पूर्वांचल की राजनीति में भूचाल, जरायम की दुनिया में बिछी नई बिसात

पूर्वांचल की राजनीति में भूचाल, जरायम की दुनिया में बिछी नई बिसात
mafia's ready to change purvanchal politics

माफिया डॉन सुभाष ठाकुर ने बाहुबली एमएलसी बृजेश से बनाई दूरी, मुन्ना बजरंगी के सिर पर रखा हाथगृहमंत्री व रेल राज्य मंत्री की बढ़ेंगी मुश्किले

वाराणसी. पूर्वांचल का जरायम की दुनिया से गहरा नाता है। माफिया डॉन सुभाष ठाकुर, बाहुबली बृजभूषण शरण सिंह, मोख्तार अंसारी, बृजेश सिंह, मुन्ना बजरंगी, राजा भइया, अतीक अहमद, समेत कई ऐसे बड़े नाम हैं जो राजनीति की दुनिया में गहरी दखल रखते हैं। ऐसे में इनका कोई भी कदम राजनीति की दुनिया में खलबली मचा देता है। 
जानकारी के अनुसार चर्चित बाहुबली एमएलसी बृजेश सिंह के आका रहे माफिया डॉन सुभाष ठाकुर की बृजेश परिवार से बढ़ती नाराजगी ने जरायम की दुनिया में शतरंज की नई बिसात बिछा दी है। मुन्ना बजरंगी और बृजेश सिंह के बीच मोख्तार अंसारी के चलते पुरानी अदावत है। ऐसे में बृजेश के आका रहे सुभाष ठाकुर की बजरंगी से बढ़ती नजदीकियों से पूर्वांचल की गैंग के गुर्गे सन्नाटे में है। गुर्गों के समझ नहीं आ रहा कि आने वाले दिनों में ऊंट किस करवट बैठेगा। 
कभी दाऊद के साथी रहे सुभाष ठाकुर का पूर्वांचल से लेकर गुजरात व महाराष्ट्र में अच्छा खासा दखल है। जेजे हास्पिटल मुंबई कांड से चर्चा में आए सुभाष ठाकुर ने 92 के दंगों के बाद दाऊद का साथ छोड़ दिया था। बृजेश सिंह को पूर्वांचल के अपराध से उठाकर महाराष्ट्र व गुजरात के अपराध जगत से परिचित कराने वाले सुभाष ठाकुर की बृजेश से नाराजगी की प्रमुख वजह बना है कपसेठी हाउस। कपसेठी हाउस के पल-पल बदलते रंग ने सुभाष व बृजेश के बीच दूरी बढ़ा दी। उधर मुन्ना बजरंगी ने सुभाष ठाकुर से जेल में मुलाकात के दौरान आशीर्वाद मांगा जो उसे मिल गया। सूत्रों के अनुसार  बृजेश की गैंग पूर्वांचल में लगातार कमजोर हो रही थी, दूसरी ओर मुन्ना की गैंग से जुडऩे वालों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। अपनों के बीच बाबाजी के नाम से चर्चित सुभाष ठाकुर की पूर्वांचल के जरायम की दुनिया में कम दिलचस्पी है क्योंकि उसका साम्राज्य महाराष्ट्र और गुजरात में फैला है। फिर भी पूर्वांचल में ऐसा सिपहसलार चाहिए जो जरूरत पडऩे पर मजबूती से खड़ा हो।
 
आर्थिक चोट ने बढ़ाई दूरियां
कहना गलत नहीं होगा कि आज की तारीख में पूर्वांचल का सबसे गरीब माफिया कोई है तो वह है प्रेम प्रकाश सिंह उर्फ मुन्ना बजरंगी। शूटर के रूप में बजरंगी का इस्तेमाल करके मोख्तार ने अपना आर्थिक साम्राज्य लंबा-चौड़ा कर लिया। धुर विरोधी बृजेश सिंह के परिवार ने भी बीते कुछ सालों में राजनीति की चादर की आढ़ में आर्थिक साम्राज्य इतना बड़ा कर लिया कि पूर्वांचल के अच्छे खासे कारोबारी भी आसपास नहीं टिकते। दूसरों की दुश्मनी निभाने के चक्कर में मुन्ना बजरंगी की झोली खाली रह गई। उसके नाम पर पूर्वांचल में लोगों ने वसूली तो जमकर की लेकिन उसका हिस्सा बजरंगी तक नहीं पहुंचा। बजरंगी के नाम पर वसूली करने वालों ने भी कारोबार फैला लिया लेकिन बजरंगी के हाथ कुछ नहीं आया। बीते चार वर्षों में बजरंगी के साले पुष्पजीत सिंह उर्फ पीजे ने अपने जीजा का आर्थिक साम्राज्य खड़ा करने की कोशिश की लेकिन बीते दिनों उसकी भी निर्मम तरीके से हत्या कर दी गई। जेल में बंद बजरंगी को उम्मीद थी कि उसके साले की हत्या का बदला खुल हवा में सांस ले रहे उसकी गैंग के लोग लेंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। यहीं बात बजरंगी को खटक गई। सूत्रों के अनुसार बजरंगी की मोख्तार अंसारी से बढ़ती दूरी ने पीजे की हत्या के बाद आग में घी डालने का काम किया। बजृेश के बढ़ते कद व दबदबे को देखते हुए बजरंगी भी राजनीति के अखाड़े में कूदा लेकिन पहली बार उसे भी बृजेश की तरह हार का मुंह देखना पड़ा था। आने वाले चुनाव में एक बार फिर उसने कमर कसनी शुरू कर दी है।

भूमिहार व क्षत्रिय की तिकड़ी खिलाएगी गुल
जरायम की दुनिया में भूमिहार व क्षत्रिय की तिकड़ी पूर्वांचल की राजनीति में अपना गुल खिलाने को शतरंज की बिसात दी है। सुभाष ठाकुर का साथ मिलने के साथ ही मुन्ना बजरंगी ने अपनी पत्नी सीमा सिंह को जौनपुर से विधानसभा चुनाव मैदान में उतारने की तैयारी शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार प्रदेश व केंद्र सरकार के हाथों प्रताडि़त एक भूमिहार नेता ने भी सुभाष ठाकुर का साथ पकड़ लिया है। 
 
राजनाथ व मनोज सिन्हा की राह होगी मुश्किल
 पूर्वांचल में भूमिहार व क्षत्रियों की राजनीति में गहरी पैठ रखने वाले गृहमंत्री राजनाथ सिंह व रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा के लिए पूर्वांचल का बदला समीकरण संकट पैदा करने वाला है। एक ओर बाहुबली सांसद व सुभाष ठाकुर के अभिन्न बृजभूषण शरण सिंह और विधायक सुशील सिंह एमएलसी बृजेश सिंह को भाजपा में लाने की कोशिशों में जुटे हैं। दूसरी तरफ कभी इसी गैंग से जुड़े रहे कांग्रेसी नेता व विधायक अजय राय जिनकी कभी राजनाथ सिंह व मनोज सिन्हा से गहरी छनती थी, राह अब इनसे अलग हो गई है। आगामी विधानसभा चुनाव में अजय राय दोनों नेताओं को कड़ी चुनौती देते नजर आएंगे।
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