BREAKING NEWS बनारस समेत 6 जिलों में मॉडल बाल मित्र थाने

BREAKING NEWS बनारस समेत 6 जिलों में मॉडल बाल मित्र थाने
child police station

अखिलेश सरकार व यूनिसेफ का संयुक्त प्रयास, बाल अपराधियों को मिलेंगी सुविधाएं

वाराणसी.  बाल उम्र के अपराध का ग्राफ बढ़ने से चिंतित प्रदेश सरकार ने प्रत्येक जनपद में मॉडल बाल मित्र थाना खोलने का निर्णय लिया हैं। पहले चरण में राजधानी लखनऊ और पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी समेत प्रदेश के 6 जिलों का चयन किया गया है। अंतर्राष्ट्रीय सामाजिक संस्था यूनिसेफ की मदद से थाने में बाल अपराधियों को पानी, भोजन और शौचालय की सुविधा तो होगी ही। साथ ही बच्चों की काउंसिलिंग भी कराई जाएगी। सबसे अहम निर्णय यह है कि अपराध चाहे किसी भी क्षेत्र में हो, किशोर गृह में बाल अपराधी को मॉडल बाल मित्र थाने से ही भेजा जाएगा। सरकार की कोशिश है की जून माह के अंत तक चयनित सभी बाल मित्र थाने सुचारू रूप से संचालित होने लगें। प्रदेश के सभी जनपदों में महिला थाना बनने के बाद महिलाओं की पीड़ा सुनी जा रही है। परिवार परामर्श केंद्र में काउंसिलिंग के बाद परिवारों में आ रही दरार भी खत्म हो रही है। महिलाओं के उत्थान के लिए खुद को प्रतिबद्ध बताने वाली अखिलेश सरकार  ने यूनिसेफ एवं एहसास संस्था के साथ मिलकर एक प्रोजेक्ट तैयार किया हैं, जिसके तहत प्रदेशभर में मॉडल बाल मित्र थाना बनाने का निर्णय लिया गया है।

पहले चरण में 6 मंडल शामिल

एसएसपी आकाश कुलहरि ने सोमवार को मीडिया से बातचीत में बताया कि पहले चरण में मेरठ रेंज, लखनऊ, वाराणसी, इलाहाबाद, गोरखपुर, कानपुर को लिया गया हैं। वाराणसी में कैंट थाना, लखनऊ में हजरतगंज, कानपुर में कैंट, इलाहाबाद और गोरखपुर के कोतवाली और गाजियाबाद के सहानी गेट थाने को मॉडल बाल मित्र थाना बनाया जाएगा। विशेष बात यह है कि बच्चे जनपद के किसी भी थाने में अपराध करें, उनके खिलाफ मुकदमा मॉडल बाल मित्र थाने में ही दर्ज होगा। वहीं से किशोर गृह में भेजा जाएगा।

बच्चों को मिलेगा भोजन 

बाल अपराधियों को थाने में ही खाना और पानी की पर्याप्त सुविधा मिलेगी। उनके लिए थाने में शौचालय की व्यवस्था भी होगी। क्योंकि बच्चों को अपराध में पकड़ने के बाद तत्काल किशोर गृह नहीं भेजा जाएगा। उन्हें थाने में रखकर काउंसिलिंग की जाएगी। जिसमें जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला बाल संरक्षण अधिकारी, जिला श्रम अधिकारी, एसजेपीयू के प्रभारी अधिकारी, ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी तथा एनजीओ के पदाधिकारी शामिल रहेंगे। ताकि बच्चों का मन अपराध की ओर से दूसरी दिशा में डायवर्ट किया जा सके।

पुलिसकर्मियों को मिलेगी स्पेशल ट्रेनिंग

मॉडल बाल मित्र थाना में तैनात स्टाफ में संवेदनशीलता होती चाहिए। यूनिसेफ और एहसास संस्था के द्वारा थाने में तैनात स्टाफ को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही उक्त थानों की मानीटरिंग लखनऊ से की जाएगी। बाल अपराधियों संग पुलिसकर्मियों का बर्ताव कैसा हो इसपर विशेष जोर होगा

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