मोदी की सुरक्षा में अखिलेश सरकार फेल

मोदी की सुरक्षा में अखिलेश सरकार फेल
modi stage fire by electric short circuit

बनारस में मोदी के आने कुछ देर पहले मंच के नीचे रखे नंगे तारों में लगी आगबीते साल मंच निर्माण के दौरान गई थी एक मजदूर की जान

विकास बागी
वाराणसी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मंच एक बार फिर धोखा दे गया। अस्सी घाट पर बने मंच पर मोदी के पहुंचने से चंद मिनट पहले ही  विद्युत शार्ट सर्किट हो गया। मंच पर उस समय वाराणसी के महापौर रामगोपाल मोहले, विधायकद्वय ज्योत्सना श्रीवास्तव, रविंद्र जायसवाल व विधान परिषद सदस्य लक्ष्मण आचार्य मौजूद थे। संयोग अच्छा था कि नंगे विद्युत से निकली चिंगारी मंच के कपड़ों तक नहीं पहुंची अन्यथा बड़े हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता है। भाजपा ने इस लापरवाही के लिए जिला प्रशासन से लेकर उत्तर प्रदेश के मुखिया अखिलेश यादव तक को कठघरे में खड़ा कर दिया है। 
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने रविवार को अस्सी घाट पर नाविकों को ई-बोट की सौगात देने के बाद बनारस की जनता से संवाद किया। कार्यक्रम पहले से तय था। जिला प्रशासन की निगरानी में घाट पर मंच तैयार कराया गया था। पीएम मोदी जब ज्ञान प्रवाह में थे, उसी बीच अस्सी घाट पर बने मंच के नीचे बिछे नंगे तार आपस में रगड़ खाकर चिंगारी फेंकने लगे। यह देख जिला प्रशासन से लगायत पुलिस अधिकारियों व सुरक्षा एजेंसियों के हाथ-पांव फूल गए। मंच के सामने मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं व काशीवासियों के शोर मचाने पर जन प्रतिनिधि तत्काल मंच से नीचे उतरे। विद्युत शार्ट सर्किट से लगी आग को बुझाने के बाद नंगे तारों को वहां से हटाया गया। 

बीते साल हो गई थी मजदूर की मौत

यह तो तय है कि मंच निर्माण से जुड़े जवाबदेह अधिकारियों ने बीते साल हुई घटना से कोई सबक नहीं लिया अन्यथा अपनी रिपोर्ट जरूर लगा दी। गौरतलब है कि बीते साल जुलाई में पीएम मोदी को डीरेका आना था। उनके स्वागत के लिए तैयार हो रहे मंच पर करेंट उतरने से मिदनापुर, पश्चिम बंगाल के मजदूर देवनाथ की मौत हो गई थी। मजदूर की मौत के कारण प्रधानमंत्री ने अपना कार्यक्रम भी रद कर दिया था।  इस मामले में हो हल्ला होने पर जिला प्रशासन ने मजिस्ट्रेटी जांच भी कराई थी। कुछ दिनों पूर्व ही प्रकरण की मजिस्ट्रेटी जांच पूरी हुई थी जिसमें मजदूर की मौत को हादसा बताया गया। 

हर बार होती है लापरवाही
पत्रिका के पास कुछ ऐसी तस्वीरें हैं जिससे यह साफ होता है कि पीएम के आगमन पर मंच निर्माण के दौरान हर बार ऐसी लापरवाही बरती जाती है। पिछली बार पीएम जब डीरेका में दिव्यांगों को उपकरण बांटने आए थे, उस दौरान भी मंच के नीचे और आसपास नंगे तारों का जाल था। संयोग अच्छा था कि उस बार कोई घटना नहीं हुई थी। मंच और विद्युत व्यवस्था के लिए जिम्मेदार विभाग द्वारा लगातार बरती जा रही लापरवाही किसी दिन भारी पड़ सकती है।
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