Patrika Impact-ईश्वरगंगी की सुधि लेने पहुंचे डीएम विजय किरन

Patrika Impact-ईश्वरगंगी की सुधि लेने पहुंचे डीएम विजय किरन
Ishwargangi sewer problem

डीएम के सवालों का नहीं था कोई जवाब जलकल अफसरों के पास, पांच महीने से बह रहा है सीवर का पानी, पत्रिका ने चलाई मुहिम. जनता का सवाल क्या अब समस्या का समाधान होगा. जानिये क्या हुआ जब पहुंचे ईंश्वरगंगी...

वाराणसी. आखिर वाराणसी के जिलाधिकारी विजय किरन आनंद ने सुधि ली ईश्वरगंगी की। वो ईश्वरंगी जहां पांच महीने से सीवर का पानी बह रहा है। वो ईश्वरगंगी जहां चित्रकूट की रामलीला शुरू हुई तो भगवान श्री राम, लक्ष्मण और सीता के पात्रों, भक्तों को सीवर के पानी से हो कर गुजरना पड़ा था। ये सारी तस्वीरें और वीडियो सिर्फ Patrika.com ने चलाई थी। ईश्वरंगी मोहल्ले की सीवर समस्या को अकेले पत्रिका ने मुहिम बनाया। यहां पांच महीने से सीवर बह रहा था, लेकिन कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण, डीएम विजय किरन आनंद लगातार नगर निगम व जलकल को हिदायत देते रहे। सीवर लाइन बदलने के लिए पैसा तक  अवमुक्त कर दिया गया पर सीवर लाइन बदलने के नाम पर कुछ कर्मचारी और ठेकेदार पहुंचे। गड्ढा खोद कर चलते बने। लेकिन आज जब डीएम पहुंचे मौके पर, जलकल के अफसरों से शुरू किया सवाल जवाब तो अधिकारी बगली झांकने लगे।

जिलाधिकारी के सवालों को जवाब न था जलकल के अफसरों के पास
सोमवार को डीएम विजय किरन वार्ड नं 55, ईश्वरगंगी मोहल्ले में पहुंचे। यह जानने के लिए कि आखिर पांच महीने से यहां की सीवर समस्या हल क्यों नहीं हो रही। सीवर क्यों ओवर फ्लो कर रहा है। लेकिन जैसे डीएम पहुंचे सबसे पहले ठेकेदार  मौके से भागा। डीएम ने जलकल के महाप्रबंधक से पूछा मुख्य सीवर लाइन साफ है तो भी ईश्वरगंगी में सीवर का पानी क्यों जमा है। जीएम जलकल के पास कोई जवाब नहीं। सीवर का पानी देख बिफरे जिलाधिकारी के समक्ष जलकल के आला अधिकारी जवाब न दे सके। ठेकेदार तो भागा निकला।

डीएम के सवाल
जिलाधिकारी ने क्षेत्रीय ,विधायक श्यामदेव राय  चौधरी, पार्षद दीना गुप्ता, मुन्ना जायसवाल, प्रदीप जायसवाल और महाप्रबंधक के समक्ष जेई से पूछा जब सात  करोड़ रुपया मिल गया,तब कार्य क्यों नहीं हो रहा है? डीएम के मुख से सात करोड़ की बात सुनकर क्षेत्रीय जनता भौंचक रह गई। इतना पैसा फिर भी काम नहीं। यही नहीं जलकल के अफसरों ने स्वीकार किया कि पैसा मिल गया है।
निरंकुश है जल कल ।वाराणसी की सीवर समस्या के लिए एकमात्र उत्तरदायी संस्था। जलकल की ठीकेदारी ने नर्क बनाया है काशी को। नागरिकों की मांग...

●  इन निरंकुशो पर नकेल कसना आवश्यक है।
●  इनके कार्यों की उच्चस्तरीय जांच हो।
●  भ्रष्टाचार स्वयं सिद्ध  होगा,विश्वास है।

2002 से है सीवर की समस्या
2002 से है सीवर की समस्या। सीवर लाइन है पतली। बदलना है। इसकी मांग कई बार हो चुकी। काम शुरू भी है। पर गति धीमी। नागरिक व जलकल व नगर निगम से जुड़े पुराने अधिकारी कहते हैं इसे नाटी इमली के नाले से मिलाया जाए तो होगा स्थाई समाधान। डिगिया नाला पहले से है ओवर लोडेड।

गजब आज तो सारे जनप्रतिनिधि भी थे
पत्रिका की मुहिम के बाद जब डीएम सोमवा्र को पहुंचे ईश्वरगंगी तो विधायक से लेकर पार्षद सभी पहुंच गए। क्या बात। इनका उस दिन कहीं अता पता नहीं था जब चित्रकूट की रामलीला के शुभारंभ के मौके पर भगवान श्री राम, लक्ष्मण और माता जानकी के स्वरूपों की झांकी उस सीवर के पानी से गुजर रही थी। मगर आज सभी श्रेय लेने पहुंच गए थे। दरअसल पत्रिका द्वारा रामलीला की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होेने के बाद डीएम मौके पर पहुंचे थे।
खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned