सियासी गोली दागेगा बाहुबली का सिपहसालार

सियासी गोली दागेगा बाहुबली का सिपहसालार
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एमएलसी बृजेश के साथी त्रिभुवन ने भी शुरू की सियासी अखाड़े में कूदने तैयारी

विकास बागी

वाराणसी. 19 मार्च 2009 को लखनऊ में दिन के लगभग 11 बजे बाइस साल से फरार यूपी पुलिस का सबसे बड़ा इनामी माफिया त्रिभुवन सिंह बुलेटप्रूफ एसयूवी से विज्ञानपुरी स्थित एसटीएफ दफ्तर पहुँचता है। गेट पर उससे पूछताछ होती है तो वह रािस्टर में अपनी एन्ट्री सही नाम से दर्ज करता है और फिर एसटीएफ के एसएसपी अमिताभ यश से मिल उन्हें बताता है कि वह ब्रजेश सिंह गिरोह के खास सदस्य और पाँच लाख ईनामी त्रिभुवन हैं। पुलिस भी त्रिभुवन का दुस्साहस देखकर हैरान रह गयी थी। पुलिस को अपने कारनामों से चकित करने व तीन-तीन भाइयों की हत्या के बाद पारिवारिक रंजिश में जरायम की दुनिया में कदम रखने वाले त्रिभुवन सिंह ने भी उत्तर प्रदेश की चुनावी जंग में सियासी गोली दागने की तैयारी शुरू कर दी है। यह वही त्रिभुवन सिंह हैं जिनसे दोस्ती निभाने के लिए बाहुबली एमएलसी बृजेश सिंह की दशकों पहले मुख़्तार गिरोह से अदावत हुई जो अब तक जारी है। 
फरारी के दिनों में बाहुबली एमएलसी बृजेश के साथ रहने वाले त्रिभुवन सिंह ने गाजीपुर से चुनावी जंग में कूदने का मन बनाया है। वि‍श्‍वस्‍त सूत्रों की मानें तो माफि‍या डॉन से सफेदपोश का चोला पहनने को आतुर त्रि‍भुवन सिंह गाजीपुर की जंगीपुर वि‍धानसभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। हाल ही में हुए जंगीपुर  उपचुनाव सपा से कि‍स्‍मती देवी ने जीत का परचम लहराया था। ये वि‍धानसभा सीट उनके पति‍ और यूपी में कैबि‍नेट मि‍नि‍स्‍टर रहे कैलाश यादव के नि‍धन के बाद रि‍क्‍त हो गई थी। सूत्रों की मानें तो अब त्रि‍भुवन  की नजर जंगीपुर वि‍धानसभा सीट पर टि‍की हुई है।
पीलीभीत जेल में बंद त्रि‍भुवन को फिलहाल किसी बड़े दल से टिकट मिलने की आस नहीं है इसलिए उसके समर्थकों ने क्षेत्रीय दलों और अन्य छोटी पार्टियों से संपर्क करना शुरू कर दिया है। भासपा और अपना दल के बड़े नेताओं के संपर्क में त्रिभुवन समर्थक लगातार हैं।

एमएलसी की हरी झंडी मिली, कुनबा होगा बड़ा

पीलीभीत जेल में बन्द माफिया डॉन त्रिभुवन ने चुनाव लड़ने की अपनी ख्वाहिश माफिया से माननीय बने बृजेश सिंह तक पहुंचाई। सबसे विश्वनीय साथी की इच्छा का सम्मान करते हुए बृजेश ने गाजीपुर से चुनावी ताल ठोंकने की सहमति दे दी। बृजेश की सहमति और त्रिभुवन के चुनाव लड़ने से बाहुबली एमएलसी के सियासी कुनबे में इजाफा होगा। हालांकि गाजीपुर में मोख्तार गैंग के वर्चस्व को यह सीधे चुनौती होगी। सपा के साथ पहले विलय फिर मामला टांय-टांय फिस्स होने से मोख्तार समर्थक वैसे ही भड़के हैं। इधर बृजेश का कुनबा लगातार मोख्तार गैंग को सियासी अखाड़े में पटखनी दे रहा है।

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