वाराणसी में आतंक का नया ट्रेंड, जानिए क्या चल रहा मोदी के संसदीय क्षेत्र में

वाराणसी में आतंक का नया ट्रेंड, जानिए क्या चल रहा मोदी के संसदीय क्षेत्र में
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एटीएस खंगाल रही तार, बनारस पुलिस कर रही फोन कॉल्स की जांच

वाराणसी. सावधान, केवीएम में बम रख दिया है। संकट मोचन मंदिर को विस्फोट से आज उड़ा दिया जाएगा। तीन और चार जून को धमकी भरे इन दो फोन कॉल्स ने वाराणसी पुलिस की नींद उड़ा दी थी। जांच-पड़ताल के बाद मामला फिलहाल लोकल कनेक्शन का निकला। यह पहली बार नहीं है जब फर्जी कॉल्स ने पुलिस की नींद उड़ाई। 23 अप्रैल को कचहरी में किसी ने निष्प्रयोज्य बम रखकर भी पुलिस की हवा खराब की थी। इससे पूर्व 26 जनवरी को भी कचहरी के बाहर विकास भवन के समीप एक प्रेशर कुकर में बम होने की किसी ने पुलिस को सूचना दी थी। हांफती पुलिस मौके पर पहुंची तो पता चला कि कुकर में कचरा था। 
बनारस में आतंक के नाम पर इन दिनों फर्जी कॉल्स और संवेदनशील स्थानों पर नकली सामान रखकर पुलिस और काशीवासियों में खौफ का नया टे्रंड चला है। आपको याद होगा तो पुलिस कंट्रोल रुम में पहले इस तरह के फोन कॉल्स नहीं आते थे। पुलिस को परेशान करने के लिए लोग पहले लाश मिलने, गोली चलने, मारपीट होने की फर्जी सूचना देकर पुलिस को छकाते थे। तकनीक के दौर में खुराफाती युवक पुलिस पर भारी पड़ रहे हैं। यह एक खतरनाक संकेत हैं। सीधे देखा जाए तो पुलिस यदि ऐसे खुराफातियों से नहीं निबट सकती तो फिर बे्रन वॉश किए उन युवकों से कैसे निबटेगी जो मरने-मारने को तैयार हैं और देश में आतंकी गतिविधियां अंजाम देने की फिराक में हैं।  आलम यह है कि इन दोनों फर्जी कॉल्स के मामले में पुलिस अभी तक एक गिरफ्तारी तक नहीं कर पाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहले से ही आतंकियों के निशाने पर रहा है। कई आतंकी दंश झेलने के बाद भी काशीवासियों की सुरक्षा-व्यवस्था को लेकर वाराणसी पुलिस फिलहाल संवेदनशील नहीं दिख रही है। 

लंका क्षेत्र से आए थे दोनों फोन कॉल्स, दावे अलग

खुफिया जांच एजेंसियों की अपनी पड़ताल में यह बात सामने आई है कि संकट मोचन मंदिर व केवीएम जिसे लोग काशी विश्वनाथ मंदिर बीएचयू समझा जा रहा है, के मामले में पुलिस को जो फोन कॉल्स आए थे वह लंका थाना क्षेत्र से ही किए गए थे। एटीएस की पड़ताल में यह बात निकली कि संकट मोचन मंदिर को उड़ाने की धमकी देने वाला  लंका थाना क्षेत्र का ही युवक है। मोबाइल तो उसका प्रयोग हुआ लेकिन सिमकार्ड किसी दूसरे का था। उक्त संदिग्ध युवक व उसके सभी साथी शराबी है और एयर कंडीशन के मिस्त्री हैं। आशंका है कि शराब के नशे में धुत होने के बाद किसी मित्र ने अपना सिम लगाकर फोन किया हो। उधर लंका पुलिस का इस मामले में दावा है फोन उन्नाव के बांगरपुर गांव से किया गया था और फोन किसी इकबाल है। केवीएम के नाम पर धमकी देने का मामला भी लंका क्षेत्र से निकला। शिवाला और सामनेघाट के कुछ लड़कों को पुलिस ने उठाया और पूछताछ के बाद छोड़ दिया। सूत्रों की माने तो केवीएम में बम की धमकी देने के प्रकरण से कुछ देर पूर्व बीएचयू में काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर के बाहर कुछ छात्रों ने एक छात्र की पिटाई कर दी थी। पिट रहे छात्र ने मौजूद सुरक्षाकर्मियों से खुद को बचाने की गुहार भी लगाई थी लेकिन वह तमाशा देखते रहे। सूत्रों की माने तो पिटाई से क्षुब्ध छात्र ने सुरक्षाकर्मियों को सबक सिखाने के लिए बम की झूठी सूचना दी। पुलिस का कहना है मामले की अभी जांच चल रही है। सही व्यक्ति अभी पकड़ से बाहर है। 
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