IIT BHU को मिली बड़ी जिम्मेदारी, तय करेगा दवाओं और चिकित्सा उपकरणों के गुणवत्ता व मानक

IIT BHU को मिली बड़ी जिम्मेदारी, तय करेगा दवाओं और चिकित्सा उपकरणों के गुणवत्ता व मानक

Ajay Chaturvedi | Publish: Sep, 09 2018 12:08:25 PM (IST) Varanasi, Uttar Pradesh, India

भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन आयोग द्वारा मिली मान्यता

वाराणसी. देश के विकास एवं मानव मात्र की समृद्धि के लिए सतत् प्रयत्नशील भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (काशी हिन्दू विश्वविद्यालय) अब एक नई जिम्मेदारी वहन करने जा रहा है। इसके लिए केंद्र सरकार ने संस्थान को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। इसके तहत अब आईआईटी बीएचयू देश के हर इंसान की सेहत के प्रति भी न केवल सचेत रहेगा बल्कि उसके लिए महत्वपूर्ण योगदान देगा। संस्थान अब देश के नागरिकों की सेहत के प्रति कहीं ज्यादा संवेदनशील होगा क्योंकि अब उसे दवाओं और चिकित्सा उपकरणों के गुणवत्ता एवं मानक तय करने की अहम् जिम्मेदारी भी सौंप दी गई है। यह जिम्मेदारी सौंपी है भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन आयोग ने। आयोग ने इसके लिए संस्थान को मान्यता प्रदान कर दी है।

संस्थान के फार्मास्यूटिकल्स इंजीनियरिंग व टैक्नॉलजी विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर संजय सिंह ने बताया कि संस्थान अब भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले भारतीय भेषज संहिता आयोग (इंडियन फार्माकोपोइया कमीशन) का एक सहयोगी शोध केन्द्र के रूप में जाना जाएगा। आयोग के सचिव-सह-वैज्ञानिक निदेशक डॉ जीएन सिंह ने संस्थान के फार्मास्यूटिकल्स इंजीनियरिंग व टैक्नॉलजी विभाग के अध्यक्ष प्रो सिंह को पत्र के माध्यम से यह जानकारी दी है कि संस्थान को फार्मास्यूटिकल्स एवं चिकित्सा उपकरणों की गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानकों के लिए भारतीय भेषज संहिता आयोग के एक सहयोगी केन्द्र के रूप में मान्यता दे दी गई है।

प्रो. संजय सिंह ने बताया कि इस संबंध में आयोग द्वारा एक मसौदा तैयार कर भेजा जाएगा। यह मान्यता मिलने से संस्थान में मरीजों और उपभोक्ताओं द्वारा उपयोग में लाई जाने वाली स्वास्थ्य संबंधी दवाओं, औषधियों के शोध को और बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, चिकित्सा उपकरणों की गुणवत्ता और प्रामाणिकता की जांच और स्वास्थय उपकरणों के उपयोग हेतु मानकों को तय करने मे भी संस्थान अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। फार्मास्यूटिकल्स इंजीनियरिंग व टैक्नॉलजी विभाग की इस उपलब्धि पर संस्थान के निदेशक प्रोफेसर पीके जैन ने बधाई दी है।

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