शराबबंदी : नीतीश के चुभते तीर का जवाब नहीं मोदी-अखिलेश के पास

शराबबंदी : नीतीश के चुभते तीर का जवाब नहीं मोदी-अखिलेश के पास
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लगाया आरोप अखिलेश को राजस्व की चिंता पर अपने राज्य के परिवारों की नहीं

विकास बागी

मिर्जापुर/वाराणसी. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उत्तर प्रदेश की धरती पर माँ विंध्यवासिनी दरबार के माथा टेकने के बाद शिवशंकरी धाम से जमकर मोदी और अखिलेश पर चुनावी तीर चलाये। मोदी सरकार पर चारों तरफ से हमले बोले तो सहयोगी लालू के रिश्ते में दामाद लगने वाले अखिलेश यादव पर भी निशाने लगाये।
यूपी में शराबबंदी का मुद्दा लेकर बिहार से आये मुख्यमंत्री नीतीश ने अपने चुनावी मुद्दे के सहारे पहले यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश सरकार को टारगेट किया। नीतीश ने कहा शराबबंदी के मुद्दे पर बिहार सरकार ने यूपी को पत्र लिखा था कि बिहार से सटे इलाकों में शराब धड़ल्ले से बिक रही है जिसके कारण बिहार में सीमा से सटे इलाकों में रहने वाले  आसपास के बिहारी वहां पहुँच शराब पी रहे हैं। महिलाओ की गुहार पर बिहार सरकार ने यूपी में शराबबंदी का अनुरोध करते हुए सीमा से सटे दुकानों को बंद करने को कहा था लेकिन अखिलेश यादव ने और दुकानें सजवा दी। नीतीश ने बताया कि बंगाल में ममता बनर्जी के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान अखिलेश यादव से मुलाकात हुई थी। शराबबंदी के मसले पर बात हुई तो उन्होंने राजस्व का हवाला देते हुए यूपी में शराबबंदी से इंकार कर दिया।

इंकार को बनाया हथियार
उत्तर प्रदेश में जिस तरह नीतीश को शराबबंदी के मामले में समर्थन मिल रहा है उससे यह तो तय है up election में इस बार शराबबंदी बड़ा मुद्दा होगा। उत्तर प्रदेश के मुखिया अखिलेश यादव के इंकार ने नीतीश कुमार को बड़ा मुद्दा दे दिया है।  मिर्जापुर की धरती पर खुद को आमजनमानस से जोड़ते हुए नीतीश ने जब कहा की अखिलेश यादव को अपने प्रदेश की उन महिलाओं की चिंता नहीं जिनके घर शराब से बर्बाद हो गए। नशेड़ी पिता-पुत्र के हाथों यहाँ की महिलाएं अत्याचार सह रही हैं। उन्हें सिर्फ उस दस हजार करोड़ राजस्व से मतलब है जो हमारे घर की लक्ष्मी पर कहर बरपाने के बाद आते हैं। अखिलेश सरकार सच में गरीबों की सरकार है तो पहले प्रदेश में शराब की बिक्री बंद करके दिखाए।

मोदी जी, ऐसे कैसे होगा योगा
दिल्ली की सत्ता पर काबिज होने को आतुर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री को भी नहीं छोड़ा। मोदी के योग अभियान की खिल्ली उड़ाते हुए नीतीश बोले की प्रधानमंत्री मोदी का मैं सम्मान करता हूँ, गुजरात में मुख्यमंत्री रहते हुए भी उन्होंने शराबबंदी को मुक्त नहीं किया। अब तो वह देश के प्रधानमंत्री हैं और हमेशा खुद को जनता से जुड़ा हुआ कहते हैं तो क्या उनको शराब के चलते बर्बाद हुए लाखों घर और आंसू नजर नहीं आते। उनको देशवासियों की इतनी ही फ़िक्र है तो पूरे देश में पहले शराबबंदी करा दें। आजकल पीएम मोदी और बाबा रामदेव योगा दिवस को बढ़ावा दे रहे है, अच्छी बात है। जदयू भी समर्थन करता है पर योग तभी सफल होगा जब शरीर अलकोंहल फ्री होगा।

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