खाली हाे रहे पीएफ अकाउंट, वाराणसी में 50 प्रतशित बढ़ गए पीएफ से पैसा निकालने वाले

वाराणसी में पीएफ से पैसा निकालने वालों की संख्या 50 फीसदी तक बढ़ गयी है। अगस्त से लेकर अब तक 5586 लोग पीएफ से पैस निकाल चुके हैं। इसके अलावा साढ़े 9 हजार से अधिक लोगों ने कोविड क्लेम कर एडवांस लिया है।

वाराणसी. कोरोनरा वायरस महामारी, लाॅकडाउन और उसके चलते उपजे हालात के चलते देश भर में नौकरी पेशा लोगों द्वारा अपने पीएफ का रुपया निकालने का सिलसिला जारी है। नौकरी चली जाने, वेतन कटौती या तनख्वाह का देर से मिलना जैसी दिक्कतों से खासतौर से प्राइवेट सेक्टर के नौकरी पेशा के सामने आर्थिक संकट उठ खड़ा हुआ है। जमा पूंजी खत्म होने के बाद पीएफ में जमा पूंजी निकालना मजबूरी बन गय है। हालात ये हैं कि वाराणसी में पीएफ से पैसा निकालने वालों की संख्या 50 फीसदी तक बढ़ गयी है। अगस्त से लेकर अब तक 5586 लोग पीएफ से पैस निकाल चुके हैं। इसके अलावा साढ़े 9 हजार से अधिक लोगों ने कोविड क्लेम कर एडवांस लिया है।

 

ठेकेदार के अंडर में सफाई का काम करने वाली वाराणसी की चुन्नी देवी बताती हैं कि नौकरी तो चल रही है, लेकिन उन्हें कोरोना काल में उन्हें वेतन बेहद कम मिला। उस पर बेटी की शादी है वो अलग से। आमदनी का कोई और जरिया न होने से पीएफ से पैस निकालना मजबूरी है। पीएफ से पैसा कैसे निकलेगा, यह पता करने पीएफ दफ्तर पर आए वाराणसी के सहदेव कहते हैं कि फैक्ट्री की नौकरी चली गई, अब पीएफ के पैसे से कुछ दिन गुजारा होगा। कहा जा रहा है कि मार्च में जहां 1230, अप्रैल में 809, मई में 504, जून में 842, जुलाई में 1272 और अगस्त में 911 लोगों ने नौकरी चले जाने पर पीएफ से पैसा निकाला। इसी तरह 9681 ने कोविड क्लेम कर 18 करोड़ 64 लाख 82 हजार 50 रुपये का एडवांस लिया।

 

पीएफ से जुड़ी समस्याओं के समाधान से संबंधित जनसेवा केन्द्र चलाने वाले विकास शुक्ला बताते हैं कि पीएफ से पैसा निकालने आने वालों की तादाद 50 प्रतिशत से अधिक हो गई है। यही हाल पीएफ ऑफिस का भी है। कोरोना से बचाव के लिये दफ्तर के नीचे गार्ड के पास ऑनलाइन बातचीत की सुविधा दी गई है। इसके जरिये लोग अपनी समस्या बताते हैं। यहां पूर्वांचल के जिलों से लोग आते हैं।

 

पीएफ कमिश्नर उपेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि ऐसा नहीं कि नौकरी चले जाने के तत्काल बाद पीएफ निकाला जा सकता है। इसके लिये दो महीने का वेटिंग पीरियड है। इसके बाद ही वह पैसा निकाल सकता है। इसके अलावा अगर नौकरी के दौरान जरूरत पड़ने पर एडवांस की सुविधा है। यह एडवांस हायर स्टडीज, मकान और शादी के लिये है। इन जरूरतों के लिय उसके साथ की स्क्रूटनी करके पैसा मिल जाता है। उन्होंने कहा कि नौकरी जाने के बाद दो महीने का पीरियड इंम्पाॅर्टेंट होता है।

रफतउद्दीन फरीद
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