गोल्डेन कार्ड बनवाने का मौका, 15 से 30 दिसंबर तक चलेगा अभियान

  • आयुष्मान भारत गोल्डेन कार्ड (Ayushman Bharat Golden Card) से 5 लाख तक का होगा मुफ्त इलाज
  • गंभीर बीमारियों का सरकारी और निजी अस्पताल में करा सकते हैं इलाज
  • 15 दिसंबर से 31 दिसंबर तक कार्ड बनाने का चलेगा अभियान
  • टोल फ्री नंबर पर फोन कर भी पता कर सकते हैं लिस्ट में अपना नाम
  • 30 रुपये में अस्पताल या जनसेवा केन्द्र से जाकर बनवाया जा सकता है

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

लखनऊ. भारत सरकार का आयुष्मान भारत गोल्डेन कार्ड (Ayushman Bharat Golden Card) कई मर्ज की दवा है। अगर आप गरीब हैं या आपकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है तो ऐसे में इलाज के लिये भटकना नहीं पड़ेगा। महज एक कार्ड से पांच लाख रुपये तक का इलाज सरकारी या प्राइवेट अस्पताल में करवा सकते हैं। इसका मकसद आर्थिक रूप से कमजोर लोगों तक गंभीर से गंभीर बीमारी का सुलभ इलाज सुनिश्चित कराना है। आयुष्मान भारत योजना में आने वाले गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर लोग गोल्डेन कार्ड बनवाकर पांच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा उठा सकते हैं।


अगर अब तक आप गोल्डेन कार्ड नहीं बनवा सके हैं तो अभी अच्छा मौका है। 15 से लेकर 31 दिसंबर तक अभियान चलाकर आयुष्मान भारत योजना के तहत गोल्डेन कार्ड बनाया जा रहा है। सरकार ने गोल्डेन कार्ड विहीन परिवारों को इसका लाभ दिलाने के लिये 15 से 31 दिसंबर तक इसका अभियान चला रखा है। हर जिले में कैप लगाकर कार्ड बनाए जा रहे हैं।


क्या है आयुष्मान गोल्डेन कार्ड

आयुष्मान भारत योजना देश की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सुरक्षा योजना है और गोल्डेन कार्ड इसी के अंतर्गत जारी किये जाते हैं। कार्ड धारक योजना के तहत चुने गए सरकारी या निजी स्पताल में गंभीर से गंभीर बीमारी का 5 लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त में करा सकता है। योजना के तहत देश भर में करीब 10 करोड़ लोग हर साल इसका लाभ उठा रहे हैं। इस स्वास्थ्य सुरक्षा योजना की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2018 में राष्ट्रीय स्वास्थ्य संरक्षण मिशन के अंतर्गत की थी। इसके तहत 1350 इलाज जैसे सर्जरी, मेडिकल डे केयर ट्रीटमेंट, डायग्नोस्टिक आदि पैकेज शामिल किये गए थे। पर अब इसमें 19 अन्य आयुर्वेदिक, होमियोपैथिक, योग व यूनानी पैकेज शामिल किये गए हैं। गाजीपुर में आयुष्मान भारत योजना के नोडल अधिकारी एसीएमओ डाॅ. डीपी सिन्हा के मुताबिक उत्तर पदेश में इस योजना के अंतर्गत कुल1.18 करोड़ लाभार्थी परिवार हैं। इनमें से 92 लाख परिवार ग्रामीण इलाकों से आते हैं, जिनमें से 57,21,834 ऐसे परिवार हैं जिनके किसी भी सदस्य का गोल्डन कार्ड अभी तक नहीं बन पाया है।


ऐसे बनवाएं

आयुष्मान योजना के तहत गोल्डेन कार्ड बनवाना बेहद आसान है। आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थी जन आरोग्य योजना के अंतर्गत आवेदन कर गोल्डेन कार्ड प्राप्त कर सकते हैं। यानि सबसे पहले ये जानना जरूरी है कि आप इसके लिये पात्र हैं या नहीं। इसे ऑनलाइन भी पता किया जा सकता है। एक बार इस लिस्ट में नाम आने के बाद अपने नजदीकी जनसेवा केन्द्र या असप्ताल जाकर गोल्डेन कार्ड बनवा सकते हैं।


Pradhanmantri Jan Arogya Card 2020 के दस्तावेज़

- आधार कार्ड

- मोबाइल नंबर

- राशन कार्ड

- पासपोर्ट साइज फोटो


ऐसे देखें लिस्ट में अपना नाम

आयुष्मान भारत योजना की Official Website पर विजिट कर वहां अपना रजिस्टर्ड मोबाल नंबर और कैप्चा कोड भरकर ओटीपी जेनरेट करना होगा। ओटीपी सबमिट करने के बाद अपने नाम, मोबाइल नंबर, राशन कार्ड, RSBI URN में से किसी विकल्प पर क्लिक कर लिस्ट में अपना नाम चेक कर सकते हैं। टोल फ्री नंबर 14555/1800111565 पर काॅल करके भी लिस्ट में अपना नाम पता कर सकते हैं।


ऐसे बनवाएं गोल्डेन कार्ड

नजदीकी जनसेवा केन्द्र या फिर अस्पताल में जाकर आयुष्मान भारत गोल्डेन कार्ड बनवाया जा सकता है। पर उसके लिये कुछ प्रक्रियाएं करनी होंगी। बड़ी बात यह कि गोल्डेन कार्ड वहीं से डाउनलोड किया जा सकता है जहां से इसे बनवाया गया होगा।


जनसेवा केन्द्र से

नजदीकी जनसेवा केन्द्र जाकर सबसे पहले आयुष्मान भारत योजना की सूची में अपना नाम तलाश करें। लिस्ट में नाम होने पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसके लिये आधार कार्ड, राशन कार्ड, पंजीकृत मोबाइल नंबर आदि जरूरी होंगे। रजिस्ट्रेशन आईडी बन जाने के बाद 10 से 15 दिनों में 30 रुपये का शुल्क लेकर आपको कार्ड दे दिया जाएगा।


अस्पतालों से

योजना में पंजीकृत और निजी असपतालों में आधार कार्ड, राशन कार्ड, रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर देना होगा। वहां जन आरोग्य सूची में आपका होने पर साधारण सी प्रक्रिया के बाद आपको गोल्डेन कार्ड मिल जाएगा।

रफतउद्दीन फरीद
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