पत्रिका ने ही जताई थी संभावना वाराणसी मेयर पद होगा OBC महिला

Ajay Chaturvedi

Publish: Oct, 13 2017 01:41:17 PM (IST) | Updated: Oct, 13 2017 01:48:18 PM (IST)

Varanasi, Uttar Pradesh, India
पत्रिका ने ही जताई थी संभावना वाराणसी मेयर पद होगा OBC महिला

अप्रैल में लिखी गई थी खबर, और वही हुआ, अब तक के चार चुनावों में सिर्फ एक बार सामान्य रही है मेयर सीट।

 

डॉ अजय कृष्ण चतुर्वेदी

वाराणसी. आखिरकार पत्रिका की खबर सच साबित हुई और वाराणसी का मेयर पद ओबीसी महिला के लिए आरक्षित हो गया है। बता दें कि 1995 से लेकर अब तक केवल 2012 में ही बनारस मेयर पद सामान्य रहा है। अन्यथा अब तक के चार चुनावों में यह सीट हर बार पिछड़ों के लिए ही आरक्षित रही। 22 साल बाद इतिहास दोहराया गया और फिर से महिला ओबीसी के हक में यह पद आरक्षित हुआ। विपक्ष और कुछ हद तक बीजेपी के लोगों को इससे भले झटका लगा हो पर यह कवायद तो अप्रैल में ही शुरू हो गई थी जब मई-जून में नगर निगम के चुनाव संभावित थे।

 

अप्रैल में ही नगर निगम प्रशासन जातीय सर्वे करा लिया था। यह चुनाव 2011 की जनगड़ना के आधार पर लड़ा जाना है और 2011 की जनगड़ना के मुताबिक बनारस की कुल आबादी 11.98 लाख थी। इसी आधार पर मेयर पद ओबीसी महिला के लिए आरक्षित हुआ है। निकाय चुनाव के जानकारों ने बताया कि न्यूनतम से अधिकतम जनसंख्या को आधार मानते हुए ही यह आरक्षण तय हुआ है। वैसे भी मेयर पद का आरक्षण नगर निगम की कुल आबादी और जातीय आंकड़ों के आधार पर शासन स्तर से ही होता है और यह अधिकार 1959 के नगर निगम अधिनियम के तहत शासन के पास सुरक्षित है। इसी के तहत बसपा, सपा और अब भाजपा ने अपने हिसाब से मेयर पद का आरक्षण निर्धारित किया है। यह दीगर है कि पूर्व की सरकारों ने भले ही अपने हिसाब से मेयर पद का आरक्षण तय किया हो पर वाराणसी में मेयर पद पर बीजेपी का ही कब्जा रहा।

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बनारस में अब तक चार चुनाव हुए हैं, 1995 में पहली बार मेयर का डायरेक्ट चुनाव हुआ। पहली दफा यह पद महिला ओबीसी के खाते में गया। दूसरे चुनाव में यह पद पिछड़ी जाति के लिए हुआ तब प्रदेश के पूर्व शिक्षा राज्यमंत्री अमरनाथ यादव मेयर बने। तीसरे चुनाव में भी यह पद पिछड़ों के लिए आरक्षित हुआ तब कौशलेंद्र सिंह मेयर बने। 2012 में पहली बार यह पद सामान्य हुआ तब रामगोपाल मोहले मेयर बने।

पहले सपा फिर भाजपा ने कोशिश की थी वाराणसी नगर के सीमावर्ती ग्रामीण क्षेत्रों को नगर निगम सीमा में शामिल कर लिया जाए लेकिन यह हो नहीं सका। ऐसे में इस बार भी वार्ड 90 ही हैं। यह दीगर है कि नए परिसीमन के बाद कई वार्डों का क्षेत्र परिवर्तित हो गया है। यह प्रत्याशियों के लिए मुश्किल भरा है। जहां तक वार्डों के आरक्षण का सवाल है तो यह पहले से तय था कि 27 फीसदी ओबीसी, 31 फीसदी वार्ड एससी और 30 फीसदी महिला खाते में जाना था। हुआ भी लगभग वैसे ही है। वैसे अप्रैल में हुए जातीय रैपिड सर्वे के आधार पर नगर में लगभग सात लाख सामान्य और चार लाख के करीब ओबीसी है।

 

अब मेयर पद का आरक्षण जारी हो जाने के बाद भाजपा, सपा, बसपा, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस में प्रत्याशी चयन की गुणा गणित शुरू हो गई है। हालांकि किस पार्टी का कौन अधिकृत प्रत्याशी होगा यह अभी तय नहीं है, कोई पत्ते भी नहीं खोल रहा लेकिन चर्चाओं के मुताबिक बीजेपी से पूर्व पार्षद निर्मला सिंह पटेल, पूर्व मेयर कौशलेंद्र सिंह की पत्नी के साथ पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सुचिता पटेल का नाम सबसे ऊपर चल रहा है। अभी एकाध पूंजीपति यानी होटल संचालक भी इस दौड़ में शामिल हैं। वैसे भी पीएम नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की जोड़ी चौंकाने वाले प्रत्याशी देने में माहिर है। ऐसे में अचानक कोई नया ऐसा नाम भी आ सकता है जिसकी कल्पना किसी ने न की हो। समाजवादी पार्टी से प्रबल दावेदारों में महानगर अध्यक्ष राजकुमार जायसवाल की पत्नी सत्या जायसवाल, निवर्तमान नगर निगम में सपा पार्षद दल के नेता रहे विजय जायसवाल, राजू यादव आदि के नाम लिए जा रहे हैं। हालांकि पार्टी में 23-23 अक्टूबर तक स्थिति काफी हद तक साफ हो जाएगी। बसपा इस मुद्दे पर शुक्रवार को बैठक कर रही है। अगर सबसे संकट में है तो कांग्रेस जिसके पास अभी तक कोई दमदार दावेदार आया ही नहीं है। पार्टी के ओहदेदार अभी संगठन में शीर्ष पद पाने की दौड़ में ही लगे हैं।

 

मेयर पद का आरक्षण

 


जिला नगर निगम आरक्षण

वाराणसी वाराणसी पिछड़ा वर्ग महिला

गोरखपुर गोरखपुर पिछड़ा वर्ग

मथुरा मथुरा-वृंदावन अनुसूचित जाति

मेरठ मेरठ अनुसूचित जाति महिला

फिरोजाबाद फिरोजाबाद पिछड़ा वर्ग महिला

सहारनपुर सहारनपुर पिछड़ा वर्ग

लखनऊ लखनऊ महिला

कानपुर नगर कानपुर महिला

गाजियाबाद गाजियाबाद महिला

आगरा आगरा अनारक्षित

इलाहाबाद इलाहाबाद अनारक्षित

बरेली बरेली अनारक्षित

मुरादाबाद मुरादाबाद अनारक्षित

अलीगढ़ अलीगढ़ अनारक्षित

झांसी झांसी अनारक्षित

फैजाबाद अयोध्या अनारक्षित

 

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