पीएम मोदी के करीबी ने मेक इन इंडिया को लगाया पलीता 

पीएम मोदी के करीबी ने मेक इन इंडिया को लगाया पलीता 
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डिजीटल इंडिया के नाम पर थमाया चीन का मोबाइल हैंडसेट, जानिए क्यों अचानक उठने लगा धुआं

वाराणसी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शपथ लेने के साथ ही भारतीयों को दो सपने दिखाए। एक तो मेक इन इंडिया और दूसरा स्वच्छ भारत अभियान। धीरे-धीरे ही सही स्वच्छ भारत अभियान की मुहिम असर ला रही है। बड़ी बात यह कि मोदी के खास कहिए या चहेते या फिर भारत के सबसे अमीर शख्स यानि मुकेश अंबानी को मेक इन इंडिया पर खास भरोसा नहीं है। यह हम नहीं भारतीय सेना की सर्जिकल स्ट्राइक के बाद उपजे हालात में चीन को लेकर सोशल मीडिया पर छिड़ी जंग में उछल रहे हैं। चीनी उत्पादों के बहिष्कार की जंग में मुकेश अंबानी भी निशाने पर आ गए हैं। 

दरअसल सोशल मीडिया पर दो गुट बंट गया है। फेसबुक, ट्विटर, व्हाटस एप और अन्य सोशल मीडिया एप्स पर एक गुट आगामी पर्वों पर चायनीज सामानों की खरीदारी की मुखालफत कर रहा है क्योंकि चीन ने पाकिस्तान के समर्थन में ब्रह्मपुत्र नदी का पानी रोक दिया है। चीनी सामानों के बहिष्कार को लेकर तमाम संगठन भी इसमें कूद पड़े हैं। 

सोशल मीडिया के दूसरे गुट का कहना है कि फिलहाल तो भारत के कारोबारी चीन से सामान मंगा चुके हैं और ऐसे में विरोध करने से भारतीय अर्थव्यवस्था पर ही प्रभाव पड़ेगा और ग्लोबलाइजेशन के दौर में यह संभव भी नहीं है। और विरोध करना है तो सबसे पहले जेब में पड़े उस मोबाइल हैंडसेट को फेंकिए जो चीन में बना है। गौरतलब है कि चीनी मोबाइल का इस समय भारत में अन्य मोबाइल हैंडसेट कंपनियों के मुकाबले आधे से अधिक हिस्सेदारी है।   

चीनी सामानों का बहिष्कार करने वालों से सोशल मीडिया का दूसरा वर्ग पूछ रहा है कि यदि ऐसा ही है तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खास मित्र व देश के सबसे अमीर शख्स मुकेश अंबानी ने 4 जी जियो सिम के साथ शुरूआती दौर में मोबाइल हैंडसेट एलवाईएफ की शर्त लगाई थी, वह मोबाइल हैंडसेट चीन में बना है। 

नरेंद्र मोदी ने भी डिजीटल इंडिया के नाम पर अंबानी के जियो सिम का प्रचार किया था। मुकेश अंबानी को सिम के साथ हैंडसेट देना ही था तो कम से कम उनके पास इतना पैसा तो है ही कि वह भारत में मोबाइल हैंडसेट बनाने की फैक्ट्री डाल देते। मुकेश अंबानी के इस कदम से देश में रोजगार के अवसर पैदा होते। भले ही अंबानी ने अब मोबाइल हैंडसेट की बाध्यता हटा दी है लेकिन अब तक लाखों चीन निर्मित मोबाइल हैंडसेट भारतीयों की जेब में पहुंच चुका है। 

मोबाइल के कारोबार से जुड़े अनुज प्रताप सिंह का कहना है कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चाहिए की चीन को सबक सिखाने के लिए पहले देश में कल-कारखाने खुलवाए और जो सामान चीन से आयात किया जा रहा है, उसे देश में बनवाए ताकि रोजगार पैदा हो और देश वास्तव में प्रगति के पथ पर आगे बढ़े। 
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