प्रो जीडी अग्रवाल की मौत पर PM के सांसद आदर्श गांव में गुस्सा, पत्र भेज कर चेताया, कहा...

Ajay Chaturvedi

Updated: 12 Oct 2018, 02:51:37 PM (IST)

Varanasi, Uttar Pradesh, India

मिर्जामुराद/वाराणसी. गंगा की अविरलता और निर्मलता के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले देश के जाने माने टेक्नोक्रेट, पर्यावरणविद् प्रो जीडी अग्रवाल उर्फ स्वामी सानंद की मौत की खबर से वैसे तो पूरी काशी गुस्से में है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सांसद आदर्श गांव नागेपुर के लोगों ने जिस तरह का विरोध दर्ज कराया है वह काफी मायने रखता है। नागेपुर के निवासियों जिनमें महिलाओं की तादाद ज्यादा रही ने पीएम को पत्र भेज कर चेताया है कि स्वामी जी का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। हम इसका कड़ा विरोध करते हैं। जिस गंगा को लेकर आपने कहा था कि मुझे मां गंगा ने बुलाया है, उसी गंगा के लिए स्वामी जी को प्राण देना पड़ा यह शर्मनाक है, दुःखद है।

गंगा की अविरलता और निर्मलता के लिए गत 22 जून से आमरण अनशन पर बैठे गंगा प्रेमी स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद के निधन पर प्रधानमंत्री आदर्श गांव नागेपुर के निवासियों ने मुंह पर काली पट्टी बांधकर गहरा शोक जताया और सरकार के प्रति अपना आक्रोश व्यक्त किया। लोक समिति द्वारा आयोजित श्रद्धांजलि सभा में लोगों ने स्वामी सानंद के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया।

इस अवसर पर शोकसभा में वक्ताओं ने कहा कि गंगा प्रेमी और ग्रामवासी उनके निधन से मर्माहत हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि वे उनकी इस मौत के लिए सरकार कि हठवादिता को जिम्मेदार मानते है। न्यायालय के विभिन्न आदेशों के बावजूद स्वामी जी के अनशन के मामले में उत्तराखंड और केंद्र की सरकार ने उपेक्षित रवैया अपनाया। स्वामी जी की बड़ी बांध परियोंजनाओं को निरस्त करने की मांग बहुत ही जायज थी। लेकिन कार्पोरेट जगत के इशारे पर सरकारें गंगा के नाम पर जनता को केवल धोखा देती रही हैं। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। वैसे स्वामी जी का बलिदान व्यर्थ नही जाएगा। सरकार अगर जल्द गंगा पर कोई ठोस कदम नही उठाती है तो ग्रामवासी गंगा प्रेमी के लिए साथ मिलकर जनांदोलन के लिए बाध्य होंगे।


लोक समिति संयोजक नंदलाल मास्टर ने कहा कि गंगा की अविरलता और निर्मलता के लिए स्वामी सानंद जी की मांग जायज थी जिसपर तत्काल विचार किया जाना अति आवश्यक है। लेकिन सरकार नमामि गंगे के नाम पर करोड़ो रूपये बेवजह की फूंक रही है। स्वामी जी की मांग पर विचार नही किया, यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। स्वामी जी उपवास करके सरकार से कैबिनेट में गंगा एक्ट पास करने व गंगा पर बने सभी बांधो को तोड़ने की मांग कर रहे थे। गंगा भक्त बने राजनेताओं को उनकी ये बातें अच्छी नही लगीं। नतीजन उन्हें अपना जीवन गवाना पड़ा।

कार्यक्रम में अमित रामबचन, सोनी, सरिता, अनीता, विद्या, सीमा, पंचमुखी, श्यामसुंदर मास्टर, सुनील, मनीष, शमा बानो, मनोज, मधुबाला, गुलाब, कलावती, मीरा, संगीता, उषा, आदि शामिल रहे।

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