माफिया मोख्तार को झटका, बाहुबली बृजेश को राहत

माफिया मोख्तार को झटका, बाहुबली बृजेश को राहत
mokhtar and brijesh

चर्चित कुंडेसर चट्टी कांड के गवाह की मौत

वाराणसी. विधायक कृष्णानंद राय की हत्या के आरोप में लंबे समय से जेल की सलाखों के पीछे खड़े पूर्वांचल के दबंग विधायक मोख्तार अंसारी को झटके पर झटके लग रहे हैं। राजनीति के खेल में मिली मात से अभी मोख्तार अंसारी उबरा भी नहीं कि सोमवार की सुबह एक ऐसी खबर लेकर आई जिसमें उसे चिंता में डाल दिया लेकिन सबसे बड़े दुश्मन यानि माफिया से माननीय बने बाहुबली एमएलसी बृजेश सिंह व उनके समर्थकों को राहत मिल गई।

किसी के मौत की खबर किसी के लिए राहत नहीं हो सकती लेकिन सोमवार को वाराणसी की गैंगस्टर अदालत में कड़ी सुरक्षा के घेरे में चंदौली के चर्चित सिकरारा कांड के मामले में पेश होने पहुंचे एमएलसी बृजेश सिंह के कानों में समर्थकों ने जो बात कही उसे सुनकर बृजेश सिंह भी एक पल के लिए खामोश हो गए। बृजेश की खामोशी बता रही थी कि उसे कितनी बड़ी राहत मिली है। वह खबर थी चर्चित कुंडेसर कांड के अहम गवाह की स्वाभाविक मौत। 

गाजीपुर के चर्चित कुंडेसर हत्याकांड के अहम गवाह कैप्टन जगरनाथ सिंह की सोमवार को अपने पैतृक गांव चरखा में मृत्यु हो गए। 98 वर्षीय जगरनाथ सिंह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। निधन की खबर मोख्तार के घर पहुंची तो पूरे परिवार में मातम छा गया। कौमी एकता दल के तमाम कार्यकर्ता चरखा गांव पहुंचे और जगरनाथ सिंह की अंतिम यात्रा में शामिल हुए। 

गौरतलब है कि मई 1991 में माफिया मोख्तार अंसारी के भाई व तत्कालीन विधानसभा प्रत्याशी अफजाल अंसारी  के प्रचार गाड़ी पर गाजीपुर के कुंडेसर चट्टी के समीप अंधाधुंध फायरिंग हुई थी। फायरिंग में एक दुकानदार समेत तीन लोगों की मौके पर मौत हो गई थी। गाड़ी में सवार कैप्टन जगरनाथ सिंह समेत दीनानाथ राय व रामेश्वर भी जख्मी हो गए थे। मोख्तार का आरोप था कि हमला बृजेश सिंह व उसके साथी त्रिभुवन सिंह ने किया था। 

कुंडेसर चट्टी और सिकरारा कांड ही फिलहाल दो ऐसे मामले हैं जो बाहुबली एमएलसी बृजेश सिंह के लिए गले की हड्डी सरीखा फंस गए हैं। हालांकि बृजेश सिंह ने एक के बाद एककर अपने ऊपर लदे 28 मुकदमों में खुद को बरी करा लिया है। कैप्टन जगरनाथ सिंह की स्वाभाविक मौत से कुंडेसर चट्टी के मामले में गाजीपुर की अदालत में चल रही सुनवाई पर भी असर पडऩा तय है। जबकि बृजेश सिंह के धुर विरोधी मोख्तार अंसारी की मुश्किलें समाप्त होने का नाम नहीं ले रही। दिवंगत विधायक कृष्णानंद राय की हत्या के मामले में मोख्तार वर्तमान समय में चारों तरफ से घिरे हैं। इस मामले में गवाह के रूप में रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा भी है। उधर दिवंगत विधायक के भतीजे आंनद राय ने राजनीति के मोर्चे पर मोख्तार खेमे को नाको चने चबाने को मजबूर कर दिया है। 
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