पितृपक्ष 2019: इस समय भूलकर भी न करें ये गलतियां, नहीं तो पितरों की आत्मा हो जाएगी नाराज

धार्मिक मान्यता है कि पिंडदान की पूजा में किसी तरह की लापरवाही करने से आपके पितरों की आत्मा आपसे नाराज या अशांत हो सकती है

By: sarveshwari Mishra

Updated: 05 Sep 2019, 03:39 PM IST

वाराणसी. हिंदू धर्म में श्राद्ध का बहुत अधिक महत्व है। पितृपक्ष शुरू होते ही पितरों की पूजा और पिंडदान शुरू हो जाता है। इस साल यह 13 सितम्बर से लेकर 28 सितम्बर तक है। इस दौरान पितरों की आत्मा की शांति के लिए पूजा की जाती है। पितृपक्ष में अपने पूर्वजों को पिंडदान और तर्पण दिया जाता है। इसलिए इस पूजा को विधिपूर्वक करना चाहिए। धार्मिक मान्यता है कि पिंडदान की पूजा में किसी तरह की लापरवाही करने से आपके पितरों की आत्मा आपसे नाराज या अशांत हो सकती है। इसलिए इसको करते समय कुछ बातों का खास ध्यान रखना चाहिए। कई ऐसे कार्य है जो इस समय नहीं करने चाहिए।

न करें ये काम
1- पितृपक्ष में तर्पण या श्राद्ध करना ना भूलें। इस समय में आपके द्वारा किया गया श्राद्ध ना केवल आपके पितरों को, बल्कि ब्रह्मांड में विचरण कर रहे सभी पितरों के लिए मोक्ष प्राप्ति के द्वार खोलता है।


2. पितृ पक्ष में खाने से लेकर कपड़े पहनने तक में कई सावधानियां बरतनी पड़ती हैं। कई लोग इन नियमों से अंजान रहते हैं और कुछ ऐसा कर देते हैं जिसे शास्त्रों में निषेध माना गया है।


3-पितरों के लिए श्राद्ध और तर्पण करना इसलिए अनिवार्य बताया गया है क्योंकि इससे उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है। अगर आपको उनकी मृत्यु की तिथि याद नहीं भी है तो सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या (पितृपक्ष का आखिरी दिन) के दिन भी तर्पण कर सकते हैं। आप रोजाना भी तर्पण और ब्राह्मण को भोजन करा सकते हैं।


4-पितृ पक्ष के दौरान आपके द्वार पर आने वाले किसी भी अतिथि का अनादर ना करें। इन 16 दिनों में हो सकता है आपके पितर कोई रूप धारण कर आपके द्वार पर खड़े हो जाएं। इसलिए इस दौरान किसी भी भिक्षुक, अतिथि या किसी भी आगंतुक का अनादर ना करें।


5-इस दौरान आपको पशु-पक्षी को भी भोजन और जल देना चाहिए। साथ किसी भी जीव को परेशान ना करें, अन्यथा आपके पितृजन आपसे नाराज हो सकते हैं। इस इस बात का भी विशेष ध्यान रखें कि आपके द्वारा गाय और ब्राह्मण का अपमान ना हो। गाय को ना तो परेशान करें और ना ही किसी प्रकार की चोट पहुंचाएं।

6-कई लोगों को बासी खाना खाने की आदत होती है लेकिन पितृपक्ष में इस बात का विशेष ध्यान रखें कि इन 16 दिनों में आप किसी भी प्रकार का बासी खाना ना खाएं। साथ ही संभव हो तो मांस या शराब का सेवन भी ना करें।


7-पितृ पक्ष के दौरान पेड़-पौधे भी ना काटें क्योंकि वे भी सजीव हैं। ऐसा करने से भी पितृ-दोष का सामना करना पड़ता है जो आपके लिए कई संकट ला सकता है। नाराज पितर क्रोध में आकर आपको श्राप भी दे सकते हैं।


8-तर्पण या श्राद्ध करते समय केवल काले तिल का ही प्रयोग करें। शास्त्रों में भी काले तिल के महत्व को बताया गया है। इसके अतिरिक्त यह पूर्वजों को भी अत्यंत प्रिय होता है। पितृ-पक्ष में इस बात का भी ध्यान रखें कि ब्राह्मण को केवल मध्याह्म के समय ही भोजन कराएं।

9-इस दौरान नए वस्त्र धारण करना या खरीदना भी निषेध माना गया है ऐसा करना भी आपको पितृदोष का भागीदार बना सकता है। झूठ बोलना, किसी का बुरा चाहना या करना जैसे अनैतिक काम भी इस दौरान ना करें।

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