप से आवश्यक आयरन, फोलिक एसिड एवं कैल्सियम की दवाएं दिये जाने हेतु भी एएनएम को निर्देशित किया गया। उन्होने जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया कि बाल विकास परियोजना अधिकारी, क्षेत्रीय मुख्य सेविका तथा ग्राम-सभा में आंगनबाड़ी केन्द्रों पर कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यत्रियों के माध्यम से प्रत्येक माह वी0एच0एन0डी0 पर 0 से 5 वर्ष तक सभी बच्चों का वजन कराना सुनिश्चित करें तथा जिसका अंकन ग्रोथ चार्ट पर भी किया जाये एवं चिन्हित अतिकुपोषित बच्चों के परिवारों का गृह भ्रमण कर बच्चों के माता-पिता को पोषण एवं पुनर्वास केन्द्र भेजने हेतु प्रोत्साहित किया जाये। एएनएम एवं आशा को निर्देशित किया कि अपने कार्यक्रम के संचालन स्थल एवं उसके विषय में डुगडुगी के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार कराये। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को स्वास्थ्य कैम्प लगाकर चिन्हित कुपोषित तथा अतिकुपोषित बच्चों व गर्भवती व धात्री महिलाओं का चिकित्सकीय परीक्षण कराया जाने का भी निर्देश दिया। आंगनबाड़ी केन्द्र में शौचालय निर्माण कराये जाने का भी निर्देश दिया।

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