scriptIf there is lump in breast do not panic get it checked this is alarm bell | स्तन में गांठ है तो घबराएं नहीं, कराएं जांच, ये है खतरे की घंटी | Patrika News

स्तन में गांठ है तो घबराएं नहीं, कराएं जांच, ये है खतरे की घंटी

स्तन में बनी कोई भी गांठ को नजरअंदाज करना एक बड़ी मुसीबत को आमंत्रण देने जैसा है। हालांकि हर गांठ से कैंसर नहीं होता है। फिर भी सतर्क रहना चाहिए। स्तन कैंसर का प्रमुख लक्षण स्तन में गांठ को माना जाता है। ऐसे में स्तन में गांठ का पता चलते ही महिलाओं को घबराना नहीं चाहिए। बल्कि चिकित्सक की सलाह पर अपनी जांच करानी चाहिए। ये सलाह है वाराणसी के जिला अस्पताल के सम्पूर्णा क्लिनिक की प्रभारी व वरिष्ठ चिकित्सक डा. जाह्नवी सिंह का।

वाराणसी

Published: August 06, 2022 10:20:07 am

वाराणसी. स्तन में बनी कोई भी गांठ को नजरअंदाज करना बड़ी मुसीबत को आमंत्रण देने जैसा है। हालांकि हर गांठ से कैंसर नहीं होता है। फिर भी सतर्क रहना चाहिए। ये कहना है पं. दीनदयाल राजकीय जिला चिकित्सालय में स्थिति सम्पूर्णा क्लिनिक ’की प्रभारी व वरिष्ठ चिकित्सक डॉ जाह्नवी सिंह का। उन्होंने बताया कि पं. दीनदयाल चिकित्सालय स्थिति ‘सम्पूर्णा क्लिनिक’ में ऐसे मामले अक्सर देखने को मिलते हैं। इसको लेकर महिलाओं को सावधान व सतर्क रहने की जरूरत है।
स्तन कैंसर (प्रतीकात्मक फोटो)
स्तन कैंसर (प्रतीकात्मक फोटो)
छोटी गांठ से भी हो सकती कैंसर की शुरूआत

डॉ जाह्नवी बताती हैं कि स्तन कैंसर की शुरुआत ब्रेस्ट में छोटी गांठ से भी हो सकती है। शुरूआती स्थिति में चिकित्सक की सलाह पर गांठ की जांच कराकर कैंसर का निदान किया जा सकता है, लेकिन इसमें बरती गई लापरवाही आगे चल कर मरीज के लिए बड़ी मुसीबत बन जाती है। *****
स्तन कैंसर (प्रतीकात्मक फोटो) ब्रेस्ट में गांठ है तो घबराने की बजा कराएं जांच

डॉ जाह्नवी का कहना है कि, “स्तन कैंसर का प्रमुख लक्षण स्तन में गांठ को माना जाता है, लिहाजा स्तन में गांठ का पता चलते ही आम तौर पर महिलाएं घबरा जाती हैं, जबकि उन्हें घबराना नहीं चाहिए।“ वह बताती है कि आम तौर पर ब्रेस्ट में होने वाले बदलाव पीरियड्स के दौरान, पीरियड्स बंद होने के दौरान अथवा गर्भावस्था के दौरान होते है। दरअसल महिलाओं मे हार्मोंस के बदलाव व ब्रेस्ट टिशूज में फैट बढ़ने के कारण भी गांठ बन जाती है। कुछ महिलाओं के स्तन में कई छोटी-छोटी गांठ हो जाती है। कुछ में सिर्फ एक बड़ी गांठ बन जाती है। उन्हें चिकित्सक की सलाह पर अपनी जांच करानी चाहिए।
 जिला चिकित्सालय में स्थिति सम्पूर्णा क्लिनिक की प्रभारी व वरिष्ठ चिकित्सक डा. जाह्नवी सिंह स्तन की नियमित रूप से खुद करें जांच

