जया एकादशी 2018: इस शुभ मुहूर्त में करें पूजा, मिलेगा विशेष लाभ

इस एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति भूत, प्रेत, पिशाच की योनि से मुक्त हो जाता है।

By: Akhilesh Tripathi

Published: 26 Jan 2018, 10:48 PM IST

वाराणसी. हिंदू धर्म में एकादशी का व्रत काफी महत्वपूर्ण स्थान रखता है। माघ शुक्ल की एकादशी तिथि को होने वाली जया एकादशी का सभी एकादशी में खास महत्व है और इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है । माना जाता है कि यह एकादशी बहुत ही पुण्यदायी है और इस एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति भूत, प्रेत, पिशाच की योनि से मुक्त हो जाता है। जिन लोगों पर नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव होता है, उनके लिए माघ माह की यह एकादशी लाभकारी है।

 

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इस एकादशी को अन्य सभी एकादशियों की तरह ही पुण्य प्रदान करने वाला माना जाता है और इस व्रत की कथा सुनने वालों को भी विशेष फल मिलता है। शास्त्रों के कथा के अनुसार एक बार धर्मराज युधिष्ठिर भगवान श्री कृष्ण से पूछते हैं कि माघ शुक्ल एकादशी को किसकी पूजा करनी चाहिए। श्री कृष्ण ने युधिष्ठिर से कहा कि माघ शुक्ल एकादशी को जया एकादशी कहते हैं और जया एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए।

 

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यह है पूजा विधि:

एकादशी के दिन प्रातः काल उठकर व्रत करने वाले लोग स्नान करने के बाद भगवान विष्णु और देवी एकादशी की पूजा करनी चाहिये। इस दिन निर्जला व्रत रखने की भी मान्यता है। भगवान विष्णु की पूजा धूप-दीप पुष्प आदि से करनी चाहिए। इसके अलावे इस दिन विष्णुसहस्त्रनाम का पाठ करना चाहिये। इस दिन भगवान विष्णु को विशेष पकवान का भोग लगाया जाता है। रात्रि में दीपदान करने की परंपरा है और एकादशी की रात को जागकर भजन-कीर्तन करना भी शुभ माना जाता है।

 

यह है शुभ मुहूर्त :


एकदशी तिथि प्रारंभ 27 जनवरी 2018, शनिवार को 11:14 बजे।

एकादशी तिथि समाप्त 28 जनवरी 2018, रविवार को 08:27 बजे।

 

पारण का मुहूर्त :

पारण का मुहूर्त 13:37 से 15:45 तक।

 

 

 

 

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