माफिया मोख्तार अंसारी नहीं चला पाएंगे साइकिल लेकिन...

माफिया मोख्तार अंसारी नहीं चला पाएंगे साइकिल लेकिन...
mokhatar ansari and abbas ansari

बाहुबली के वारिस समेत परिवार के अन्य युवा कर सकते हैं साइकिल की सवारी

वाराणसी. उत्तर प्रदेश के माफिया डॉन मोख्तार अंसारी के लिए हर सुबह एक नया संदेश लेकर आती है। उन संदेशों में या तो खुशखबरी होती है या फिर ऐसा झटका कि बाहुबली का पूरा दिन जेल की चहारदीवारी के पीछे बेचैनी में गुजरता है।

सपा प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव ने जब दो दिन पूर्व कौमी एकता दल के सपा में विलय की घोषणा की थी तब पूर्वांचल में बाहुबली दबंग विधायक मोख्तार अंसारी के समर्थकों में जबरदस्त उत्साह था लेकिन गौर करने वाली बात यह थी कि मोख्तार के भाइयों सिबगतुल्लाह व अफजाल ने इस बार विलय को लेकर कोई खास उत्साह नहीं दिखाया। लोगों को लगा शायद बीमारी के चलते ऐसा हुआ हो लेकिन असल वजह का खुलासा जब हुआ बात समझ में आई। 

दरअसल, कौएद का विलय तो सपा में हो गया लेकिन सपा प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव ने जब एक सवाल के जवाब में कहा कि विलय तो हुआ है लेकिन मोख्तार को विधान सभा चुनाव में साइकिल की सवारी नहीं करेंगे यानि सपा उन्हें टिकट नहीं देगी। शिवपाल के इस बयान ने सफा कर दिया कि वह मुस्लिमों को रिझाने के लिए पूर्वांचल में खासी पैठ रखने वाले अंसारी बंधुओं को तो स्वीकार कर ली है लेकिन उनके बाहुबली व हत्यारोपी भाई को पार्टी में शामिल करके अपनी छवि से खिलवाड़ नहीं कर सकती। 

गौरतलब है कि जेल में बंद विधायक मोख्तार अंसारी के ऊपर भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की हत्या का आरोप है। हत्या के मामले में मोख्तार अंसारी पर कभी भी फैसला आ सकता है। मामले में केंद्रीय रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा स्वयं गवाह है और मामले में कभी भी फैसला आ सकता है। ऐसे हालात में सपा ने समझदारी दिखाते हुए मोख्तार अंसारी के परिवार को तो साथ लिया लेकिन मोख्तार को छोड़ दिया। 

उधर, शिवपाल ने मोख्तार अंसारी को सपा का टिकट नहीं थमाने की बात कही हो लेकिन सूत्रों की माने तो मोख्तार के इंटरनेशनल शूटर बेटे अब्बास को टिकट थमा सकती है। इतना ही नहीं अंसारी बंधुओं की ढलती उम्र को देखते हुए उनके वारिस जिस तरह गाजीपुर, मऊ में सक्रियता दिखा रहे हैं उससे यह माना जा रहा है कि अफजाल, सिबगतुल्लाह के साथ ही सपा उनके वारिसों को भी टिकट थमा सकती है। मसलन सिबगतुल्लाह अंसारी के बेटे मुन्नू अंसारी और उसके चचेरे भाई मंसूर अंसारी के अलावा परिवार के अन्य युवाओं को भी गाजीपुर, मऊ से चुनाव लड़ाने की तैयारी है। 

मोख्तार अंसारी का बड़ा बेटा अब्बास इंटरनेशनल शूटर और उसने शूटिंग में कई मेडल अपने नाम किए हैं। मोख्तार अंसारी के खिलाड़ी बेटे पर सपा को दांव लगाने में कोई परहेज है। मऊ और गाजीपुर में अंसारी बंधुओं के वारिस लगातार भ्रमण कर लोगों से मुलाकात कर रहे हैं। युवाओं में अब्बास को लेकर खासा क्रेज है। 

अंसारी बंधुओं को अपने वारिसों को राजनीति में सक्रिय करने के पीछे अपनी मजबूरियां भी है। गाजीपुर में जिस तरह से फिलवक्त दिवंगत भाजपा नेता कृष्णानंद राय के भतीजे आंनद राय अंसारी बंधुओं का किला ढहाने के लिए कड़ी टक्कर दे रहे हैं। युवाओं में जिस तरह आनंद राय की चर्चा हो रही है उससे सिबगतुल्लाह और अफजाल के माथे पर लगातार शिकन बढ़ रही है। ऐसे में अंसारी बंधु भी चाहते हैं कि अब उनके वारिस चुनाव मैदान में उतरे और पर्दे के पीछे से वह लड़ाई लड़ें। 
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