अब मायावती के पास नहीं जवाब, झारखंड में फरारी काट रहा था बाहुबली बसपा प्रत्याशी

अब मायावती के पास नहीं जवाब, झारखंड में फरारी काट रहा था बाहुबली बसपा प्रत्याशी
dayashankar, mayawati and vineet

दयाशंकर मुद्दे पर मायावती ने बीजेपी को घेरा था, अब खुद मुश्किल में

वाराणसी. भाजपा और बसपा के बीच गालीकांड से शुरू हुई जंग आए दिन नए गुल खिला रही है। कभी भाजपा नाव पर सवार हो रही तो कभी बसपा। बाहुबली बसपा नेता व चंदौली के सैयदराजा से प्रत्याशी विनीत सिंह के झारखंड में छिपे होने व रांची की अदालत में सरेंडर करने के मामले में अब बीजेपी को एक बार फिर बसपा पर निशाना साधने का मौका मिल गया है। 

दरअसल मायावती पर अभद्र टिप्पणी के मामले में भाजपा से निष्कासित दयाशंकर सिंह झारखंड पहुंचे थे। वहां उन्होंने वैद्यनाथ धाम के दर्शन-पूजन की तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट की थी। तस्वीरें वायरल होने के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती ने भाजपा पर हमला बोला था कि भाजपा ने दिखावे के लिए दयाशंकर सिंह पर कार्रवाई की है। भाज पा शासित राज्य में ही दयाशंकर सिंह फरारी काट रहे थे। इसके दो दिन बाद ही यूपी एसटीएफ ने झारखंड से बिहार के बक्सर पहुंचे दयाशंकर सिंह को गिरफ्तार कर लिया था। 

दयाशंकर सिंह की गिरफ्तारी के बाद बसपा को बोलने का मौका नहीं मिला लेकिन अब  बसपा के विस प्रत्याशी बाहुबली बसपा नेता विनीत सिंह ने झारखंड के रांची की अदालत   में सरेंडर कर दिया। वाराणसी पुलिस से बचते फिर रहे विनीत ने भी बीते कई दिनों से झारखंड में ही शरण ले रखी थी। 

पूर्वांचल के दबंग क्षत्रियों का गढ़ इस समय झारखंड माना जा रहा है। भले ही दो क्षत्रिय गुट धुर विरोधी हों पूर्वांचल की सीमा में लेकिन झारखंड में सभी को शरण मिलती है। माफिया से माननीय बने बाहुबली एमएलसी बृजेश सिंह समेत बीजेपी व अन्य दलों से जुड़े क्षत्रियों का झारखंड एक मजबूत किला बन चुका है। बसपा नेता विनीत सिंह पर ही झारखंड में कई मामले दर्ज हैं। सूत्रों की माने तो पूर्वांचल में अपराध करने के बाद अधिकतर क्षत्रिय अपराधियों को भी झारखंड में आसानी से शरण मिल जाती है। 

झारखंड पुलिस के अनुसार चंदौली के सैयदराजा से घोषित बसपा प्रत्याशी विनीत सिंह पर भी झारखंड के विभिन्न जिलों में अपहरण समेत कई मामलों में मुकदमे दर्ज हैं। झारखंड पुलिस का दावा है कि बसपा नेता विनीत वाराणसी जेल से फर्जी कागजात के आधार पर छूटा था। झारखंड पुलिस के इस दावे के बाद से वाराणसी पुलिस व जेल प्रशासन ने भी उन दस्तावेजों की जांच-पड़ताल शुरू कर दी है जिनके बूते विनीत जेल से बाहर निकला था। 

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