डॉ. जाह्नवी बताती है कि स्तन कैंसर महिलाओं में सर्वाधिक पाया जाने वाला कैंसर है। पहले 40 से 45 वर्ष की महिलाओं के स्तन कैंसर से पीड़ित होने की संभावना सबसे अधिक रहती थी पर अब 30 से 40 वर्ष की महिलाओं में भी इसकी संख्या तेजी से बढ़ रही है। इस संकट से बचने के लिए महिलाओं को इस बात का हमेशा ध्यान रखना चाहिए कि उनके स्तन में कहीं कोई गांठ तो नहीं उभर रही। इसके लिए 30 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को अपने स्तन की जांच हर माह स्वयं करनी चाहिए और वर्ष में एक बार चिकित्सक से उसका परीक्षण कराना चाहिए। गांठ का पता चलते ही फौरन चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए ताकि इसका परीक्षण हो सके कि गांठ कैंसर युक्त है या कैंसर मुक्त। स्तन की जांच स्वयं कैसे करें? इस बारे में जानकारी के लिए किसी चिकित्सक अथवा पं. दीन दयाल उपाध्याय चिकित्सालय में स्थित ‘सम्पूर्णा क्लिनिक ’में सम्पर्क किया जा सकता है।
यह है खतरे की घंटी
- स्तन में किसी तरह की गांठ
- निप्पल से किसी तरह का श्राव
- निप्पल का अंदर की ओर धंसना
- स्तन की स्किन संतरे के छिलके की तरह होना
- किसी एक स्तन के आकार में परिवर्तन
संपूर्णा क्लिनिक में आई महिलाओं की कहानी

अध्यापिका स्वाति (40 वर्ष) उस रात नहीं सो पाईं जब उन्हें अपने स्तन पर उभरी गांठ का अहसास हुआ। उन्हें लगा कि कहीं यह स्तन कैंसर तो नहीं। सुबह होते ही वह ‘सम्पूर्णा क्लीनिक’ पहुंची। जांच के बाद डॉक्टर ने जब उन्हें बताया कि यह एक सामान्य गांठ है, कुछ ही दिन में ठीक हो जाएगा। इसी तरह ममता (38 वर्ष ) को दो वर्ष से ब्रेस्ट में गांठ थी। गांठ में कभी दर्द नहीं हुआ, इस वजह से उन्होंने उसे कभी गंभीरता से भी नहीं लिया। अचानक उनके निप्पल से श्राव होने लगा। उपचार के लिए वह सम्पूर्णा क्लिनिक पहुंची। जांच में जब पता चला कि यह स्तन कैंसर के लक्षण हैं। वह रोने लगी। उन्हें अफसोस हुआ कि उन्होंने ब्रेस्ट में हुई गांठ के प्रति लापरवाही क्यों बरती। समय रहते यदि उपचार कराया होता तो यह दिन आज न देखना होता।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

Monsoon Alert : राजस्थान के आधे जिलों में कमजोर पड़ेगा मानसून, दो संभागों में ही भारी बारिश का अलर्टमुस्कुराए बांध: प्रदेश के बांधों में पानी की आवक जारी, बीसलपुर बांध के जलस्तर में छह सेंटीमीटर की हुई बढ़ोतरीराजस्थान में राशन की दुकानों पर अब गार्ड सिस्टम, मिलेगी ये सुविधाधन दायक मानी जाती हैं ये 5 अंगूठियां, लेकिन इस तरह से पहनने पर हो सकता है नुकसानस्वप्न शास्त्र: सपने में खुद को बार-बार ऊंचाई से गिरते देखना नहीं है बेवजह, जानें क्या है इसका मतलबराखी पर बेटियों को तोहफे में देना चाहता था भाई, बेटे की लालसा में दूसरे का बच्चा चुरा एक पिता बना किडनैपरबंटी-बबली ने मकान मालिक को लगाई 8 लाख रुपए की चपत, बलात्कार के केस में फंसाने की दी थी धमकीराजस्थान में ईडी की एन्ट्री, शेयर ब्रोकर को किया गिरफ्तार, पैसे लगाए बिना करोड़ों की दौलत

बड़ी खबरें

सलमान रुश्दी पर हमला करने वाले की ईरान ने की तारीफ, कहा - 'हमला करने वाले को एक हजार बार सलाम'58% संक्रामक रोग जलवायु परिवर्तन से हुए बदतर: प्रोफेसर मोरा ने बताया, जलवायु परिवर्तन से है उनके घुटने के दर्द का संबंध14 अगस्त स्मृति दिवस: वो तारीख जब छलनी हुआ भारत मां का सीना, देश के हुए थे दो टुकड़ेआरएसएस नेता इंद्रेश कुमार का बड़ा बयान, बापू की छोटी सी भूल ने भारत के टुकड़े करा दिएHimachal Pradesh: जबरदस्ती धर्म परिवर्तन करवाने पर होगी 10 साल की जेल, लगेगा भारी जुर्मानाDGCA ने एयरपोर्ट पर पक्षियों के हमले को रोकने के लिए जारी किया दिशा-निर्देश'हर घर तिरंगा' अभियान में शामिल हुई PM नरेंद्र मोदी की मां हीराबेन, बच्‍चों के संग फहराया राष्‍ट्रीय ध्‍वज7,500 स्टूडेंट्स ने मिलकर बनाया सबसे बड़ा ह्यूमन फ्लैग, गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.