लाइन हाजिर किये गये मिर्जामुराद थाना प्रभारी, आखिर कौन है पशु तस्कर मुजफ्फर, चांद व गुड्डू

पुलिस को प्रति माह होती है करोड़ों की कमाई, कारखास की सेटिंग के बाद छोड़े जाते हैं पशु लदे ट्रक

By: Devesh Singh

Updated: 25 Sep 2018, 03:46 PM IST

Varanasi, Uttar Pradesh, India

वाराणसी. मिर्जामुराद पुलिस थाने के कारखास और पशु तस्कर का ऑडियो वायरल होने के बाद से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मचा है। बीती देर रात एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने प्रशासनिक आधार बताते हुए मिर्जामुराद थाना प्रभारी विश्वजीत प्रताप सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया है और वायरल ऑडियो की जांच प्रशिक्षु आईपीएस व कैंट सीओ डा.अनिल कुमार को सौंपी गयी है। रिपोर्ट आने के बाद अन्य लोगों पर कार्रवाई हो सकती है।
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पुलिस प्रशासन की मिलीभगत से वाराणसी, इलाहाबाद, भदोही व चंदौली के कुछ थाने धड़ल्ले से पशु तस्करी कराने में जुटे हैं। पुलिस थाना के प्रति माह तीन से पांच लाख रुपये की आमदानी होती है। काली कमाई का पैसा उपर तक जाता है इसलिए कभी कोई कार्रवाई नहीं होती है। मिर्जामुराद के कारखास हैदर व पशु तस्कर की बातचीत का ऑडियो ऐसा वायरल हुआ कि काला कारोबार सबके सामने आ गया। पुलिस सूत्रों की माने तो मिर्जामुराद में दो दिन से पशु से भरे गये ट्रक को पकड़ कर रोका गया था और ट्रक को पास कराने के नाम पर 2.50 लाख रुपये सुविधा शुल्क मांगा जा रहा था। पशु तस्कर 2.20 लाख देने को तैयार था इसी बीच ऑडियो लीक होते ही मिर्जामुराद पुलिस ने आनन-फानन में पकड़े गये ट्रक को जीडी में चढ़ा कर बरामदगी दिखा दी। पुलिस को कार्रवाई करने में देर हो चुकी थी। एसएसपी ने दूसरे आधार पर थाना प्रभारी को लाइन हाजिर कर प्रकरण को ठंडा करने का प्रयास किया है।
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आखिर कौन है मुजफ्फर, चांद व गुड्डू
पुलिस सूत्रों की माने तो पशु तस्करी में मुजफ्फर, चांद व गुड्डू अधिक सक्रिय है। कारखास से गुड्डू की ही बात हो रही थी। इसमे से एक पुलिस का बर्खास्त सिपाही भी है। सीएम योगी आदित्यनाथ राज में भी पशु तस्करों को हौसले बुलंद है और तीनों तस्कर पुलिस को पैसे देकर कानून को धता बता कर तस्करी में जुटे हुए हैं।
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तस्करी का खेल बिगाडऩे के लिए एक-दूसरे के ट्रक की करते हैं मुखबिरी, पूर्व रामनगर एसओ के जाने के बाद नहीं हो रही बरामदगी
मुजफ्फर, गुड्डू व चांद तीनों में तस्करी को लेकर जबरदस्त प्रतिस्पर्धा रहती है। तीनों एक-दूसरे के पशु से लदे हुए ट्रक को पकड़वाते हैं या फिर उसका रेट बिगाड़ देते हैं। मिर्जामुराद में कारखास हैदर व पशु तस्कर की बात से पता चलता है कि पकड़े गये ट्रक को दूसरी पार्टी ने पकड़वाया था जितना पैसा चांद छोडऩे के लिए दे रहा था उससे अधिक पैसा पकडऩे के लिए विरोधी ने दिया था इसको लेकर सेटिंग चल रही थी और मामला खुल गया। पुलिस सूत्रों की माने तो रामनगर में तैनात एक पूर्व एसओ के राज में पशु तस्करी बंद हो गयी थी आये दिन पशु से भरे हुए ट्रक पकड़े जा रहे थे। लेकिन एसओ के जाते ही बरामदगी बेहद कम हो गयी। माना जाता है कि एसओ को हटवाने में पशु तस्करों का ही हाथ था।
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जांच रिपोर्ट पर लगी सबकी निगाहे, क्या हो पायेगा खुलासा
जांच रिपोर्ट पर सभी की निगाहे लग गयी है। प्रशिक्षु आईपीएस व कैंट सीओ डा.अनिल कुमार ने पत्रिका को बताया कि ऑडियो की बारीकी से जांच के बाद ही रिपोर्ट दी जायेगी। एक-दो दिन में रिपोर्ट एसएसपी को दे दी जायेगी।
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