चंद्रशेखर की कर्मभूमि से मोदी पढ़ाएंगे मुलायम-नीतीश को समाजवाद का पाठ

चंद्रशेखर की कर्मभूमि से मोदी पढ़ाएंगे मुलायम-नीतीश को समाजवाद का पाठ
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Vikas Verma | Updated: 01 May 2016, 12:24:00 PM (IST) Varanasi, Uttar Pradesh, India

पूर्वांचल के दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी, जानिए क्या करेंगे आज पीएम मोदी

वाराणसी. गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले पांच करोड़ गरीब परिवारों को एलपीजी कनेक्शन देने के लिए उज्जवला योजना कार्यक्रम का बलिया से शुभारंभ करने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को पूर्वांचल के दौरे पर पहुंचे। एयर इंडिया वन से सुबह साढ़े दस बजे वाराणसी एयरपोर्ट पहुंचे पीएम मोदी सेना के हेलीकाप्टर से बलिया रवाना हुए। 
भारत के पूर्व प्रधानमंत्री व देश के कद्दावर नेताओं में शुमार दिवंगत चंद्रशेखर सिंह की कर्मभूमि बलिया से प्रधानमंत्री मोदी द्वारा उज्जवला योजना के शुभारंभ को रणनीतिकार उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2017 का आगाज मान रहे हैं। टीम मोदी द्वारा पूर्वांचल के पिछड़े इलाके में शुमार बलिया को चुनने के पीछे की असल वजह एक तीर से कई निशाने साधने का है। 
बिहार में विजय पताका फहराने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उत्तर प्रदेश विस चुनाव में भी मोदी के खिलाफ ताल ठोंकने की तैयारी शुरू कर दी है। नीतीश कुमार यूपी में विस चुनाव का बिगुल फूंकने 12 मई को प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी आ रहे हैं। समाजवाद का झंडा लेकर चल रहे नीतीश और मुलायम को उत्तर प्रदेश में रोकने के लिए टीम मोदी के पास बलिया से बेहतर विकल्प नहीं था। वजह-पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर सिंह की कर्मभूमि बलिया कभी समाजवादियों का गढ़ मानी जाती थी। उत्तर प्रदेश में समाजवाद की परिभाषा से चंद्रशेखर ने अवगत कराया। आज उसी समाजवाद के बूते मुलायम सिंह यादव से लेकर नीतीश कुमार तक सत्ता का केंद्र बने हैं। बलिया वासियों के विद्रोही तेवर के चलते बागी बलिया के नाम से प्रसिद्ध जिले की भौगोलिक स्थिति कुछ ऐसी है कि बस गंगा पार करिए और आप बलिया से बिहार में प्रवेश कर जाएंगे। बागी बलिया में गंगा व सरयू नदी के बीच पीएम मोदी सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव व जेडीयू के मुखिया मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अपने अंदाज में जवाब देंगे जिसे उत्तर प्रदेश के साथ ही बिहार में भी सुना जाएगा। 

चंद्रशेखर के बहाने सवर्ण वोट बैंक पर निशाना

राजनीतिक रणनीतिकार मानते हैं कि पूर्वांचल में सवर्ण वोट बैंक के बिना भाजपा की नाव पार नहीं होने वाली। पूर्वांचल की धरती पर पैदा हुए पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर सिंह के कद का कोई सवर्ण नेता नहीं हुआ। चंद्रशेखर सिंह के बहाने मोदी की सवर्ण वोट बैंक के साथ ही खाटी समाजवादियों पर भी मोदी की निगाह होगी। 
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