बीएचयू में मोबाइल की रोशनी में हआ ऑपरेशन, एम्स जैसी व्यवस्था के दावे पर उठे सवाल

  • मामले के तूल पकड़ने के बाद बीएचयू ने दिये जांच के आदेश

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
वाराणसी. बीएचयू ट्राॅमा सेंटर में एक बड़ी लापरवाही सामने आयी है। यहां डाॅक्टरों ने मोबाइल की रोशनी में आपरेशन को अंजाम दिया। इसके फोटोज वायरल होते ही मामले ने तूल पकड़ लिया। अब बीएचयू की ओर से इस मामले की जांच की जा रही है। इसके सामने आने के बाद एम्स जैसी व्यवस्था का दावा करने वाले बीएचयू में स्वास्थ्य व्यवस्था के दावों पर सवाल खड़े किये जा रहे हैं।

 

बीएचयू ट्राॅमा सेंटर परिसर में ही दंत चिकित्सा विज्ञान संकाय संचालित होता है। इसमें पड़ोसी राज्य बिहार तक से मरीज आते हैं। कहा जा रहा है कि सोमवार को सुबह करीब 10 बजे के आसपास डेंटल सर्जरी शुरू हुई। ऑपरेशन चल ही रहा था कि 10.20 बजे पावर कट हो गया। ऑपरेशन न रुके इसलिये डाॅक्टरों ने मोबाइल निकालकर उसकी फ्लैट लाइट टाॅर्च जला दी और सर्जरी जारी रही। बताया जा रहा है कि सर्जरी करने वाली टीम ने अपनी रिपोर्ट में भी बिजली कटने और वैकल्पिक व्यवस्था में भी प्रकाश के खराब इंतजाम का जिक्र किया है।

 

इसकी तस्वीरें वायरल होते ही हड़कम्प मच गया। मामले ने तूल पकड़ा और लोग व्यवस्था पर सवाल उठाने लगे। बीएचयू की ओर से इसपर सफाई भी आई और जांच कर कार्रवाई की बात भी कही जा रही है। डाॅ. टीपी चतुर्वेदी ने बताया क विभाग के डीन डॉ. विनय श्रीवास्तव द्वारा इस बात की जांच की जा रही है क लापरवाही कहां से हुई। दंत चिकित्सा विज्ञान के हेड प्रो. विनय श्रीवास्तव ने मीडिया से बताया है कि जेनरेटर खराब नहीं था। इसके पीछे कुछ और गड़बड़ी हुई है। उन्होंने कहा है कि इस लापरवाही के लिये जो भी जिम्मेदार होंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा है कि प्रकरण की जांच शुरू कर दी गई है, जिसमें तीन से चार दिन का समय लगता है। जांच रिपोर्ट आने के बाद जो भी जिम्मेदार होगा उसपर कार्रवाई की जाएगी।

रफतउद्दीन फरीद
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