हॉकी के दूसरे जादूगर मो. शाहिद सुपुर्द-ए-खाक

हॉकी के दूसरे जादूगर मो. शाहिद सुपुर्द-ए-खाक
late mo shahid

यूपी सरकार के खेल मंत्री पहुंचे श्रद्धाजंलि देने, नहीं आया कोई केंद्र से

वाराणसी. ड्रिब्लिंग के सुल्तान और हॉकी के दूसरे जादूगर मो. शाहिद का जनाजा गुरुवार को जब काशी की सड़कों से गुजरा तो आँखे नम हो गयी। काशी भी रोई क्योंकि उसने अपना होनहार लाल खो दिया था। काशी की धरती पर पैदा हुआ मो. काशी की मिट्टी में खाक हो गया।

गौरतलब है कि पद्मश्री और अर्जुन पुरस्कार प्राप्त मो. शाहीद लिवर और किडनी की बीमारी से जूझ रहे थे। बुधवार सुबह दिल्ली के मेदांता अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। देर शाम उनका शव वाराणसी आया था। उनके कचहरी स्थित आवास पर उनके अंतिम दर्शन को तांता लगा रहा। गुरुवार को खजुरी में बने नए घर से मो. शाहिद का जनाजा निकला। पुलिस लाइन के समीप जनाजे की नमाज अदा हुई।

इस दौरान उत्तर प्रदेश सरकार के खेल मंत्री रामसकल गुर्जर और खेल निदेशालय के निदेशक आरपी सिंह ने उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किया। वंहा से जनाजा जब टकटकपुर स्थित कब्रिस्तान को निकलाा।

जनाजे में काशी के खेल प्रेमी, खिलाडी, शिक्षक, राजनेता, मीडिया जगत के अलावा उनके मित्र, डीरेका के अधिकारियों समेत सामाजिक कार्यकर्ता समेत अन्य लोग शरीक थे। खजुरी से निकली मो. शाहिद कचहरी से अर्दली बाजार, टकटकपुर में उनके परिजनों के कब्रिस्तान पहुंची। तिरंगे में लिपटे मो. शाहिद के अंतिम दर्शन को लोग सड़क के दोनों ओर खड़े थे। अंतिम दुआख्वानी के बाद हॉकी के जादूगर को सिपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। इस दौरान वंहा मौजूद लोगों की आँखे नम हो गयी थी।
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