नगर निगम की मनमानीः ... तो दस्तूरी के लिए ताख पर रखा निदेशालय का निर्देश, 05 महीने बाद भी रिलीव नहीं हुए स्वास्थ्य निरीक्षक

Ajay Chaturvedi

Publish: Oct, 28 2018 04:21:29 PM (IST)

Varanasi, Varanasi, Uttar Pradesh, India

वाराणसी. नगर निगम प्रशासन पूरी तरह से निरंकुश हो चला है। स्थानीय आला अफसरों की तो दूर निदेशालय स्तर के निर्देश का भी पालन यहां नहीं हो रहा। खास तौर पर निगम के स्वास्थ्य महकमें में तो ऐसा ही कुछ नजर आ रहा है। इसी का नतीजा है कि शहर में चारों तरफ गंदगी का साम्राज्य है। जहां-तहां कूडे का ढेर मिल जाएगा। ये हाल तब है जब दो दिन पहले ही कमिश्नर तक इस पर खासे नाराज हुए। लेकिन नगर निगम के अफसरों पर उसका भी असर नहीं है।

बता दें कि स्थानीय निकाय निदेशालय ने 31 मई को पत्र जारी कर नगर निगम में कार्यरत ऐसे स्वास्थ्य निरीक्षकों का गैर जनपद तबादला करने को कहा था जो वर्षों से यहीं जमे हैं। इसके पीछे सोच थी कि काफी दिनों से एक जगह जमे इंस्पेक्टरों का वर्चस्व समाप्त हो और प्रधान मंत्री के स्वच्छता मिशन को ज़मीनी हकीकत पर उतारा जा सके।

निकाय निदेशालय के उस पत्र के बाद नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग ने स्वास्थ निरिक्षकों क्रमशः महेंद्र (वाराणसी से आजमगढ़), राम जी (वाराणसी से इलाहाबाद), राजन सिंह यादव (वाराणसी से इलाहाबाद), सर्वेश कुमार तिवारी (वाराणसी से जौनपूर), कृष्ण कुमार यादव (वाराणसी से आजमगढ़), लालमणि (वाराणसी से फैजाबाद), संतोष कुमार सिंह (वाराणसी से जौनपूर) का तबादला कर दिया। आदेश जारी भी हो गया। लेकिन पांच महीने बीत गए पर उन्हें अब तक रिलीव नहीं किया जा सका है।

इस संबंध में कांग्रेस पार्षद व निगम कार्यकारिणी सदस्य रमज़ान अली ने पत्रिका से बातचीत के दौरान नगर निगम के नगर स्वास्थ अधिकारी एके दुबे की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा कि जब पांच महीना पहले इन सभी स्वास्थ्य निरीक्षकों को स्थानांतरित कर दिया गया। उनके स्थान पर नए स्वास्थ निरिक्षकों ने कार्यभार भी ग्रहण कर लिया। फिर क्या मजबूरी है कि उन स्थानांतरित निरीक्षकों से अब तक काम लिया जा रहा है। आखिर नगर स्वास्थ अधिकारी इन स्वास्थ निरिक्षकों को रिलिव क्यों नहीं कर रहे। रमजान ने आरोप लगाया कि ये स्वास्थ्य निरीक्षकी दस्तूरी प्रथा को बढ़ावा दे रहे हैं, इससे निगम के अधिकारियों को अच्छी खासी आमदनी हो रही है। यही वजह है कि इन्हें अब तक कार्यमुक्त नहीं किया गया।


उन्होंने कहा कि निकाय निदेशालय के निर्देश की अवहेलना का नतीजा है कि वर्तमान मे वाराणसी की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। इसके लिए सीधी तौर पर नगर निगम प्रशासन जिम्मेदार है। रमजान ने कहा कि नगर स्वास्थ अधिकारी एके दूबे का कहना है कि जो चल रहा है, सब ठीक है। मै कोई शिकायत नही सुनने वाला हूं। मुझे शिकायत सुनना पसंद नही है। पार्षद ने बताया कि यही वजह है कि गत 28 सितंबर को हुई नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में नगर स्वास्थ अधिकारी एके दूबे को हटाने का प्रस्ताव भी पूर्णमांसी गुप्ता ला चुके हैं।


मौजूदा हालात में नगर निगम कार्यकारिणी समिति के सदस्य रमजान अली ने स्थानीय निकाय निदेशालय, उत्तर प्रदेश सरकार, लखनऊ को पत्र भी भेज दिया है। स्थानीय निकाय निदेशक से स्वास्थ्य निरीक्षकों के तबादले के प्रकरण की जांच कराते हुए दोषी नगर स्वास्थ अधिकारी पर कठोर विधिक कार्रवाई की मांग की है।

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