राज्यपाल राम नाइक ने कहा कि ऐतिहासिक है गरीब सवर्णों को आरक्षण देने का निर्णय

सब चाहते हैं कि राम मंदिर मामले में जल्द निर्णय आये, प्रवासियों का दिल खोल कर स्वागत कर सम्मेलन को यादगार बनाये

By: Devesh Singh

Updated: 10 Jan 2019, 07:30 PM IST

वाराणसी. राज्यपाल राम नाइक ने कहा कि गरीब सवर्णों को आरक्षण देने का निर्णय ऐतिहासिक है, जिस तरह से संसद में आरक्षण को लकर चर्चा हुई है और सभी ने सहमति जतायी है वह बहुत अच्छा कदम है। पिछड़ों व दलित वर्ग को दिये जा रहे आरक्षण में बिना किसी तरह का परिवर्तन किये ही गरीब सवर्णो को आरक्षण देना एक सार्थक पहल है। अनुमान है कि आरक्षण बिल पर एक-दो दिन में राष्ट्रपति हस्ताक्षर कर देंगे।
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सम्मूपर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के सरस्वती भवन पुस्तकालय में भ्रमण करने के बाद राज्यपाल राम नाइक ने मीडिया से बात की। सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या में राम मंदिर पर सुनवाई टल जाने पर भी बयान दिया। कहा सर्वोच्च न्यायालय को निर्णय लेने के लिए प्रक्रिया का पालन करना होता है उसी प्रक्रिया के तहत ही समय दिया गया होगा। इस पर टिप्पणी नहीं करनी है सभी चाहते हैं कि इस मुद्दे पर जल्द निर्णय आये।
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प्रवासियों का करे दिल खोल कर स्वागत
राज्यपाल राम नाइक ने कहा कि बनारस में प्रवासी सम्मेलन बहुत महत्वपूर्ण है। पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के समय इस सम्मेलन की शुरूआत हुई थी। बनारस के साथ यूपी व देश के लिए भी यह सम्मेलन खास मायने रखता है। प्रवासी सम्मेलन के माध्यम से दुनिया भर में रहने वाले भारतीयों को एक जगह पर विचारों का अदान-प्रदान करने का मौका मिलता है। मैं आशा करता हूं कि बनारस के लोग प्रवासियों के लिए खास व्यवस्था करेंगे। सम्मेलन के बाद जब प्रवासी वापस जायेंगे तो वह बनारस में परिवर्तन व विकास की तारीफ किये बिना नहीं रह पायेंगे।
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सरस्वती भवन पुस्तकालय देखा, तीरंदाजी में विजयी खिलाडिय़ों से की भेंट
राज्यपाल राम नाइक ने सबसे पहले सरस्वती भवन पुस्तकालय देखा। मीडिया के प्रश्र पर कहा कि यहां पहले भी आया था लेकिन यहां की दुलर्भ पांडुलिपियों व हस्तलिखित पुस्तकों को देखने का अधिक समय नहीं मिल पाया था इसलिए अब समय लेकर आया हूं। फिर मौका मिलेगा तो यहां पर आकर सारी चीजों को देखुंगा। राज्यपाल ने पुस्तकालय देखने के बाद उड़ीसा में हुई तीरंदाजी प्रतियोगिता में विजय खिलाडिय़ों शिवम केसरी, आशुतोष कुमार मिश्र व कुमारी प्रीति से भेंट कर उन्हें शुभकामना दी। इससे पूर्व परिसर में आने पर संस्कृत विश्वविद्यालय के वीसी प्रो.राजाराम शुक्ल ने राज्यपाल का स्वागत किया।
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