गृहमंत्री राजनाथ के गृहक्षेत्र में नक्सलियों की धमक

चंदौली में बढ़ी नक्सली गतिविधियां, चुनाव में डाल सकते हैं खलल

By: Vikas Verma

Published: 25 Oct 2016, 07:59 PM IST

वाराणसी. आतंकवाद से जूझ रहे देश में नक्सली बड़ी तेजी से एक बार फिर सिर उठाने की कोशिश में हैं। खुफिया एजेंसियों की एक रिपोर्ट ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। केंद्रीय खुफिया एजेंसियों को लगातार सूचनाएं मिल रही है कि देश के भीतर मौजूद कुछ नक्सली संगठन सीमापार से घुसपैठ करके आए आतंकियों के संपर्क में हैं। आतंकवाद पर पड़ोसी मुल्क को दो टूक जवाब देने वाले देश के गृहमंत्री राजनाथ सिंह की जन्मभूमि यानि चंदौली में एक बार फिर नक्सली गतिविधियां बढ़ गई हैं। 

उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक सेल यानि यूपी एटीएस के होश तब उड़े जब बीते दिनों नोएडा में नक्सलियों की धरपकड़ की। पकड़े गए नक्सलियों की निशानदेही पर एटीएस ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह के गृहक्षेत्र चंदौली के सैयदराजा क्षेत्र में दबिश देकर नक्सली सुनील रविदास को गिरफ्तार किया था जबकि एक अन्य नक्सली हाथ नहीं लगा। इस दौरान एटीएस को सुनील व फरार नक्सली के घर से इंसास समेत भारी मात्रा में असलहा कारतूस बरामद हुआ था। सुनील की निशानदेही पर दो दिन बाद एटीएस ने बिहार के रोहतास से दो अन्य नक्सलियों को गिरफ्तार कर लिया। सोमवार को एटीएम ने एक बार फिर चंदौली में सुनील के घर दबिश दी तो वहां से भारी मात्रा में नक्सली साहित्य व अन्य आपत्तिजनक सामाग्री बरामद हुई जो देशहित में नहीं हैं। बीते पंद्रह दिनों में एटीएस यूपी के नोएडा, चंदौली व बिहार से एक दर्जन नक्सलियों को पकड़ चुकी है। 

नक्सलियों को भले ही उनके मंसूबे कामयाब होने से पहले ही यूपी एटीएस ने पकड़ लिया हो लेकिन अब भी यूपी, बिहार और दिल्ली के शहरी इलाकों में नक्सली अपनी पहचान छिपाकर सामान्य नागरिकों की तरह रहकर अपनी साजिश को परवान चढ़ाने में जुटे हैं। केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के अनुसार कुछ नक्सली आतंकियों के संपर्क में हैं। आतंकियों ने नक्सलियों से हथियारों की डील की है और बदले में भारी रकम देने की बात है। बीते कुछ दिनों से नक्सली सुरक्षाबलों से लूटे एके 47, इंसास समेत अन्य खतरनाक हथियार जुटा रहे थे। चंदौली, बिहार, सोनभद्र, छत्तीसगढ़ में छिपे नक्सलियों ने अपनी गतिविधियां तेज कर दी थी। सूत्रों की माने तो नोएडा में इन हथियारों को जुटाया जा रहा था और दिल्ली या आसपास के इलाकों में इनकी सप्लाई होनी थी लेकिन नक्सलियों को यह नहीं पता था कि उनके मोबाइल फोन खुफिया एजेंसियों के राडार पर हैं।  

खुफिया एजेंसियों की माने तो नक्सलियों की योजना उत्तर प्रदेश में होने वाले चुनाव में भी खलल डालने की तैयारी की जा रही है। उत्तर प्रदेश में चंदौली, सोनभद्र, मीरजापुर समेत आसपास के जिलों में नक्सलियों की चुनाव को रक्तरंजित करने की योजना है। फिलहाल तो सुरक्षा एजेंसियां इस समय शहरी इलाकों में छिपे नक्सलियों को बिल से बाहर निकालकर पिंजरे में डालने की कोशिश में जुटी है लेकिन सुरक्षा एजेंसियों से लेकर केंद्र सरकार की सबसे बड़ी परेशानी का सबब नक्सलियों का आतंकियों का दामन थामना है। नक्सली तो सरकारी सिस्टम से खफा होकर हथियार उठाने को मजबूर हुए है लेकिन देशद्रोहियों से उनका मिलन कहीं से भी देश के लिए हित में नहीं है। 
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