#PatrikaNews-डीएम वाराणसी ने की ऐसी कार्रवाई कि प्रशासनिक हलके में मचा गया हड़कंप

एक झटके में 15 लोगों पर गिरी गाज
दायित्व निर्वहन में घोर लापरवाही पर हुई कार्रवाई

वाराणसी. डीएम वाराणसी सुरेंद्र सिंह ने लापरवाह लोगों पर लगाम कसने के लिहाज से की है बड़ी कार्रवाई। काम में लापवाही बरतने वाले 15 लोगों के विरुद्ध लिया है कड़ा ऐक्शन। दिया है सख्त कार्रवाई का निर्देश।

जिन 15 लोगों पर कार्रवाई होनी है उन सभी को लोकसभा चुनाव से पहले दिया गया था, मतदाता पुनरीक्षण का काम। लेकिन इन लोगों ने इस महत्वपूर्ण दायित्व का भी पालन नहीं किया। डीएम ने बताया कि लोक सभा सामान्य निर्वाचन 2019 के दौरान जिले के शहरी विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों में कम मतदान प्रतिशत होने पर रैंडम जांच कराई गई। इसके तहत हर विधानसभा से 5-5 बूथों की मतदाता सूची की जांच की गई। जांच में पता चला कि विधान सभा 388-वाराणसी उत्तरी के बूथ सं0- 53, 203, 253, 270 एवं 343, विधान सभा 389-वाराणसी दक्षिणी के 107, 169, 224, 244 एवं 272, विधान सभा 390-वाराणसी कैंटोन्मेंट के संख्या-39, 40, 336, 339 एवं 398 में बहुतायत मतदाता उस क्षेत्र में रहते ही नहीं। कुछ मतदाताओं के नाम डुप्लीकेट पाए गए तथा बहुत से मृतक मतदाताओं के नाम भी मतदाता सूची में दर्ज हैं।

उन्होने कहा कि इससे स्पष्ट है कि विगत पुनरीक्षण कार्यक्रम के दौरान विधान सभा 388 वाराणसी उत्तरी के उक्त बूथों के बीएलओ क्रमशः अनिल कुमार वर्मा कनिष्ठ सहायक सिचाई विभाग, नीतू कुमारी आंगनबाड़ी कार्यकत्री नक्खीघाट, राजकुमार शिक्षा मित्र, मधु देवी आंगनबाड़ी कार्यकत्री कोनियां, नीतू देवी आंगनबाड़ी कार्यकत्री दनियालपुर, विधान सभा 389 वाराणसी दक्षिणी के बीएलओ क्रमशः खुशबू जायसवाल शिक्षा मित्र ईश्वरगंगी, उषा देवी आंगनबाड़ी कार्यकत्री कोनिया, रिंकू देवी आंगनबाड़ी कार्यकत्री पठानी टोला, पुष्पा राय आंगनबाड़ी कार्यकत्री गढ़वासी टोला, प्रभा गुप्ता आंगनबाड़ी कार्यकत्री त्रिपुरा भैरवी एवं विधान सभा 390 वाराणसी कैंटोमेन्मेंट के बीएलओ क्रमशः सुमन उपाध्याय शिक्षा मित्र दुर्गाकुंड, संजू भारद्वाज आंगनबाड़ी कार्यकत्री, दीनानाथ वरिष्ठ लिपिक सिचाई विभाग, सरोज श्रीवास्तव आंगनबाड़ी कार्यकत्री, शकुन्तला देवी आंगनबाड़ी कार्यकत्री द्वारा पुनरीक्षण कार्य को गंभीरता से नहीं लिया। उन्होने घर-घर जा कर सत्यापन नहीं कराया। इनके द्वारा लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 32 के अधीन सौपे गये पदीय कर्तव्यों को अनुपालन नहीं किया गया है। इन सभी बीएलओ के विरूद्ध विभागीय कार्रवाई का निर्देश दिया गया है।

 

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Ajay Chaturvedi
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