धर्म नगरी काशी में मांस मदिरा बिक्री के लिये नई गाइड लाइन, अब यहां नहीं हो सकेगी बिक्री

नगर निगम कार्यकारिणी समिति ने पास किया प्रस्ताव
भिखारी होंगे शहर से बाहर
छुट्टा पशुओं से भी मिलेगी मुक्ति
पेयज संकट से निबटने को गठित हुई कमेटी

By: Ajay Chaturvedi

Published: 16 Jun 2019, 01:24 PM IST

वाराणसी. अगर सब कुछ ठीक रहा तो जल्द ही धर्म नगरी काशी में भी धार्मिक स्थलों के इर्द-गिर्द न मांस की ब्रिक्री होगी न मिलेगी शराब। हालांकि यह कोई नई बात नहीं है बल्कि यह नियम पहले से रहा, पर प्रशासन ने इस पर कभी सख्ती से अमल नहीं कराया। ऐसे में अब फिर से नगर निगम कार्यकारिणी समिति ने ऐसा प्रस्ताव पारित किया है। अब यह प्रस्ताव शासन को भेजा जा रहा है ताकि उसकी मुहर लगे तो अब कड़ाई से इस पर पालन हो सके।

बता दें कि धार्मिक स्थलों के आसपास शराब और मांस की बिक्री रोकने के लिए उच्च न्यायालय का आदेश भी पूर्व में पारित हो चुका है। लेकिन स्थानीय प्रशासन ने उसका कभी भी कड़ाई से पालन नहीं कराया। नियम तो ये है कि शिक्षण संस्थान, धार्मिक स्थल व धरोहरों के इर्द-गिर्द शराब और मांस की बिक्री नहीं होनी चाहिए। लेकिन इस पर कभी ध्यान नहीं दिया गया।

कार्यकारिणी की सभापति महापौर मृदुला जायसवाल की अध्‍यक्षता में शनिवार को हुई नगर निगम कार्यकारिणी समिति की बैठक में भाजपा पार्षद राजेश यादव चल्लू ने शराब-मांस की बिक्री पर प्रतिबंध से संबंधित प्रस्‍ताव पेश किया था। इस पर समिति ने सर्वसम्मित से प्रस्ताव पारित कर धरोहरों व धार्मिक स्थलों से 250 मीटर की दूरी पर मांस व शराब की पूरी तरह प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया गया। अब कार्यकारिणी से पारित इस प्रस्‍ताव को मिनी सदन में रखा जाएगा। वहां से पारित होने के बाद शासन को भेजा जाएगा।

नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक

जेएनएनयूआरएम के तहत शहर में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए करोड़ों खर्च कर बनाए गए ओवरहेड टैंकों के काम न करने पर जांच के लिए सात सदस्‍यीय कमिटी बनाने का प्रस्‍ताव कार्यकारिणी ने पारित किया। जांच कमिटी में जलकल, नगर निगम के अधिकारियों संग कार्यकारिणी के उपसभापति और तीन सदस्‍य होंगे।

नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक

इन मुद्दों पर भी हुए महत्वपूर्ण फैसले


-इस बैठक में शहर के कई इलाकों में बेपटरी हो चुकी प्रकाश व्‍यवस्‍था पर महापौर ने नाराजगी व्‍यक्‍त की। तय हुआ कि घोर लापरवाही पर फिलिप्‍स कंपनी के अधिकारियों को बुलाकर फटकार लगाई जाएगी।

-रेशमा परवीन के प्रस्ताव पर शहर मे सफाई व्यवस्था पर कड़े कदम उठाने पर निर्णय हुआ। जिस पर नगर आयुक्त ने कर्मचारियों के शत् प्रतिशत हाजिरी के लिए ठोस कदम उठाने का वादा किया।

-रमज़ान अली के प्रस्ताव पर 25-25 लाख के कार्य कराने का निर्णय भी हो गया।

-रमज़ान अली के प्रश्न के जवाब मे जी एम जलकल को आदेशित किया गया कि सीवर डालने के बाद गली मरम्मत का कार्य जलकल ही करेगा इसके लिए आगणन मे प्राविधान करे।

-पूर्णमासी गुप्ता के प्रस्ताव पर नगर निगम अधिनियम 1959 की धारा 446 के अंतर्गत भिखारियो को शहर से बाहर करने हेतु जिला प्रशासन से परामर्श करने का निर्णय लिया गया

-अजीत सिंह के प्रस्ताव पर वार्ड-72 पुराना पानदरीबा स्थित सुरज कुंड की सफाई कराने का निर्णय लिया गया।

-अजीत सिंह के प्रस्ताव पर नगर निगम वाराणसी के हेड कार्यालय मे नागरिक सुविधाओं जैसे सफाई, पीने का पानी, शौचालय आदि को बढ़ाने का निर्णय लिया गया।

-अजीत सिंह के प्रस्ताव पर प्रथम श्रेणी मैजिस्ट्रेट की तैनाती हेतु शासन को पत्र लिखने का निर्णय हुआ ताकि जो जुर्माना कोर्ट मे जाकर जमा करना पड़ा है। वह जुर्माना कोषागार मे चला जाता है। उक्त मैजिस्ट्रेट की तैनाती के बाद जुर्माने की राशि नगर निगम निधि मे जमा करायी जा सकेगी।

-अंत मे वरिष्ठ पार्षद रियाजुद्दीन अंसारी का शोक प्रस्ताव पढ़ने के बाद दो मिनट का मौन रखकर बैठक को समाप्त किया गया।

Ajay Chaturvedi
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