देश के सैकड़ों स्कूल-कॉलेज, यूनिवर्सिटी बंद करने की तैयारी में सरकार

Ajay Chaturvedi

Updated: 15 Jul 2019, 03:53:48 PM (IST)

Varanasi, Varanasi, Uttar Pradesh, India

डॉ अजय कृष्ण चतुर्वेदी

वाराणसी. केंद्र सरकार ने देश की शिक्षा व्यवस्था का स्तर ऊंचा करने के लिए नई शिक्षा नीति का प्रारूप तैयार कर लिया है। इसे मानव संसाधन विकास मंत्रालय की वेबसाइट पर अपलोड भी कर दिया गया है। इस प्रारूप पर देश भर के विद्वानों, शिक्षाविदों की राय ली जा रही है। इसी के तहत बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के शिक्षा शास्त्र संकाय चार दिवसीय कुलपति सम्मेलन आयोजित कर रहा है। इसमें नई शिक्षा नीति के प्रारूप पर भी चर्चा होगी। इस नई शिक्षा नीति के प्रारूप के बारे में शिक्षा शास्त्र संकाय की प्रोफेसर और आयोजन सचिव प्रो अंजलि वाजपेयी ने पत्रिका को बताया जो जानकारी दी वह इस प्रकार है....

प्रो वाजपेयी ने बताया कि नई शिक्षा नीति में प्री नर्सरी से हायर एजूकेशन तक के मौजूदा सिस्टम को बदलने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत इस प्रारूप में यह भी व्यवस्था है कि देश के शिक्षण संस्थानों की संख्या को सीमित कर बेहतर शिक्षा की व्यवस्था की जाए। इसके तहत योजना है कि देश के 40,000 स्कूल-कॉलेज और 800 यूनिर्वसिटी की संख्या को कम कर 15,000 शिक्षा संकुल की स्थापना हो। यह पूछने पर कि यूनिवर्सिटी और कॉलेजों की कमी से किस तरह से शिक्षा के स्तर को बेहतर किया जाएगा तो प्रो वाजपेयी का जवाब था कि इसके तहत इसके तहत जो शिक्षा संकुल का निर्माण किया जाएगा। इस संकुल से विद्यार्थियों को जोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि इस नई शिक्षा नीति के तहत भारतीय शिक्षा को वैश्विक स्तर प्रदान किया जाएगा। यानी यह माना जाए कि दुनिया भर के विश्वविद्यालयों की रैंकिंग में शामिल करने की कोशिश होगी। बेहतर व समाजोपयोगी शोध होंगे।

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उन्होने बताया कि इस नई शिक्षा नीति के तहत अब तीन साल के बच्चों का ही स्कूलों में दाखिला होगा। नए सिस्टम में तीन, तीन और चार यानी अब तक लागू 10, 02, 03 शिक्षा पद्धति को पूरी तरह से बदल दिया जाएगा। तीन-तीन-चार सिस्टम लागू करने के पीछे तर्क यह है कि अब तक शिक्षित अभिभावक तो अपने बच्चों का दाखिल कम उम्र में करा देते थे लेकिन जिन घरों में शैक्षिक वातावरण नही होता वहां के बच्चे बडी उम्र में पढना शुरू करते थे। ऐसे में इन दोनों वर्गों के बच्चों में बड़ा फर्क होता था। देर से शिक्षा शुरू करने वाले बच्चे पिछड़ जाते थे। ऐसे में इस नए सिस्टम से सभी बच्चों को तीन साल की उम्र में प्री नर्सरी में दाखिला दिलाया जाएगा।

प्रो वाजपेयी ने कहा कि अभी ये प्रारूप है, इस पर देश भर से सुझाव मांगे जा रहे हैं। बीएचयू में होने वाले कुलपति सम्मेलन में भी इस नई शिक्षा नीति के प्रारूप पर विचार होगा फिर जो सुझाव आएंगे उन्हें मानव संसाधन विकास मंत्रालय को भेजा जाएगा।

 

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