इसलिए पर्यटकों को लुभा रही है गंगा की सैर, भोर से डुबकी लगाने पहुंच जाते हैं सैकड़ों लोग

इसलिए पर्यटकों को लुभा रही है गंगा की सैर, भोर से डुबकी लगाने पहुंच जाते हैं सैकड़ों लोग
इसलिए पर्यटकों को लुभा रही हैं गंगा की सैर, भोर से डुबकी लगाने पहुंच जाते हैं सैकड़ों लोग

Ashish Kumar Shukla | Updated: 04 Jun 2019, 06:43:03 PM (IST) Varanasi, Varanasi, Uttar Pradesh, India

लोगों की भारी भीड़ से घाटों पर कौतूहल, बच्चे भी जमकर सीख रहे तैराकी, तस्वीरों के लिए खूब चटक रही कैमरे की फ्लैश, कोई घोड़े तो कोई कर रहा ऊंट की सवारी

वाराणसी. मई के आखिरी दिनों औऱ जून की शुरूआत होने के साथ ही बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में पर्यटकों की भारी भीड़ देखी जा रही है। पूर्वात्तर से लेकर दक्षिण भारत तक के श्रद्दालू अपने परिवार के साथ काशी घूमने पहुंच रहे हैं। लेकिन यहां गर्मी भी लोगों को खूब सता रही है। तापमान 46 डिग्री के ऊपर होने के कारण पर्यटक गंगा में खूब गोते लगा रहे हैं और गर्मी से बड़ी निजात पाने की कोशिश कर रहे हैं। राजेन्द्र प्रसाद , अस्सी, केदार, तुलसी समेत तमाम घाटों पर लोगों की भारी भीड़ गंगा की गोद में जलक्रीडा कर आनंदित नजर आती है।

मंगलवार की सुबह भी इन घाटों का नजारा अद्भभुत रहा। भोर के चार बजे से ही पर्यटकों की कतारें काशी के घाट पर पहुंचकर गंगा में डुबकी लगाते दिखीं। बहुत से लोग गंगा के इस किनारे तो बहुत सारे लोग उस पार जाकर भी डुबकी लगाते रहे। पटना के रहने वाले तरूण झा कहते हैं कि हम अपने बच्चों और परिवार के साथ काशी घूमने आये हैं। एक सप्ताह की यात्रा पर आये तरूण का कहना है के वो भोर में पांच बजे यहां पहुंच जाते हैं और तीन घंटे तक जलक्रीडा का आनंद लेते हैं। वहीं सुल्तानपुर के रहने वाले भरत तिवारी भी अपने घर वालों के साथ यहां आए हैं, गंगा में डुबकी लगाते हुए वो कहते हैं कि इस गर्मी में गंगा स्नान से बड़ा सुकून मिलता है और सुबह गंगा स्नान से दिन भर गर्मी का अहसास नहीं होता। इन जैसे सैकड़ों लोग गंगा में घंटों डुबकी लगाकर आनंद से सराबोर हो रहे हैं।

जत्थे से भरी नाव बन रही लोगों के लिए कौतूहल

गंगा किनारे पहुंचे पर्यटकों की भारी भीड़ इस पार से उस पर जाने के लिए नाव का सहारा ले रही है। कई लोग अपनी नाव बुक कर रहे परिवार को उस पार ले जा रहे तो कई लोग शेयरिंग के भाव तय कर उस पार गंगा में डुबकी लगाने जा रहे हैं। पूछने पर सोनभद्र के रहने वाले अवनीश कहते हैं कइ उस पार जाने का मकसद बस इतना रहता है कि वहां से काशी के सभी 84 घाटों का विहंगम दृश्य दिखता है जिससे काशी की आभा और सुंदरता मन मस्तिष्क में समां जाती है। कुछ लोग कहते हैं कि उस पार जाने का मकसद नाव की यात्रा करनी भी है। इस पार उस पार करती नाव से भरे लोगों का जत्था गंगा की बीच धारा में पहुंचते ही खुशी से आह्लादित हो जाता है। पास से गुजरती नाव पर सवार लोगों से हाथ हिलाकर हर कोई एक-दूसरे का अभिवादन करता भी खूब नजर आते हैं।

घोड़े की सवारी, ऊंट पर सेल्फी ले रहे पर्यटक

गंगा के उस पार जाकर लोगों को आभास होता है कि वो जैसे मुंबई या गोवा बीच पर हों। यहां पर तकरीबन सौ से अधिक की संख्या में घोड़े हैं जिस पर लोग घुड़सवारी का आनंद ले रहे हैं। इतना ही नहीं कुछ लोगों ने अपने ऊंट भी यहां लगा रखे हैं। जो 50 रूपये लेकर लोगों को ऊंट की सवारी भी कराते हैं। यहां पर चल रही तेज हवायें सुबह में लोगों का गर्मी से खूब निजात देती हैं। पर्यटकों की बात करें तो उस पर तकरीन पांच हजार से भी अधिक लोग गंगा में डुबकी लगाकर गर्मी से राहत पा रहे हैं।

बच्चे भी सीख रहे तैराकी का हुनर

बच्चों को गंगा किनारे लेकर आये उनके कई गार्जिनयन कहते हैं कि वो अपने बच्चों को तैराकी का हुनर सिखा रहे हैं। वो कहते हैं कि तैराकी सिखाने के लिए ये समय सबसे बेहतर है जब उनकी छुट्टियां हैं और पानी में देर तक नहाने से कोई नुकसान भी नहीं है। कई बच्चे तो 10 से 15 दिनों की मेहनत में ही तैरानी सीखकर बड़े मन से गंगा में गोते लगा रहे हैं।

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