वर्ल्ड तकनीकी से होगा PM के संसदीय क्षेत्र में विकास कार्य

कार्य की गुणवत्ता के लिए कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण का फैसला।

 

By: Ajay Chaturvedi

Published: 11 Sep 2017, 10:00 PM IST

वाराणसी. प्रधानमंत्रनरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में अब विश्व स्तरीय तकनीकी से होंगे विकास कार्य। ऐसा इसलिए ताकि जो भी कार्य हो वह मानक पर खरा उतरे। उसकी गुणवत्ता मानक के अनुरूप हो। यह फैसला कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण ने लिया है। इस संबंध में कमिश्नर की अध्यक्षता में सोमवार को विकास कार्यों को समय से पूर्ण किए जाने में आ रही व्यवहारिक कठिनाईयों के बाबत व्यापक विचार विमर्श किया गया। कार्यशाला में गिरि एवं उनके टीम के सदस्यों द्वारा विश्व स्तर के मानकों एवं अत्याधुनिक तकनीकि एवं संशाधनों का उपयोग करते हुए कार्य को समयबद्ध रूप से व गुणवत्ता के अनुरूप पूर्ण कराने के लिए विस्तार से जानकारी दी। साथ ही तय किया गया कि हर स्तर पर प्रोग्राम मैनेजमेंट ऑफिस (पीएमओ) तैयार कर पूर्ण रूपेण सहयोग दिया जाएगा।

 

कार्यशाला में विशेष आमंत्रित विशेषज्ञ रंजन द्विवेदी ने भी प्रतिभाग किया। इनके अलावा उपेन्द्र गिरी, सीईओ, के थरेजा, टाउन प्लानर, राजीव चौधरी, रिवर फ्रंट स्पेसिलिस्ट, हर्षवर्धन, आर्किटेक्ट एंड टाउन प्लानर, अनुज सक्सेना, सिविल इंजीनियर एंड आर्किटेक्ट, प्रवीन बवेजा, जीपीआर एंड जीआईएस एक्सपर्ट (अण्डर ग्राउण्ड स्कैनिंग), मृदुल, आर्किटेक्ट, आलोक दीप, प्रोग्राम मैनेजमेन्ट एक्सपर्ट, सुरेश वर्मा, आईटी स्पेसिलिस्ट, आर सिन्हा, चीफ एडिटर (जर्नलिस्ट) न्यूज फैक्स द्वारा जिले में गतिमान योजनाओं, परियोजनाओं से संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों से गतिमान परियोजनाओं को समय से पूर्ण किए जाने में आ रही व्यवहारिक कठिनाईयों के बावत व्यापक विचार विमर्श किया गया। कार्यशाला में सिंचाई विभाग, जल निगम, सेतु निगम, जल संस्थान, नगर निगम, आईपीडीएस आदि संस्थाओं व विभागों के प्रतिनिधियों, अधिकारियों द्वारा स्वीकृत परियोजनाओं को कराने में आ रहे व्यवधानों के संबंध में विस्तार से अवगत कराया गया। बता दें कि इस शहर में पिछले तीन साल से चल रहे विकास कार्य या उससे पहले से जारी काफी कार्य अभी लंबित हैं। आलम यह है कि कोई भी सरकार रही हो जो भी विकास कार्य की मंजूरी दी गई या उनका शिलान्यास किया गया। उनमें से ज्यादातर काम निर्धारित अवधि में पूरा नहीं  हो सका। जो काम हए उनकी गुणवत्ता पर समय समय पर सवाल उठते रहते हैं। ऐसे में इन सभी बातों पर गौर करते हुए कमिश्नर ने विश्वस्तरीय तकनीकी से काम कराने का फैसला लिया है।

Ajay Chaturvedi
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