मुख्य सचिव से नाराज काशी विश्वनाथ, मोदी से कालभैरव !

मुख्य सचिव से नाराज काशी विश्वनाथ, मोदी से कालभैरव !
alok ranjan file foto

क्या है मामला, पढि़ए ये खबर अचानक आई मुख्य सचिव पर आफत तो चर्चाओं को लगे पंख

वाराणसी. उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव आलोक रंजन पर अचानक मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है। नौ लक्खा हार के चोरी के मामले में दो नौकरों को अवैध रूप से हिरासत में रखवाने, एसएसपी लखनऊ के तबादले समेत अन्य मामले अचानक हवा में उछलने लगे। इन सबके बीच बुधवार को मुख्य सचिव अपने घर के बाथरुम में गिर गए। उन्हें लखनऊ के लोहिया संस्थान में भर्ती कराया गया है। 
मुख्य सचिव पर पिछले पांच दिनों में आई एक के एक आफत पर मंदिरों के शहर काशी में एक चर्चाओं को पंख लग गए हैं। मार्च 2016 से तीन माह के सेवा विस्तार पर चल रहे मुख्य सचिव आलोक रंजन से काशी विश्वनाथ नाराज है। नाराजगी के पीछे की काशी के पंडित वजह भी बताते हैं। दरअसल, वरुणा कारीडोर समेत प्रदेश की ओर से संचालित योजनाओं की समीक्षा करने मुख्य सचिव बीते चौदह मई को वाराणसी आए थे। समीक्षा के बाद मुख्य सचिव अगले दिन काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन को पहुंचे थे। हवन-पूजन के दौरान गर्भगृह में मुख्य सचिव   स्टूल पर बैठे थे। इस दौरान मंदिर परिसर में कई बाबा भक्तों ने एतराज भी जताया था जिसपर अधिकारियों ने बताया था कि मुख्य सचिव के घुटने में समस्या है इसलिए वह स्टूल पर हैं। उस समय तो काशी के पंडितों व महादेव के भक्त शांत हो गए लेकिन मुख्य सचिव के लखनऊ पहुंचने के बाद जैसे ही एक के बाद एककर समस्याओं में घिरते गए काशी में चर्चाओं को पंख लग गए कि काशी विश्वनाथ के सामने उनसे ऊंचा आसन पर बैठने के चलते ही मुख्य सचिव को परेशानियों ने घेरा है। 

मोदी से खफा कालभैरव 
प्रधानमंत्री मोदी को लेकर भी काशी के पंडित से लेकर विभिन्न मंदिरों के पुजारियों को लेकर तमाम मत है। दरअसल काशी में काशी विश्वनाथ का दर्शन-पूजन अधूरा माना जाता है जब तब कालभैरव का दर्शन न करें। पीएम मोदी ने काशी का प्रतिनिधित्व करते हैं। वह काशी विश्वनाथ मंदिर तो गए लेकिन कालभैरव का दर्शन नहीं किया। उधर वाराणसी में मोदी के कार्यक्रम के दौरान कुछ न कुछ ऐसा हो जाता है जिससे चर्चाओं को बल मिलता है। बीते दौरे पर ही उनके पहुंचने से पूर्व मंच के नीचे आग लग गई थी। आंधी-पानी के बीच एक मजदूर की मौत हो चुकी है। बारिश में मंच तबाह हो चुका है। 
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