नोटबंदी का असर, बिजली विभाग में हुई जबरदस्त वसूली

नोटबंदी का असर, बिजली विभाग में हुई जबरदस्त वसूली
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वाराणसी क्षेत्र में पिछले वर्ष की अपेक्षा 87 प्रतिशत व गत माह की अपेक्षा 140 प्रतिशत अधिक राजस्व की हुई वसूली 

वाराणसी. पीएम नरेन्द्र मोदी के नोटबंदी की घोषणा का फायद बिजली विभाग को हुआ है। जहां एक ओर जनता नोटबंदी से परेशान है, वहीं दूसरी ओर बिजली विभाग में जबरदस्त राजस्व की वसूली हुई है। 500 व 1000 रुपये की नोट बंद होने के बाद बिजली विभाग ने जनता को अपना बिल बंद नोटों से भरने का निर्णय लिया। इस निर्णय के बाद लोगों ने राजस्व के रूप में एक हजार व पांच सौ के बंद हो चुके नोट जमा किये। इससे वाराणसी में पिछले महीने के मुकाबले नवंबर में पिछले 15 दिनों में ही 140 फीसदी और गतवर्ष की तुलना में 87 प्रतिशत अधिक राजस्व प्राप्ति हुई।

पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबन्ध निदेशक अजय कुमार सिंह ने शनिवार को पूर्वांचल के सभ मुख्य अभियंता (वितरण) एवं अधीक्षण अभियंता(वितरण) की इस माह मे चल रहे वसूली की समीक्षा की। भिखारीपुर स्थित कार्यालय में हुई बैठक में यह सामने आया कि मंडल से जुड़े कई क्षेत्रों में राजस्व वसूली का प्रतिशत 48 से लेकर 218 प्रतिशत तक ज्यादा रहा। प्रबंध निदेशक अजय कुमार सिंह ने इसके लिए अधिकारियों को बधाई भी दी। यह राजस्व वसूली 24 नवंबर 2016 तक की है। क्षेत्रवार समीक्षा करते हुए उन्होंने बताया कि बस्ती में पिछले साल की अपेक्षा 218 तथा पिछले महीने की अपेक्षा 70 फीसदी अधिक राजस्व आया। यह स्थिति क्रमश: गोरखपुर में 51 और 79, आजमगढ़ में 84 व 171, मिर्जापुर में 154 व 204 तथा इलाहाबाद में 48 और 42 प्रतिशत रहा।

वहीं कुछ क्षेत्रों में वसूली कम होने की शिकायत भी मिली, जिसपर प्रबन्ध निदेशक ने नाराजगी जाहिर की। इस पर अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि वे वसूली और बेहतर करेंगे। एमडी ने 15 दिसम्बर तक सभी कलेक्शन सेंटरों को नियमित रूप से खुला रखने और पांच सौ रुपये का पुराना नोट स्वीकार करने का निर्देश दिया। इसके अलावा उपभोक्ताओं के लिए टोल फ्री नंबर 18001805025 पर आने वाली कॉल को गंभीरता से लिया जाय और शिकायतों का तत्काल निस्तारण किया जाय। बता दें कि पूर्वाचल विद्युत वितरण निगम का विभिन्न श्रेणी के उपभोक्ताओ पर कुल लगभग 3846 करोड़ रुपये बकाया बिजली बिल है। 

प्रबन्ध निदेशक ने निर्देश दिया कि सम्बन्धित अधीक्षण अभियन्ता(वितरण) 50 हजार से एक लाख रुपये तक के बकायेदार उपभोक्ताओं से राजस्व वसूली के लिए कार्य करेंगे। अधिशासी अभियन्ता(वितरण) रूपये एक लाख रुपये से उपर के बकायेदारो से राजस्व वसूली का काम करेंगे। अधिशासी अभियन्ता(वितरण) अपने उपखण्ड अधिकारी व अवर अभियन्ता को राजस्व वसूली का लक्ष्य देंगे तथा वे इनके कार्यों का प्रत्येक दिन अनुश्रवण भी करेंगे। बैठक में अजीत सिंह, आरके वर्मा, एसवी त्रिपाठी, ओपी गुप्ता, एके राय, अश्वनी कुमार, सीपी गुप्ता, डीके सिंह, एसी झा, पीपी सिंह, एके सिंह, सुबाष यादव, मनीष अग्रवाल, एके श्रीवास्तव, एके सिंह, शैलेंद्र कुमार, रत्नेश कुमार, राजीव कुमार, आरएन सिंह, एआर वर्मा, राकेश सिन्हा आदि उपस्थित रहे। 
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