राहुल गांधी की जौनपुर रैली कहीं बाहुबली मोख्तार अंसारी से घबराहट तो नहीं

राहुल गांधी की जौनपुर रैली कहीं बाहुबली मोख्तार अंसारी से घबराहट तो नहीं
Mukhtar Ansari and Rahul Gandhi

जानिये क्या है बाहुबली मोख्तार अंसारी और राहुल गांधी की जौनपुर रैली का कनेक्शन

वाराणसी. राहुल गांधी ने सोमवार को जौनपुर में जनाक्रोश रैली की और पीएम नरेन्द्र मोदी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने नोटबंदी को लेकर पीएम मोदी पर तरह-तरह के इल्जामात लगए और उन्हें जनता की नजर में दोषी साबित किया। अगर कर नहीं भी पाए तो इसकी पूरी कोशिश की। पर राजनैतिक हलकों में उनकी इस रैली के पीछे की हकीकत को लेकर कुछ और ही फसाना सुनाया जा रहा है। कहा जा रहा है कि राहुल गांधी की जौनपुर रैली बाहुबली मोख्तार अंसारी से घबराहट का नतीजा है। इसी घबराहट के चलते राहुल गांधी से जौनपुर में रैली कराई गई।




इस रैली के पीछे की जो बात बताई जा रही है वह यह है कि कांग्रेस किसी भी तरह से जौनपुर में अपनी एकमात्र सदर विधानसभा सीट 2017 में बचाना चाहती है। इसके लिये वह कुछ भी करने को तैयार है। पर यहीं बाहुबली मोख्तार अंसारी कांग्रेस को सामने खड़े दिखाई दे रहे हैं। दरअसल सूत्रों के हवाले से दो माह पहले एक खबर आई थी कि बाहुबली मोख्तार अंसारी मऊ सदर सीट छोड़ेंगे और वह अपने लिये दूसरी सीट तलाशेंगे। मोख्तार के लिये जौनपुर सदर सीट मुफीद बतायी गयी। पर इस सीट पर कांग्रेस के मुस्लिम विधायक नदीम जावेद एमएलए हैं।



कांग्रेस की परेशानी यहीं से शुरू हुई। दरअसल जौनुर सदर सीट मुस्लिम बाहुल सीट है और इसी सीट से नदीम जावेद ने पहली बार कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीता है। जौनपुर में कांग्रेस ने काफी दिनों बाद एक अदद सीट 2012 में जीतीं। अब यदि मोख्तार अंसारी जौनपुर सदर सीट से चुनाव लड़ते हैं तो नदीम जावेद दोबारा जीतेंगे इसके चांस कम ही बताए जा रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस पहले से ही वहां नदीम जावेद के लिये चुनावी माहौल बनाने की कोशिश में जुट गई है। राहुल गांधी की जौनपुर रैली भी उसी रणनीति के तहत बतायी जा रही है।



इसके अलावा कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के गठबंधन होने की संभावना प्रबल है। इसके अलावा अब बाहुबली अंसारी बंधु भी सपा का हिस्सा बन चुके हैं। ऐसे में यह संभावना भी है कि मोख्तार अंसारी को जौनपुर सदर सीट से टिकट मिल जाए। ऐसा इसलिये भी कि खुद अफजाल अंसारी इस बात को कह चुके हैं कि कौमी एकता दल के अस्तित्व में रहते जौनपुर सदर सीट अंसारी बंधुओं की प्राथमिकता में थी, वहां से किसे लड़ाना है यह सोचा जा रहा था।




यही वजह है कि जौनपुर में राहुल गांधी की रैली कराने करने में पीके एण्ड कम्पनी ने जल्दबाजी दिखायी। इसके पीछे मकसद यह है कि कांग्रेस जौनपुर में नदीम जावेद के लिये एक बार फिर से हवा बना दे और उनका टिकट तकरीबन सदर सीट से फाइनल ही है। ऐसे में यदि सपा से गठबंधन होता है तो इस सीट को कांग्रेस अपने लिये मांग सकती है और उसका दावा भी मजबूत रहेगा।
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