ई-रिक्शा चालकों ने प्रशासन के सामने रखी अपनी मांग, कहा पूरी न होने पर जाएंगे हाईकोर्ट

हमें भी है जीने-खाने का हक, शहर के चार स्टेशन से लंका तक ई-रिक्शा चलाने की मांग

वाराणसी. शहर में ई-रिक्शा संचालन के लिए रूट निर्धारण सहित अन्य समस्या को लेकर रविवार को जिला प्रशासन व वाराणसी ई-रिक्शा कल्याण समिति की बैठक हुई। बैठक में ई-रिक्शा चालकों ने अपनी समस्याओं और मांगों को अधिकारियों के समक्ष रखा। अधिकारियों ने शहर में बेनियाबाग से सोनापुरा, गोदौलिया से मैदागिन व सम्पर्क मार्गों पर ही ई-रिक्शा चलाने का निर्देश दिया। वहीं ई-रिक्शा चालकों ने शहर के प्रमुख चार रेलवे स्टेशनों सहित शहर के व्यस्तम इलाकों में ई-रिक्शा चलाने की मांग की, जिस पर प्रशासन ने विचार करने का आश्वासन दिया। ई-रिक्शा चालकों ने कहा कि अगर प्रशासन हमारी मांगों को नहीं मानता है तो हम हाई कोर्ट जायेंगे। 



वाराणसी ई-रिक्शा कल्याण समिति के अध्यक्ष त्रिभुवन ने कहा कि शुरू में नगर निगम में ई-रिक्शा का पंजिकरण होता था, फिर बाद में प्रशासन ने नियम में बदलाव करते हुए ई-रिक्शा का पंजिकरण आरटीओ से कराने का निर्णय लिया। ऐसे में जो गरीब ई-रिक्शा वाले पहले नगर निगम में पंजिकरण करा चुके हैं, उन सभी लोगों का प्रशासन आरटीओ में पंजिकरण कराये। त्रिभुवन ने शहर के चार प्रमुख रेलवे स्टेशनों कैंट, सिटी, मंडुआडीह व काशी से लंका तक ई-रिक्शा चलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि इन मार्गों पर ही सबसे अधिक यात्री चलते हैं। 



उन्होंने कहा कि ई-रिक्शा चलने से शहर का प्रदूषण कम होगा और गरीबों की रोजी-रोटी भी चलेगी। सिर्फ बेनिया से सोनापुरा व गोदौलिया से मैदागिन तक चलने से हमारी रोजी-रोटी नहीं चलेगी। हमें भी जीने व खाने का हक है। बैठक में नगर आयुक्त, एसपी ग्रामीण, एसपी ट्रैफिक, सीओ ट्रैफिक सहित ई-रिक्शा समिति के पूर्व अध्यक्ष अजय, महामंत्री सीताराम केशरी, पप्पू यादव, अशोक पाठक आदि उपस्थित रहे।
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