बसपा सुप्रीमो मायावती की इस तैयारी से बढ़ेगी बीजेपी की परेशानी, राहुल गांधी के लिए बज जायेगी खतरे की घंटी

लोकसभा चुनाव 2019 को देखते हुए अहम होगा निर्णय, भविष्य की तय कर दी रणनीति

By: Devesh Singh

Published: 24 Jul 2018, 06:18 PM IST

वाराणसी. बसपा सुप्रीमो मायावती की नयी रणनीति से बीजेपी की परेशानी बढ़ सकती है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के लिए खतरे की घंटी बज जायेगी। लोकसभा चुनाव 2019 को देखते हुए बसपा की नयी नीति को बेहद खास माना जा रहा है। बीजेपी व महागठबंधन की लड़ाई में उलझी राजनीति में बसपा ने अपना पत्ता खोलना शुरू कर दिया है।
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बसपा सुप्रीमो मायावती ने सम्मानजनक सीट मिलने पर कांग्रेस से गठबंधन करने की बात कहते हुए खास दांव खेल दिया है। राजस्थान, मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ के चुनाव को देखते हुए बसपा सुप्रीमो की इस रणनीति को बेहद खास माना जा रहा है। तीनों ही राज्यों में बीजेपी की सरकार है और वहां पर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस है। कांग्रेस को पूरा विश्वास है कि इन राज्यों में उनकी पार्टी बेहद दमदार प्रदर्शन करने वाली है। ऐसे में बसपा को सम्मानजनक सीट देने का सीधा मतलब सत्ता में हिस्सेदारी देना होगा। इन तीनों राज्यों में बसपा को बहुत अच्छा जनाधार नहीं है लेकिन बसपा नेता जानते हैं कि उन्हें कांग्रेस का साथ मिल जाता है तो कई प्रत्याशियों को जिताना संभव होगा। यदि इन चुनावों में कांग्रेस को पूर्ण बहुमत मिल जाता है तो भी बसपा को सरकार में हिस्सेदारी मिलनी तय है। लोकसभा चुनाव 2019 को देखते हुए कांग्रेस किसी भी हालत में गठबंधन तोडऩे का खतरा नहीं ले सकती है इसका सीधा फायदा बीएसपी को मिल सकता है। कांग्रेस व बीएसपी का गठबंधन होता है तो बीजेपी की परेशानी बढऩा तय है।
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बीएसपी की बढ़ेगी ताकत तो राहुल गांधी के लिए बज जायगी खतरे की घंटी
महागठबंधन में पीएम प्रत्याशी कौन होगा। अभी यह तय नहीं है। पीएम नरेन्द्र मोदी के चुनौती देने के लिए खास चेहरे की खोज हो रही है। कांग्रेस चाहती है कि राहुल गांधी को महागठबंधन पीएम प्रत्याशी बनायी। बसपा सुप्रीमो मायावती की पार्टी अन्य राज्यों में विधानसभा चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करती है तो लोकसभा में अधिक सीटो पर दावा पेश करेगी। लोकसभा चुनाव में महागठबधंन या बीजेपी को पूर्ण बहुमत नहीं मिलता है तो बसपा सुप्रीमो खुद को पीएम बनाने के लिए अन्य दलों से समर्थन मांग सकती है यदि ऐसा होता है तो राहुल गांधी के लिए किसी झटके से कम नहीं होगा। बसपा ने यूपी के बाहर पार्टी को मजबूत करने के लिए बड़ा दांव खेला है अब देखना है कि कितना लाभ मिलता है।
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