पूर्वांचल में गैंगवार की पटकथा लिख रहा यूपी इलेक्शन

पूर्वांचल में गैंगवार की पटकथा लिख रहा यूपी इलेक्शन
brijesh mokhtar

माफिया से माननीय बनने के टिकट को लेकर खूनी संघर्ष के आसार

वाराणसी. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के बिगुल बजने का समय जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, साम-दाम-दंड-भेद की नीति और गति से बढ़ रही है। माफिया से माननीय बनने को आतुर बाहुबली राजनीतिक दलों से टिकट लेेने के लिए हर दांव-पेंच आजमा रहे हैं। पूर्वांचल में कई सीट ऐसी है जो जााति और परपंरागत वोटों के गणित के हिसाब से सुरक्षित मानी जा रही है। विभिन्न दलों से जुड़े कई बाहुबली एक ही सीट के लिए दांव लगा रहे हैं। विस क्षेत्रों की सीटों को लेकर अंदरखाने में चल रही जुबानी जंग कभी भी खूनी संघर्ष का रूप ले सकती है। पूर्वांचल की राजनीति में बाहुबली बृजेश के कूदने से सियासत का रंग बदल गया है। पूर्वांचल में बाहुबलियों की एक गोलबंदी के मुखिया एमएलसी बृजेश सिंह हैं तो दूसरी गोल दबंग विधायक मोख्तार अंसारी के साथ है। पूर्वांचल का हर बाहुबली इन दोनों में से किसी एक में आस्था रखता है और उन्हीं के इशारे पर सारे गेम होते हैं। 

बृजेश-विनीत में ठनी, कौन पड़ेगा भारी

मुख्यमंत्री के विवादित पोस्टर को लेकर चर्चा में आए पूर्व एमएलसी बाहुबली विनीत सिंह और माफिया से माननीय बने एमएलसी बृजेश सिंह के बीच बीते पंचायत चुनाव में दुश्मनी का ऐसा बीज बोयाआ कि यह जंग कब खूनी खेल में बदल जाए कोई नहीं जानता। विनीत के बढ़ते कद को रोकने के लिए बृजेश और भदोही के दबंग सपा विधायक विजय मिश्र ने हाथ मिलाया। एमएलसी चुनाव में विनीत का विजय रथ रोक दिया गया तो विनीत ने अपनी गैंग के सफेदपोशों की मदद से चंदौली में बृजेश परिवार को झटका दिया। चुनावी जंग में विनीत ने बसपा से चंदौली के सैयदराजा विधानसभा सीट से टिकट लेकर बृजेश गैंग को चुनौती दे डाली। इस सीट पर बृजेश सिंह अपनी पत्नी व पूर्व एमएलसी अन्नपूर्णा सिंह को बसपा के टिकट पर खड़ा करने की तैयारी में थे। बृजेश सिंह का परिवार विनीत के उम्मीदवार घोषित होने के बाद भी मायावती के संपर्क में है और विनीत का पत्ता काटकर खुद को मायावती का सिपहसलार बनाने की हुज्जत चल रही है। उधर बृजेश सिंह के विधायक भतीजे भी चंदौली से अब बनारस की राजनीति में इंट्री चाहते हैं। सूत्रों की माने तो विधायक सुशील सिंह वाराणसी के उत्तरी और शिवपुर विस क्षेत्र में से किसी एक सीट पर खड़ा होना चाहते हैं। विनीत ने यहां भी पेंच फंसा दिया है। शिवपुर से विनीत ने अपने खास व ब्लाक प्रमुख पति पप्पू भौकाली को बसपा से टिकट दिला दिया है। 

खुलआम आरोप से माहौल गरम

बृजेश और विनीत के परिजन एक दूसरे पर खुलेआम जान से मरवाने की साजिश का आरोप लगा रहे हैं। विनीत के परिजनों को शक है मुख्यमंत्री के विवादित पोस्टर के बाद जिस तरह अचानक विनीत के पुराने मित्र शशिकांत राजभर ने उसके खिलाफ रंगदारी का आरोप लगाते हुए मुकदमा कायम कराया है, इसमें बृजेश सिंह का हाथ है। परिजनों को आशंका है कि बृजेश के लोग शशिकांत की हत्या कर आरोप विनीत के मत्थे मढ़ सकते हैं। 

अन्य जगहों पर भी यहीं हाल

इलाहाबाद में बाहुबली अतीक अपने छोटे भाई अशरफ को सपा से टिकट दिलाने की फिराक में है लेकिन जिस तरह से बीते दिनों एक सार्वजनिक मंच पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अतीक के साथ व्यवहार किया, हालात बदल गए हैं। अतीक अशरफ को हर हाल में विधानसभा भेजना चाहता लेकिन फिलवक्त सपा ने अपने दरवाजे बंद कर दिए हैं। बसपा में सवाल नहीं उठता और भाजपा अतीक को स्वीकार नहीं करेगी। ऐसे में बौखलाए अतीक समर्थक विधानसभा चुनाव में कोई बड़ा गुल खिला सकते हैं। ऐसा ही कुछ आजमगढ़ और गाजीपुर के साथ ही मऊ और जौनपुर जिले में भी चल रहा है। उमाशंकर सिंह, ओमप्रकाश सिंह, रमाकांत सिंह, माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी, राधेमोहन समेत कई ऐसे बाहुबली हैं जो इस बार किसी भी सूरत में विधानसभा का सफर तय करने को बेताब हैं और अपने रास्ते के कांटे को किसी भी कीमत पर बाहर फेंकने के लिए बैठे हैं।  
खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned